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जंतर-मंतर हमले के आरोपी इन्फ्लुएंसर को क्राइम ब्रांच ने पकड़ा

नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग छात्रा कार्यकर्ता के पिता पर कथित हमले के मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई की है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया है। पुलिस अब उससे घटना के संबंध में पूछताछ कर रही है और पूरे घटनाक्रम में उसकी कथित भूमिका की जांच की जा रही है।
जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए विवाद के बाद यह मामला सामने आया था। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग छात्रा कार्यकर्ता के पिता के साथ मारपीट की गई। घटना के बाद मामले ने तूल पकड़ा और पुलिस ने शिकायत एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की।
बुलंदशहर तक पहुंची दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच
मामले की जांच के दौरान पुलिस को स्वतंत्र भारद्वाज के उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में होने की जानकारी मिली। इसके बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम वहां पहुंची और उसे हिरासत में ले लिया। अब पुलिस उससे पूछताछ कर यह जानने का प्रयास कर रही है कि जंतर-मंतर पर हुए विवाद के दौरान वास्तव में क्या हुआ था और उसमें उसकी क्या भूमिका थी।
पुलिस के लिए घटना के दौरान बनाए गए वीडियो और सोशल मीडिया पर सामने आई सामग्री भी महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकती है। जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शनों के दौरान बड़ी संख्या में लोग मोबाइल फोन से वीडियो बनाते हैं। ऐसे में घटना से संबंधित फुटेज उपलब्ध होने पर पुलिस उसकी जांच कर सकती है।
नाबालिग छात्रा के पिता पर हमले का आरोप
मामला एक नाबालिग छात्रा कार्यकर्ता के पिता पर कथित हमले से जुड़ा है। आरोप है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान विवाद बढ़ने के बाद छात्रा के पिता को निशाना बनाया गया। हालांकि हमले की शुरुआत किन परिस्थितियों में हुई और मौके पर कौन-कौन लोग शामिल थे, इन सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होंगे।
पुलिस मामले में प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज कर सकती है। प्रदर्शन में मौजूद लोगों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा सकता है कि विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ था और उसके बाद घटनाक्रम किस तरह आगे बढ़ा।
सोशल मीडिया की गतिविधियों की भी हो सकती है जांच
स्वतंत्र भारद्वाज सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताया जा रहा है। ऐसे में जांच के दौरान उसकी सोशल मीडिया गतिविधियां भी महत्वपूर्ण हो सकती हैं। घटना से पहले और बाद में किए गए पोस्ट, वीडियो या अन्य ऑनलाइन गतिविधियों की जरूरत के अनुसार जांच की जा सकती है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि घटना अचानक हुए विवाद का नतीजा थी या इसके पीछे पहले से किसी तरह का तनाव मौजूद था। डिजिटल साक्ष्य और घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
जंतर-मंतर पर हुआ था विरोध प्रदर्शन
दिल्ली का जंतर-मंतर लंबे समय से विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और अन्य संगठनों के विरोध प्रदर्शनों का प्रमुख स्थल रहा है। यहां ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) से जुड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट की घटना सामने आई थी।
प्रदर्शन के दौरान हुई इस घटना के बाद पुलिस तक मामला पहुंचा। नाबालिग छात्रा कार्यकर्ता के पिता पर हमला होने के आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जांच आगे बढ़ाई गई। इसी क्रम में स्वतंत्र भारद्वाज का नाम सामने आने के बाद उसकी तलाश की जा रही थी।
क्राइम ब्रांच जुटा रही घटनाक्रम की जानकारी
स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लेने के बाद क्राइम ब्रांच की टीम अब घटना की पूरी समयरेखा समझने का प्रयास करेगी। पुलिस उससे यह जान सकती है कि वह प्रदर्शन में किस उद्देश्य से पहुंचा था, घटना के समय कहां मौजूद था और छात्रा कार्यकर्ता के पिता के साथ हुए कथित विवाद में उसकी क्या भूमिका थी।
इसके अलावा पुलिस घटनास्थल के आसपास उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर सकती है। यदि वीडियो में घटना रिकॉर्ड हुई है तो आरोपों की पुष्टि या खंडन करने में उससे मदद मिल सकती है।
प्रत्यक्षदर्शियों के बयान हो सकते हैं अहम
ऐसे मामलों में प्रत्यक्षदर्शियों के बयान महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही हो सकती है। पुलिस घटना के समय आसपास मौजूद लोगों की पहचान कर उनसे जानकारी जुटा सकती है।
साथ ही पीड़ित पक्ष के बयान और आरोपी पक्ष से पूछताछ के बाद दोनों पक्षों की ओर से बताए गए घटनाक्रम का मिलान किया जाएगा। उपलब्ध वीडियो, फोटो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से भी तथ्यों की पुष्टि की जा सकती है।
हिरासत के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर
फिलहाल स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। पूछताछ और जांच के बाद पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई तय करेगी। हिरासत में लिया जाना अपने आप में दोष सिद्ध होना नहीं है और आरोपों की सत्यता जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया से निर्धारित होगी।
पुलिस के सामने अब मुख्य चुनौती जंतर-मंतर पर हुए पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट करना है। घटना के वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्य इसमें अहम भूमिका निभा सकते हैं।
बुलंदशहर से स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद मामले की जांच एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। अब पुलिस पूछताछ के जरिए यह जानने की कोशिश कर रही है कि छात्रा कार्यकर्ता के पिता पर कथित हमले के दौरान क्या हुआ था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





