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खुले कुकिंग ऑयल की बिक्री पर सख्ती, सरकार ने मिलावट रोकने के लिए जारी किए नए निर्देश

Kavita2
21 Aug 2026 1:44 PM IST
खुले कुकिंग ऑयल की बिक्री पर सख्ती, सरकार ने मिलावट रोकने के लिए जारी किए नए निर्देश
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नई दिल्ली। बदलती जीवनशैली, काम के बढ़ते दबाव और समय की कमी के कारण बड़ी संख्या में लोग अब घर पर खाना बनाने के बजाय होटल, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में भोजन करना पसंद कर रहे हैं। बाहर खाने का चलन बढ़ने के साथ ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ी है। इसी बीच सरकार ने खाना पकाने के तेल में मिलावट और बिना पैकेट वाले तेल की बिक्री पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है।

सरकार की ओर से जारी नए निर्देशों का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को ऐसे कुकिंग ऑयल से बचाना है, जिसकी गुणवत्ता, स्रोत और शुद्धता की जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं होती। खास तौर पर खुले में बिकने वाले और बिना पैकेजिंग के कुकिंग ऑयल को लेकर निगरानी बढ़ाई जा रही है।

खुले तेल की बिक्री पर रोक

नए आदेश के तहत बिना पैकेट या खुले कुकिंग ऑयल की बिक्री पर अनिवार्य रोक लगाने का निर्देश दिया गया है। इसका मतलब है कि खाद्य तेल को निर्धारित पैकेजिंग और जरूरी जानकारी के साथ ही बाजार में बेचने की व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाएगा।

खुले तेल की सबसे बड़ी समस्या यह है कि ग्राहक को उसके ब्रांड, निर्माण तिथि, बैच नंबर, गुणवत्ता और इस्तेमाल की अंतिम तिथि जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां नहीं मिल पातीं। ऐसे में तेल की वास्तविक गुणवत्ता का पता लगाना मुश्किल हो जाता है।

सरकार का मानना है कि पैकेजिंग व्यवस्था को अनिवार्य करने से खाद्य तेल की ट्रेसिंग आसान होगी और मिलावट या घटिया तेल की बिक्री पर कार्रवाई करना भी संभव होगा।

रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों पर भी नजर

बाहर खाना खाने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह आदेश खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रेस्टोरेंट, होटल, ढाबे और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में बड़ी मात्रा में कुकिंग ऑयल का इस्तेमाल होता है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की ओर से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रतिष्ठान निर्धारित मानकों के अनुरूप तेल का इस्तेमाल करें।

खाद्य कारोबारियों को तेल खरीदते समय उसके पैकेज, लेबल और अन्य जरूरी विवरणों की जांच करनी होगी। बिना पैकेज या संदिग्ध स्रोत से आने वाले तेल का इस्तेमाल करने पर कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

मिलावट पर रोक लगाने की कोशिश

खाद्य तेल में मिलावट लंबे समय से खाद्य सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चिंता रही है। सस्ता तेल मिलाकर या किसी दूसरे तेल के नाम पर अलग उत्पाद बेचकर उपभोक्ताओं को नुकसान पहुंचाया जा सकता है।

खुले तेल में ऐसी मिलावट की पहचान करना आम उपभोक्ता के लिए आसान नहीं होती। वहीं, पैकेजिंग होने पर उत्पाद से जुड़ी जानकारी दर्ज रहती है और जरूरत पड़ने पर संबंधित निर्माता या विक्रेता तक पहुंचना आसान होता है।

इसी वजह से सरकार ने खुले कुकिंग ऑयल की बिक्री को नियंत्रित करने पर जोर दिया है।

उपभोक्ताओं को भी सतर्क रहने की जरूरत

सरकारी कार्रवाई के साथ उपभोक्ताओं की जागरूकता भी महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को तेल खरीदते समय पैकेजिंग, लेबल, निर्माण और समाप्ति तिथि तथा अन्य जरूरी विवरण जरूर देखने चाहिए।

रेस्टोरेंट या होटल में भोजन करते समय उपभोक्ता यह सुनिश्चित तो नहीं कर सकते कि रसोई में कौन सा तेल इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन प्रतिष्ठान की स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों पर ध्यान देना जरूरी है।

अगर किसी दुकान या खाद्य प्रतिष्ठान में बिना पैकेट का तेल खुले तौर पर बिकता दिखाई देता है, तो उपभोक्ता संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को इसकी जानकारी दे सकते हैं।

कारोबारियों के लिए बढ़ेगी जिम्मेदारी

नए निर्देशों के बाद खाद्य तेल के कारोबार से जुड़े विक्रेताओं, वितरकों और खाद्य प्रतिष्ठानों की जिम्मेदारी बढ़ जाएगी। उन्हें तेल की खरीद और बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने होंगे और यह सुनिश्चित करना होगा कि उत्पाद वैध स्रोत से प्राप्त किया गया हो।

खाद्य सुरक्षा विभागों की ओर से बाजार और खाद्य प्रतिष्ठानों में जांच अभियान भी चलाए जा सकते हैं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

पैकेजिंग से गुणवत्ता की निगरानी आसान

पैकेज्ड कुकिंग ऑयल में उत्पाद से जुड़ी जानकारी उपलब्ध होने के कारण इसकी गुणवत्ता की निगरानी अपेक्षाकृत आसान होती है। किसी शिकायत की स्थिति में बैच नंबर और निर्माता की जानकारी के आधार पर उत्पाद के स्रोत का पता लगाया जा सकता है।

इसके विपरीत खुले तेल के मामले में ऐसी जानकारी उपलब्ध नहीं होती। यही वजह है कि सरकार खुले तेल की बिक्री को खाद्य सुरक्षा के लिहाज से अधिक जोखिम वाला मानते हुए इस पर सख्ती कर रही है।

बाहर खाने के बढ़ते चलन के बीच अहम फैसला

आज की व्यस्त जीवनशैली में बाहर खाने का चलन लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ जाती है। तेल भोजन का एक प्रमुख हिस्सा है और इसकी गुणवत्ता खराब होने पर उपभोक्ताओं के लिए जोखिम बढ़ सकता है।

सरकार के नए निर्देशों को इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खुले और बिना पैकेट वाले कुकिंग ऑयल की बिक्री पर रोक से मिलावट पर अंकुश लगाने और खाद्य तेल के कारोबार को अधिक पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है।

अब चुनौती आदेश को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने की है। इसके लिए नियमित निरीक्षण, नमूनों की जांच और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी होगी। साथ ही उपभोक्ताओं को भी पैकेज्ड और प्रमाणित खाद्य तेल खरीदने के प्रति जागरूक होना होगा।

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