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Delhi : जाति जनगणना को लेकर कांग्रेस का हमला, सरकार से प्रक्रिया स्पष्ट करने की मांग

Delhi दिल्ली: कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर जाति जनगणना को लेकर देरी करने और प्रक्रिया को स्पष्ट न करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा कि सरकार को जाति जनगणना की घोषणा किए हुए एक वर्ष पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह गणना कैसे और किन तरीकों से की जाएगी। कांग्रेस ने इसे लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस प्रक्रिया में जानबूझकर देरी कर रहे हैं।
कांग्रेस के संचार विभाग के महासचिव जयराम रमेश ने इस मुद्दे पर बयान देते हुए कहा कि ठीक एक वर्ष पहले केंद्र सरकार ने यह घोषणा की थी कि आगामी जनगणना में जाति आधारित गणना को शामिल किया जाएगा। हालांकि, अब तक इसके क्रियान्वयन को लेकर कोई विस्तृत रूपरेखा सामने नहीं आई है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और एक पुरानी घटनाक्रम का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि 21 जुलाई 2021 को केंद्रीय गृह मंत्री ने लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में कहा था कि सरकार ने नीति के तौर पर जाति आधारित जनगणना न करने का निर्णय लिया है।
इसके अलावा उन्होंने 21 सितंबर 2021 को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक हलफनामे का भी उल्लेख किया, जिसमें केंद्र सरकार ने कहा था कि जाति आधारित जनगणना कराने के लिए न्यायालय का कोई निर्देश सरकार की पूर्व निर्धारित नीति में हस्तक्षेप माना जाएगा।
कांग्रेस का कहना है कि इन बयानों और मौजूदा घोषणा के बीच विरोधाभास है, जिससे सरकार की मंशा पर सवाल उठते हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि जाति जनगणना जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर स्पष्टता की कमी से सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि देश में सामाजिक न्याय और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए जाति आधारित आंकड़े बेहद जरूरी हैं, लेकिन सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाने से बच रही है।
वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जाति जनगणना का मुद्दा अब एक बड़ा राजनीतिक विषय बनता जा रहा है, जिस पर विभिन्न दलों के बीच बहस तेज हो गई है।
फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से इस विषय पर विस्तृत प्रक्रिया या समयसीमा को लेकर कोई नया आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।





