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SIR विरोध प्रदर्शन से बाजारों में संकट व्यापारी संगठनों ने उठाई आवाज

Ratna Netam
14 Oct 2026 9:03 PM IST
SIR विरोध प्रदर्शन से बाजारों में संकट व्यापारी संगठनों ने उठाई आवाज
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच व्यापारी संगठनों ने कारोबार प्रभावित होने की शिकायत की है। बुधवार, 14 अक्टूबर को कई व्यापारिक संगठनों और व्यापारियों के प्रतिनिधियों ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से अपील की कि वे विरोध प्रदर्शनों के समय और तरीके पर पुनर्विचार करें। व्यापारियों का कहना है कि त्योहारी सीजन में लगातार प्रदर्शन, सड़क बंद होने और सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।व्यापारी संगठनों ने कहा कि त्योहारों का समय कारोबार के लिहाज से महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने बाजारों में पहुंचते हैं। लेकिन दिल्ली के विभिन्न इलाकों में हो रहे राजनीतिक प्रदर्शनों और यातायात प्रतिबंधों के कारण दुकानदारों, कर्मचारियों और छोटे व्यापारियों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
राहुल गांधी से प्रदर्शन पर पुनर्विचार की अपील
नेशनल ट्रेडर्स वेलफेयर बोर्ड के सदस्य अजय गुप्ता ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से विरोध प्रदर्शनों पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया।उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में लगातार विरोध प्रदर्शन किसी के लिए लाभदायक साबित नहीं हो रहे हैं। इसके बजाय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो रही है।अजय गुप्ता ने राहुल गांधी से विनम्रतापूर्वक अपील करते हुए कहा कि वह जारी विरोध प्रदर्शनों पर दोबारा विचार करें, ताकि आम नागरिकों और कारोबारियों को हो रही समस्याओं का समाधान निकल सके।व्यापारी प्रतिनिधियों का कहना है कि राजनीतिक दलों को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन विरोध प्रदर्शनों के दौरान व्यापारिक गतिविधियों और आम नागरिकों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
त्योहारी सीजन में कारोबार पर असर
दिल्ली के व्यापारियों के अनुसार, त्योहारों के दौरान बाजारों में ग्राहकों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले अधिक रहने की उम्मीद होती है। दुकानदार इसी समय के लिए पहले से सामान मंगाते हैं और कारोबार की तैयारियां करते हैंहालांकि, विरोध प्रदर्शनों के चलते कुछ प्रमुख बाजारों तक पहुंच प्रभावित हुई है। सड़कों पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा संबंधी प्रतिबंधों के कारण कई ग्राहकों को बाजार पहुंचने में परेशानी हो रही है।खान मार्केट के व्यापारियों ने भी कारोबार में गिरावट की शिकायत की है। खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव मेहरा के अनुसार, प्रदर्शन और सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण बाजार में ग्राहक कम पहुंच रहे हैं।व्यापारियों ने दावा किया कि कुछ दिनों में कारोबार सामान्य स्तर के केवल 10 से 20 प्रतिशत तक रह गया। हालांकि, यह व्यापारियों का आकलन है, न कि पूरे दिल्ली के कारोबार का आधिकारिक आंकड़ा।
व्यापारी संगठनों ने जताई चिंता
दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक और केरल के कुछ व्यापारिक संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शनों के संभावित आर्थिक प्रभावों को लेकर चिंता व्यक्त की है।इन संगठनों ने राहुल गांधी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर व्यापारियों की समस्याओं पर ध्यान देने का आग्रह किया है।दिल्ली प्रदेश भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष नवीन गर्ग ने कहा कि त्योहारी सीजन व्यापारियों और उनके कर्मचारियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।संगठन ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान बाजारों तक पहुंच बाधित होने, दुकानों के बंद रहने और कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई है।
दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा मामला
विरोध प्रदर्शनों के कारण व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ रहे प्रभाव का मामला दिल्ली हाई कोर्ट भी पहुंच गया है।व्यापारियों, वकीलों और अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से प्रदर्शन संबंधी व्यवस्थाओं को लेकर कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं।दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार, 13 अक्टूबर को संबंधित याचिकाओं पर केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा।याचिकाओं में मांग की गई है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान नागरिकों के अधिकारों, सार्वजनिक व्यवस्था और व्यापारिक गतिविधियों के बीच संतुलन सुनिश्चित किया जाए।
SIR को लेकर जारी है राजनीतिक विरोध
कांग्रेस और विपक्षी INDIA गठबंधन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं।विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने का खतरा है। वहीं, चुनाव आयोग ने पक्षपात के आरोपों को खारिज करते हुए पुनरीक्षण प्रक्रिया को मतदाता सूची की शुद्धता से जुड़ा कदम बताया है।राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। इसी मुद्दे पर दिल्ली में कई विरोध मार्च आयोजित किए गए हैं।12 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सुरक्षा और यातायात संबंधी प्रतिबंध लगाए थे।
त्योहारों के बीच प्रदर्शनों की संख्या घटाने का फैसला
इस बीच INDIA गठबंधन ने त्योहारी सीजन को देखते हुए दिल्ली में रोजाना आयोजित किए जा रहे संयुक्त विरोध प्रदर्शनों की संख्या कम करने का फैसला किया है।14 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद विपक्षी नेताओं ने नियमित मार्च के बजाय बीच-बीच में प्रदर्शन करने पर सहमति जताई।हालांकि, विपक्ष ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ उसका विरोध जारी रहेगा।व्यापारी संगठनों की प्रमुख मांग है कि राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों के दौरान बाजारों की गतिविधियां सामान्य बनी रहें और ग्राहकों तथा कर्मचारियों को आवाजाही में अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
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