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दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने सरकार को बार-बार दरकिनार करने का मुद्दा उठाया

Admin Delhi 1
6 Jan 2023 5:33 AM GMT
दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने सरकार को बार-बार दरकिनार करने का मुद्दा उठाया
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दिल्ली न्यूज़: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार को दरकिनार करते हुए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में 10 एल्डरमैन को मनोनीत करने के असंवैधानिक तरीके को लेकर उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना को पत्र लिखा है। केजरीवाल ने पत्र में कहा है कि एमसीडी में होने वाले मनोनयन दिल्ली के शहरी विकास मंत्री के जरिए भेजे जाते हैं, लेकिन एमसीडी के कमिश्नर ने फाइल सीधे उपराज्यपाल को भेज दी। मुख्यमंत्री ने उपराज्यपाल से इन सदस्यों के मनोनयन पर संविधान और सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्धारित कानून व प्रक्रिया के अनुसार पुनर्विचार करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि शहरी विकास विभाग नगर निगम का नोडल विभाग है।

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने सक्सेना को लिखे पत्र में कहा कि ऐसी फाइल अतीत में हमेशा शहरी विकास विभाग के प्रभारी मंत्री के समक्ष रखी जाती रही हैं। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि हाल में इस स्थापित परंपरा से पूरी तरह से हटकर दिल्ली सरकार को पूरी तरह से दरकिनार करते हुए एमसीडी के आयुक्त ने सीधे उपराज्यपाल को फाइल भेजी, जो कानून और संविधान के विपरीत है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के दिन-प्रतिदिन के प्रशासनिक कामकाज में हस्तक्षेप और बाधित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। केजरीवाल ने लिखा कि केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी की मदद करने व स्थायी समिति के चुनावों को प्रभावित करने के लिए पार्षदों को असंवैधानिक रूप से मनोनीत कर जनादेश को नकारने की कोशिश की गई है। स्थानीय निकाय एक ट्रांसफर सब्जेक्ट है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर आपसे संवैधानिक रूप से मंत्री परिषद की सहायता और सलाह के अनुसार कार्य करने अपील करता हूं। दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा 3(3)(बी)(आई) का दुरूपयोग किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस पत्र के जरिए चुनी दिल्ली सरकार को बार-बार दरकिनार करने का भी मुद्दा उठाया है।

10 एल्डरमैन के शपथ ग्रहण पर रोक लगाई जाए: सिसोदिया

-उपमुख्यमंत्री ने एमसीडी आयुक्त को पत्र लिखा

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने वीरवार को एमसीडी आयुक्त ज्ञानेश भारती को पत्र लिखकर निर्वाचित दिल्ली सरकार को दरकिनार कर एमसीडी में नामित किए गए 10 व्यक्तियों के शपथ ग्रहण पर रोक लगाने की सलाह दी है। सिसोदिया ने पत्र में कहा है कि नामांकन की फाइलों को शहरी विकास विभाग एवं उसके प्रभारी मंत्री के कार्यालय को भेजे और वहां से स्वीकृत हुए बिना 10 सदस्यों को एमसीडी में नामित किया गया है, जबकि मैं विभाग का सक्षम प्राधिकारी हूं। यह नामांकन संविधान के अनुच्छेद 239एए के साथ ही सर्वोच्च न्यायालय की संविधान पीठ द्वारा की गई व्याख्या के विपरीत भी है।

सिसोदिया ने पत्र में कहा है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि दिल्ली की चुनी सरकार को दरकिनार कर इस तरह के कदम का सहारा लिया गया है। इस तरह के नामांकन से संबंधित फाइलें हमेशा नगर निगम द्वारा शहरी विकास विभाग के माध्यम से भेजी जाती हैं, जो इस मामले में नहीं किया गया। सिसोदिया ने पत्र में कहा कि इस मामले को ध्यान में रखते हुए आपको सलाह देता हूं कि आप उपरोक्त अवैध और गैर सलाह वाली अधिसूचना और विशेष रूप से इसके तहत 10 सदस्यों के शपथ ग्रहण के संबंध में और कोई भी कार्यवाही करने से बचें और कानून की स्थापित परंपरा का सम्मान करें, जिसे आप बेहतर जानते हैं।

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