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दिल्ली: 25 साल पुराने मामले में सीबीआई के जॉइंट डायरेक्टर समेत दो अधिकारियों दोषी करार

SHIDDHANT
18 April 2026 8:14 PM IST
दिल्ली: 25 साल पुराने मामले में सीबीआई के जॉइंट डायरेक्टर समेत दो अधिकारियों दोषी करार
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Delhi दिल्ली: तीस हजारी कोर्ट ने 25 साल पुराने एक अहम मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए सीबीआई के मौजूदा जॉइंट डायरेक्टर रमनीश और दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस वीके पांडे को दोषी करार दिया है। यह मामला साल 2000 में एक आईआरएस अधिकारी के घर पर की गई कथित गलत रेड और गिरफ्तारी से जुड़ा है। अदालत ने दोनों अधिकारियों को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 323, 427, 448 और 34 के तहत दोषी ठहराया है। यह फैसला तीस हजारी कोर्ट के जज शशांक नंदन भट्ट ने सुनाया।
मामला 1985 बैच के आईआरएस अधिकारी अशोक कुमार अग्रवाल की शिकायत पर आधारित है, जो उस समय दिल्ली में डिप्टी डायरेक्टर ऑफ एनफोर्समेंट के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि 19 अक्टूबर 2000 को उनके घर पर की गई तलाशी और गिरफ्तारी पूरी तरह से अवैध और दुर्भावनापूर्ण थी। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह कार्रवाई केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (सीएटी) के 28 सितंबर 2000 के आदेश को निष्प्रभावी करने के उद्देश्य से की गई थी, जिसमें अग्रवाल के निलंबन की समीक्षा चार सप्ताह के भीतर करने का निर्देश दिया गया था।
कोर्ट के अनुसार, इस आदेश का पालन करने के बजाय सीबीआई अधिकारियों ने 18 अक्टूबर 2000 की शाम एक गोपनीय बैठक की और अगले ही दिन सुबह छापेमारी और गिरफ्तारी की योजना को अंजाम दिया। अदालत ने इस पूरी कार्रवाई को एक “सोची-समझी साजिश” करार दिया।
फैसले में कहा गया कि तलाशी और गिरफ्तारी की यह कार्रवाई न केवल अवैध थी, बल्कि इसमें अधिकारों का गंभीर दुरुपयोग भी हुआ। अदालत ने यह भी माना कि अधिकारियों ने अपने पद का इस्तेमाल करते हुए एक अधिकारी को अनावश्यक रूप से परेशान किया। अब इस मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अदालत जल्द ही सजा पर सुनवाई करेगी।
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