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Delhi सोशल मीडिया पर AIIMS के इस्तेमाल के लिए मंजूरी अनिवार्य

Delhi दिल्ली ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज (AIIMS), नई दिल्ली ने सोशल मीडिया के लिए एक विस्तृत पॉलिसी जारी की है। इसके तहत संबंधित विभागों की लिखित मंज़ूरी के बिना छात्र, रेजिडेंट और कर्मचारी संस्थान के नाम या लोगो का इस्तेमाल नहीं कर सकते। AIIMS से मान्यता प्राप्त छात्र संगठनों, सोसायटियों, क्लबों और आयोजन समितियों को निर्देश दिया गया है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी मरीज़ की जानकारी, तस्वीरें या केस की डिटेल पोस्ट, शेयर या उन पर चर्चा न करें, भले ही मरीज़ की पहचान ज़ाहिर न हो रही हो। यह इंडियन मेडिकल काउंसिल रेगुलेशंस, 2002 और डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023 के नियमों के मुताबिक है।
परेशान करने वाले, धमकी भरे या भेदभावपूर्ण सोशल मीडिया पोस्ट और कंटेंट को आगे बढ़ाने (फ़ॉरवर्ड करने) पर रोक लगा दी गई है। छात्रों से रैगिंग से जुड़े UGC के नियमों का पालन करने के लिए कहा गया है। गाइडलाइंस में कहा गया है, "लागू कानूनों के अनुसार अश्लील, मानहानि करने वाले या नफ़रत फैलाने वाले कंटेंट पोस्ट न करें। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर साहित्यिक चोरी (प्लेजरिज्म) या एकेडमिक बेईमानी न करें। परीक्षा के सवाल, आंसर की या अन्य गोपनीय एकेडमिक सामग्री शेयर न करें।"
आधिकारिक कंटेंट मैनेज करने वाले छात्र संगठनों और कर्मचारियों को संबंधित विभाग के साथ आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट रजिस्टर करने होंगे और कंटेंट की मंज़ूरी के लिए एक मीडिया कोऑर्डिनेटर नियुक्त करना होगा।
संस्थान ने कहा, "अकाउंट्स पर साफ़ तौर पर यह बताना होगा कि कंटेंट छात्रों द्वारा बनाया गया है या विभाग द्वारा, और जब तक अलग से न कहा जाए, इसे आधिकारिक तौर पर मान्यता प्राप्त नहीं माना जाएगा। कंटेंट में गोपनीय, संवेदनशील या आंतरिक जानकारी का खुलासा नहीं होना चाहिए। राजनीतिक, धार्मिक या मानहानि करने वाली सामग्री से बचें। स्पॉन्सर्ड कंटेंट या बाहरी ब्रांड्स के साथ सहयोग के लिए विशेष मंज़ूरी की ज़रूरत होगी।" गाइडलाइंस का पालन न करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है या छात्र संगठनों की मान्यता रद्द की जा सकती है।





