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दिल्ली: स्कूल में 12वीं की छात्रा की जलने से मौत, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

नई दिल्ली: दिल्ली के कृष्णा नगर इलाके में स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय में 12वीं कक्षा की 17 वर्षीय छात्रा की जलने से मौत के मामले ने स्कूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार, 24 अक्टूबर को स्कूल परिसर में छात्रा गंभीर रूप से जली हुई हालत में मिली थी। घटना के समय स्कूल में निरीक्षण चल रहा था और छात्राएं कक्षाओं में थीं। पुलिस इस मामले में सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है और शिक्षकों, स्कूल कर्मचारियों, सुरक्षा गार्ड तथा छात्रा के परिचितों से पूछताछ कर रही है। जांच में छात्रा की निजी परिस्थितियों और कथित ब्रेकअप के पहलू को भी शामिल किया गया है, हालांकि अभी तक मौत के पीछे की वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सातवें पीरियड में पानी पीने के लिए मांगी थी अनुमति
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छात्रा शनिवार को स्कूल में अपनी सातवीं पीरियड की कक्षा में मौजूद थी। इसी दौरान उसने शिक्षिका से पानी पीने के लिए कक्षा से बाहर जाने की अनुमति मांगी। इसके बाद वह कक्षा से बाहर चली गई। पुलिस के मुताबिक, छात्रा स्कूल परिसर में सुरक्षा गार्ड के कमरे के पीछे पानी की टंकी के पास पहुंची थी। कुछ देर बाद वहां छात्रा गंभीर रूप से जली हुई हालत में मिली।
घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। स्कूल के कर्मचारियों ने इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी। पुलिस और अग्निशमन विभाग को भी घटना की जानकारी दी गई। दिल्ली अग्निशमन विभाग को सुबह 11 बजकर 58 मिनट पर सूचना मिली थी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और छात्रा को डॉ. हेडगेवार अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों का कहना है कि छात्रा की मौत से पहले क्या हुआ था और वह स्कूल परिसर के उस हिस्से तक कैसे पहुंची, इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
सीसीटीवी फुटेज और सुरक्षा व्यवस्था की जांच
पुलिस ने मामले की जांच के लिए स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों का डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) अपने कब्जे में लिया है। फुटेज की मदद से छात्रा के कक्षा से निकलने के बाद की गतिविधियों और घटना से पहले की परिस्थितियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
जांच अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि छात्रा के कक्षा से बाहर जाने के समय संबंधित शिक्षक और स्कूल कर्मचारी कहां थे। स्कूल के सुरक्षा गार्ड से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानना चाहती है कि घटना के समय गार्ड अपनी ड्यूटी पर कहां मौजूद था और छात्रा के साथ हुई घटना की जानकारी सबसे पहले किसे मिली।
इसके अलावा स्कूल के उपस्थिति रजिस्टर की भी जांच की गई है। छात्रा को पढ़ाने वाले शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि घटनाक्रम को अलग-अलग बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर समझा जा सके।
पुलिस की क्राइम टीम और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। जांच में घटनास्थल के पास मिली वस्तुओं और छात्रा के स्कूल बैग से बरामद सामग्री की भी पड़ताल की जा रही है।
स्कूल बैग से मिला कथित सुसाइड नोट
इस मामले में जांच का एक अहम पहलू छात्रा के स्कूल बैग से मिला कथित सुसाइड नोट भी है। समाचार रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस को छात्रा के बैग से तीन पन्नों का एक कथित नोट मिला है। जांच अधिकारी उसकी सामग्री और प्रामाणिकता की पड़ताल कर रहे हैं। हालांकि, पुलिस ने नोट की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
पुलिस छात्रा के दोस्तों, सहपाठियों, परिजनों और अन्य परिचितों से भी बातचीत कर रही है। जांचकर्ता यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या छात्रा किसी निजी परेशानी, पारिवारिक तनाव, रिश्ते से जुड़ी समस्या या किसी अन्य परिस्थिति से गुजर रही थी।
कथित ब्रेकअप को भी जांच के संभावित पहलुओं में शामिल किया गया है। हालांकि, केवल इस आशंका के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि छात्रा की मौत के पीछे यही वजह थी। पुलिस को सभी पहलुओं की जांच करने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम स्पष्ट करने की जरूरत है। किसी भी संभावित कारण की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
परिवार ने उठाए सवाल, लापरवाही का लगाया आरोप
घटना के बाद छात्रा के परिजनों ने स्कूल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और स्कूल प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। परिवार के सदस्यों ने घटना की परिस्थितियों पर संदेह जताया है और आशंका व्यक्त की है कि मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका भी हो सकती है।
परिजनों ने यह सवाल भी उठाया है कि स्कूल में शिक्षकों, कर्मचारियों और सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी के बावजूद इतनी गंभीर घटना कैसे हो गई। परिवार की ओर से स्कूल स्टाफ की कथित लापरवाही को लेकर भी चिंता जताई गई है।
पुलिस इन आरोपों को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। फिलहाल, परिवार की आशंकाओं को किसी निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता। यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि घटना के दौरान स्कूल की निगरानी व्यवस्था में कोई चूक हुई थी या नहीं और यदि हुई थी, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार था।
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने भी स्कूल का दौरा कर मामले की जानकारी ली थी। उन्होंने पुलिस और स्कूल प्रबंधन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी और कहा कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बाल अधिकार आयोग ने भी मांगी रिपोर्ट
घटना को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने रविवार, 25 अक्टूबर को शिक्षा विभाग और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किए। आयोग ने संबंधित अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। इस मामले को 10 नवंबर को सुनवाई के लिए भी सूचीबद्ध किया गया है।
आयोग ने स्कूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। मामले में यह भी जांच का विषय है कि छात्रा स्कूल परिसर में ज्वलनशील पदार्थ कैसे लेकर पहुंची और घटना के समय उस स्थान पर निगरानी की व्यवस्था कैसी थी।
स्कूल परिसर में हुई इस घटना ने विद्यार्थियों की सुरक्षा, आपात स्थिति में तत्काल सहायता और स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए हैं। आयोग की
जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजह
फिलहाल, दिल्ली पुलिस सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक साक्ष्यों, कथित सुसाइड नोट और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। शिक्षकों, स्कूल कर्मचारियों, सुरक्षा गार्ड, सहपाठियों और परिवार के सदस्यों से मिली जानकारी का आपस में मिलान किया जा रहा है।
जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि छात्रा के साथ घटना से पहले क्या हुआ, वह स्कूल परिसर के संबंधित हिस्से तक कैसे पहुंची और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। साथ ही, परिवार की ओर से उठाए गए सवालों और लापरवाही के आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है।
इस मामले में अभी कई सवालों के जवाब सामने आना बाकी हैं। कथित ब्रेकअप समेत छात्रा की निजी परिस्थितियों से जुड़े पहलुओं की जांच जारी है, लेकिन किसी एक वजह को मौत का कारण मानना जल्दबाजी होगी। पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्य ही घटना की वास्तविक परिस्थितियों को स्पष्ट कर सकेंगे।





