- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- तेजस Mk-1A की डिलीवरी...
तेजस Mk-1A की डिलीवरी में देरी पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जताई चिंता

Delhi दिल्ली: रक्षा क्षेत्र से जुड़ी एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में सोमवार को तेजस मार्क 1A फाइटर जेट की डिलीवरी में हो रही देरी का मुद्दा प्रमुख रूप से सामने आया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में भारतीय वायुसेना को समय पर विमान उपलब्ध कराने में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की धीमी प्रगति पर गंभीर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान रक्षा मंत्री ने सरकारी एयरोस्पेस कंपनी के सभी प्रमुख प्रोजेक्ट्स की विस्तृत समीक्षा की और उनके प्रदर्शन का आकलन किया। उन्होंने विशेष रूप से उन परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया जो राष्ट्रीय सुरक्षा और वायुसेना की क्षमता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। तेजस Mk-1A की आपूर्ति में हो रही देरी को लेकर बैठक में चिंता व्यक्त की गई।
इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन एस राजा सुब्रमणि, एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और HAL के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) रवि कोटा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। सभी अधिकारियों ने प्रोजेक्ट्स की मौजूदा स्थिति और आगे की योजनाओं पर चर्चा की।
सूत्रों के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बैठक में HAL के शीर्ष अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी महत्वपूर्ण रक्षा परियोजनाओं के लिए वास्तविक और व्यावहारिक समय-सीमा (realistic timelines) तय की जाएं। उन्होंने कहा कि समय पर डिलीवरी न केवल सशस्त्र बलों की तैयारी के लिए जरूरी है, बल्कि देश की रक्षा उत्पादन प्रणाली की विश्वसनीयता के लिए भी महत्वपूर्ण है।
तेजस Mk-1A कार्यक्रम भारतीय वायुसेना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रम का एक उन्नत संस्करण है, जो आधुनिक तकनीक और बेहतर क्षमता से लैस है। वायुसेना लंबे समय से इन विमानों की समय पर डिलीवरी का इंतजार कर रही है, ताकि पुराने विमानों को चरणबद्ध तरीके से बदला जा सके।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि रक्षा उत्पादन क्षेत्र में समयसीमा और उत्पादन क्षमता को बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में किसी भी रणनीतिक परियोजना में देरी न हो। रक्षा मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि परियोजनाओं में देरी से सशस्त्र बलों की परिचालन तैयारी प्रभावित हो सकती है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
HAL के अधिकारियों ने बैठक में चल रहे प्रोजेक्ट्स की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और उत्पादन बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। साथ ही भविष्य में उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए नई रणनीतियों पर भी चर्चा की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के स्वदेशी रक्षा उत्पादन कार्यक्रम के लिए यह समीक्षा बैठक महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे न केवल मौजूदा चुनौतियों को उजागर किया गया है, बल्कि सुधार की दिशा भी तय की गई है।
कुल मिलाकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा की गई यह उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक रक्षा उत्पादन में समयबद्धता और दक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। तेजस Mk-1A की डिलीवरी में देरी पर जताई गई चिंता यह संकेत देती है कि सरकार स्वदेशी रक्षा परियोजनाओं की गति और गुणवत्ता दोनों को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है।





