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CRPF DG बोले- ड्यूटी के फैसलों की जिम्मेदारी मेरी

Kavita2
30 July 2026 11:36 AM IST
CRPF DG बोले- ड्यूटी के फैसलों की जिम्मेदारी मेरी
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नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन के कथित इस्तेमाल को लेकर देशभर में चल रही बहस के बीच केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के महानिदेशक (DG) ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने अपने जवानों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि ड्यूटी के दौरान ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ लिए गए फैसलों की जिम्मेदारी वह खुद लेंगे।

CRPF के सम्मान समारोह में जवानों को संबोधित करते हुए डीजी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया कि सुरक्षाबलों को बिना किसी डर के अपनी जिम्मेदारियां निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली यूनिट हो या फिर ऑपरेशनल बटालियन, हर जवान को अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा और आत्मविश्वास के साथ करनी चाहिए।

उन्होंने कहा, "CRPF के महानिदेशक के तौर पर मैं आप सभी को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि ड्यूटी के दौरान ईमानदारी से लिए गए हर फैसले और कार्रवाई की जिम्मेदारी मैं लूंगा। आपको बिना किसी डर के अपनी ड्यूटी करनी चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि जहां भी जवाबदेही या जिम्मेदारी की बात आएगी, वह संगठन प्रमुख के रूप में उसे संभालेंगे।

डीजी का यह बयान ऐसे समय आया है जब जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में आयोजित 'संसद चलो' प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर और मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पैलेट गन के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया था।

इस घटना के बाद सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस शुरू हो गई। कई संगठनों ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग को लेकर सवाल उठाए, वहीं सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है और परिस्थितियों के अनुसार कदम उठाने पड़ते हैं।

मामले में CRPF की रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है। RAF को विशेष रूप से भीड़ नियंत्रण और संवेदनशील परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार किया जाता है। किसी भी बड़े प्रदर्शन या तनावपूर्ण स्थिति में RAF की तैनाती की जाती है।

CRPF प्रमुख के बयान को ऐसे समय में जवानों का मनोबल बढ़ाने वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है। सुरक्षा बलों के अधिकारियों का मानना है कि ड्यूटी के दौरान जवानों को स्पष्ट नेतृत्व और संस्थागत समर्थन मिलना जरूरी होता है, ताकि वे परिस्थितियों के अनुसार सही निर्णय ले सकें।

वहीं, मानवाधिकार संगठनों और प्रदर्शनकारियों की ओर से लगातार यह मांग की जाती रही है कि भीड़ नियंत्रण के दौरान बल प्रयोग के तरीकों की समीक्षा होनी चाहिए। उनका कहना है कि सुरक्षा उपायों के साथ-साथ नागरिकों के अधिकारों का भी ध्यान रखा जाना जरूरी है।

CRPF देश का सबसे बड़ा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है, जिसे आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी अभियान, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कार्रवाई और कानून-व्यवस्था बनाए रखने जैसी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभानी होती हैं। ऐसे में बल के जवानों के सामने कई बार बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां आती हैं।

डीजी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में जवानों को यह संदेश देने की कोशिश की कि संगठन उनके साथ खड़ा है, लेकिन साथ ही ड्यूटी में ईमानदारी और नियमों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

जंतर-मंतर की घटना के बाद पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर उठे सवालों के बीच अब सभी की नजर जांच और आगे की कार्रवाई पर है। सुरक्षा बलों का पक्ष है कि हर कार्रवाई परिस्थिति के अनुसार की जाती है, जबकि आलोचक पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल, CRPF प्रमुख का बयान जवानों के मनोबल को बनाए रखने और उन्हें जिम्मेदारी के साथ काम करने का भरोसा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस विवाद को लेकर जांच और प्रशासनिक स्तर पर उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी।

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