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दिल्ली के ऐतिहासिक सेंट्रल सेक्रेटेरिएट क्लब पर संकट, बेदखली के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका
nidhi
2 Aug 2026 8:46 AM IST

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बेदखली कार्रवाई के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्थित लगभग 105 वर्ष पुराने सेंट्रल सेक्रेटेरिएट क्लब को लेकर कानूनी विवाद गहरा गया है। केंद्र सरकार की ओर से क्लब परिसर को खाली कराने की कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद मामला अब दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया है। क्लब प्रबंधन ने बेदखली की कार्रवाई को चुनौती देते हुए अदालत से हस्तक्षेप की मांग की है।
सेंट्रल सेक्रेटेरिएट क्लब लंबे समय से केंद्र सरकार के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए सामाजिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। वर्षों से यह क्लब विभिन्न प्रशासनिक और सांस्कृतिक आयोजनों का हिस्सा रहा है। अब बेदखली की कार्रवाई शुरू होने से क्लब से जुड़े सदस्यों और कर्मचारियों में चिंता का माहौल है।
याचिका में क्लब प्रबंधन ने दावा किया है कि बेदखली की कार्रवाई उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना की जा रही है। उनका कहना है कि इतने लंबे समय से संचालित संस्था को हटाने से पहले सभी कानूनी औपचारिकताओं और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया जाना चाहिए। साथ ही क्लब की ऐतिहासिक और संस्थागत भूमिका को भी ध्यान में रखा जाना आवश्यक है।
दूसरी ओर, संबंधित सरकारी पक्ष का कहना है कि जिस भूमि पर क्लब संचालित हो रहा है, उसका उपयोग सरकारी आवश्यकताओं और प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप किया जाना है। सरकार का पक्ष है कि संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं के तहत ही कार्रवाई की जा रही है।
दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड का अवलोकन किया। फिलहाल हाई कोर्ट ने मामले पर अंतिम फैसला नहीं सुनाया है और आगे की सुनवाई के लिए तिथि निर्धारित की है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में अदालत को यह तय करना होगा कि बेदखली की प्रक्रिया कानून के अनुरूप अपनाई गई या नहीं, क्लब को पर्याप्त अवसर दिया गया या नहीं और सरकारी भूमि के उपयोग से जुड़े नियमों का सही तरीके से पालन किया गया है या नहीं।
यह विवाद इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सेंट्रल सेक्रेटेरिएट क्लब का इतिहास एक सदी से अधिक पुराना है। वर्षों से यह केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए मनोरंजन, खेल प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। ऐसे में इसके भविष्य को लेकर कर्मचारियों और पूर्व सदस्यों की भी नजर इस मामले पर बनी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अदालत क्लब प्रबंधन के पक्ष में कोई अंतरिम राहत देती है, तो बेदखली की कार्रवाई पर अस्थायी रोक लग सकती है। वहीं यदि सरकारी पक्ष की दलीलों को प्राथमिकता मिलती है, तो प्रशासन आगे की कार्रवाई जारी रख सकता है। अंतिम निर्णय अदालत की सुनवाई और उपलब्ध दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल दिल्ली हाई कोर्ट में यह मामला विचाराधीन है और सभी पक्ष अदालत के अगले निर्देश का इंतजार कर रहे हैं।
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