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Delhi : 25 लालबत्तियों पर ‘बैक टू बैक यू-टर्न’ योजना, जाम कम करने की नई पहल

Kavita2
30 Jun 2026 11:32 AM IST
Delhi : 25 लालबत्तियों पर ‘बैक टू बैक यू-टर्न’ योजना, जाम कम करने की नई पहल
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New Delhi नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के लिए एक नई योजना पर काम शुरू किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) और यातायात पुलिस, केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CRRI) के साथ मिलकर शहर की 25 प्रमुख लालबत्तियों पर ‘बैक टू बैक यू-टर्न’ व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रहे हैं।

इस योजना का उद्देश्य उन चौराहों पर लगने वाले लंबे जाम को कम करना है, जहां ट्रैफिक का दबाव अधिक रहता है और वाहनों की आवाजाही धीमी हो जाती है। अधिकारियों के अनुसार इस प्रस्ताव पर सहमति बन चुकी है और जल्द ही इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।

सीआरआरआई ने इस व्यवस्था को लेकर विस्तृत तकनीकी सुझाव दिए हैं, जिनके आधार पर सड़क डिजाइन और ट्रैफिक मूवमेंट में बदलाव किया जाएगा। इस मॉडल के तहत वाहनों को सीधे क्रॉसिंग की बजाय वैकल्पिक यू-टर्न मार्गों से डायवर्ट किया जाएगा, जिससे चौराहों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।

अधिकारियों का कहना है कि इस योजना से अनावश्यक जाम की स्थिति में सुधार होगा और यात्रियों को बेहतर ट्रैफिक फ्लो मिल सकेगा। खास बात यह है कि इस व्यवस्था को लागू करने के लिए फिलहाल बड़े स्तर पर फ्लाईओवर निर्माण की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे यह एक त्वरित समाधान के रूप में देखा जा रहा है।

PWD और ट्रैफिक पुलिस का मानना है कि दिल्ली में कई प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक की समस्या लगातार बढ़ रही है, और फ्लाईओवर या अंडरपास जैसी परियोजनाओं में समय और लागत दोनों अधिक लगते हैं। ऐसे में यह यू-टर्न आधारित मॉडल एक वैकल्पिक और व्यावहारिक समाधान हो सकता है।

योजना के तहत चयनित 25 लालबत्तियों की पहचान की जा रही है, जहां ट्रैफिक का दबाव अधिक रहता है और जहां इस मॉडल को लागू करने से सबसे ज्यादा फायदा हो सकता है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से इसे लागू किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो इसे अन्य हिस्सों में भी लागू किया जा सकता है। इससे न केवल ट्रैफिक जाम कम होगा बल्कि ईंधन की बचत और प्रदूषण में भी कमी आने की संभावना है।

फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर तकनीकी मूल्यांकन और अंतिम डिजाइन पर काम जारी है। इसके बाद ट्रायल के तौर पर कुछ चौराहों पर इसे लागू किया जाएगा और उसके परिणामों के आधार पर आगे विस्तार किया जाएगा।

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