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Delhi : तीन राज्यों में 30 जुलाई को उपचुनाव

Kavita2
2 July 2026 2:49 PM IST
Delhi : तीन राज्यों में 30 जुलाई को उपचुनाव
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New Delhi नई दिल्ली : बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा कर दी गई है। चुनाव आयोग के अनुसार इन सीटों पर मतदान 30 जुलाई को कराया जाएगा, जबकि वोटों की गिनती 3 अगस्त को होगी। इन उपचुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और सभी प्रमुख दलों ने अपनी रणनीति तैयार करना शुरू कर दिया है।

इन तीनों राज्यों की जिन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है, उनमें बिहार की बांकीपुर सीट भी शामिल है, जो बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। उनके राज्यसभा सांसद बनने के बाद यह सीट रिक्त हो गई थी, जिसके चलते यहां उपचुनाव की आवश्यकता पड़ी।

जानकारी के अनुसार, नितिन नवीन के बीजेपी अध्यक्ष चुने जाने और राज्यसभा सदस्य बनने के बाद उन्होंने विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था। इस कारण बिहार के बांकीपुर क्षेत्र में प्रतिनिधित्व का खालीपन पैदा हो गया था, जिसे अब उपचुनाव के जरिए भरा जाएगा। यह सीट बिहार की राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

चुनाव आयोग ने तीनों राज्यों में उपचुनाव की तैयारियों को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए संबंधित राज्यों के प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।

बिहार में बांकीपुर सीट पर होने वाला यह उपचुनाव राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। यह क्षेत्र लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ रहा है और यहां के नतीजे राज्य की राजनीतिक दिशा पर भी असर डाल सकते हैं। सभी राजनीतिक दल इस सीट को अपने पक्ष में करने के लिए सक्रिय हो गए हैं।

मध्य प्रदेश और गुजरात की सीटों पर भी उपचुनाव की तैयारी तेज हो गई है। इन सीटों के खाली होने के कारणों में विधायकों के इस्तीफे या अन्य राजनीतिक परिस्थितियां शामिल हैं। हालांकि, इन सभी सीटों पर उपचुनाव का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि ये आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक ताकत का आकलन करने का एक मौका माने जा रहे हैं।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ये उपचुनाव सिर्फ खाली सीटों को भरने की प्रक्रिया नहीं हैं, बल्कि यह आगामी चुनावी समीकरणों का संकेत भी देंगे। सभी प्रमुख दल इन चुनावों को अपनी रणनीति की परीक्षा के रूप में देख रहे हैं।

चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मतदान की सभी तैयारियां तय समय सीमा के भीतर पूरी कर ली जाएंगी। ईवीएम और वीवीपैट की जांच के साथ-साथ मतदान कर्मियों की ट्रेनिंग भी शुरू कर दी गई है।

मतगणना 3 अगस्त को होगी, जिसके बाद यह साफ हो जाएगा कि इन तीन राज्यों की खाली सीटों पर किस दल का कब्जा होगा। परिणाम आने के बाद राजनीतिक गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है।

फिलहाल सभी राजनीतिक दल अपने-अपने उम्मीदवारों के चयन और प्रचार रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। आने वाले दिनों में इन सीटों पर चुनावी माहौल और अधिक गर्म होने की उम्मीद है।

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