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दिल्ली में अवैध फैक्ट्रियों पर सख्ती, NGT का बड़ा आदेश

Ratna Netam
26 Oct 2026 2:48 PM IST
दिल्ली में अवैध फैक्ट्रियों पर सख्ती, NGT का बड़ा आदेश
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने पूर्वी दिल्ली के गामरी इलाके में कथित रूप से अवैध तरीके से संचालित औद्योगिक इकाइयों के मामले में महत्वपूर्ण निर्देश दिया है। एनजीटी ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को संदिग्ध औद्योगिक परिसरों के ताले तोड़कर निरीक्षण करने की अनुमति दी है। इसके साथ ही अधिकरण ने संबंधित इकाइयों का नए सिरे से निरीक्षण करने को कहा है, ताकि उनकी वास्तविक स्थिति और नियमों के अनुपालन का पता लगाया जा सके।यह मामला रिहायशी इलाकों में औद्योगिक गतिविधियों के संचालन और उनसे उत्पन्न होने वाली संभावित पर्यावरणीय समस्याओं से जुड़ा है। एनजीटी के निर्देश के बाद अब नगर निगम के अधिकारियों के लिए संबंधित परिसरों की जांच करने का रास्ता साफ हो गया है।
बंद परिसरों के ताले तोड़कर होगी जांच
एनजीटी ने एमसीडी को उन संदिग्ध औद्योगिक इकाइयों के परिसरों में प्रवेश की अनुमति दी है, जहां ताले लगे होने के कारण निरीक्षण में बाधा आ सकती है। अधिकरण के निर्देश का उद्देश्य संबंधित इकाइयों की वास्तविक गतिविधियों का पता लगाना और यह सुनिश्चित करना है कि वहां किसी प्रकार का अवैध औद्योगिक संचालन तो नहीं हो रहा है।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को यह देखना होगा कि संबंधित परिसर किस उद्देश्य से इस्तेमाल किए जा रहे हैं। साथ ही यह भी जांचना महत्वपूर्ण होगा कि औद्योगिक गतिविधियों के संचालन के लिए आवश्यक अनुमतियां और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध हैं या नहीं।
नए सिरे से निरीक्षण करने का निर्देश
राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने मामले में नए सिरे से निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य संबंधित औद्योगिक इकाइयों की मौजूदा स्थिति का आकलन करना है।इस प्रक्रिया में नगर निगम के अधिकारी औद्योगिक परिसरों की स्थिति, वहां मौजूद मशीनों और संभावित व्यावसायिक गतिविधियों की जांच कर सकते हैं। यदि निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित नियमों के तहत आगे की कार्रवाई का आधार तैयार हो सकता है।हालांकि, किसी इकाई को अवैध घोषित करने या उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने से पहले संबंधित तथ्यों और लागू कानूनी प्रावधानों का परीक्षण आवश्यक होगा।
रिहायशी इलाकों में औद्योगिक गतिविधियों पर चिंता
दिल्ली के कई घनी आबादी वाले इलाकों में आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियां एक-दूसरे के आसपास संचालित होती हैं। ऐसे क्षेत्रों में नियमों के विपरीत औद्योगिक इकाइयों के संचालन से पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।विशेष रूप से ऐसी इकाइयां, जिनमें धुआं, रासायनिक पदार्थ, औद्योगिक अपशिष्ट या अत्यधिक शोर उत्पन्न होता है, आसपास रहने वाले लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं।हालांकि, गामरी की संबंधित इकाइयों से वास्तव में किस प्रकार का प्रदूषण हो रहा था, इसकी पुष्टि निरीक्षण और संबंधित जांच के आधार पर ही की जा सकेगी।
पर्यावरण नियमों का पालन करना जरूरी
राष्ट्रीय हरित अधिकरण देश में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मामलों की सुनवाई करता है। औद्योगिक गतिविधियों के संचालन में पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करना संबंधित संस्थाओं और प्रशासन की जिम्मेदारी हैकिसी औद्योगिक इकाई को उसकी गतिविधियों की प्रकृति के अनुसार नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण और अन्य सक्षम विभागों से आवश्यक अनुमति लेनी पड़ सकती है।यदि कोई इकाई बिना जरूरी अनुमति के संचालित होती पाई जाती है या पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करती है, तो उसके खिलाफ लागू कानूनों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
एमसीडी की भूमिका होगी महत्वपूर्ण
एनजीटी के निर्देश के बाद दिल्ली नगर निगम की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। अब संबंधित अधिकारियों को निरीक्षण के माध्यम से यह स्पष्ट करना होगा कि गामरी इलाके में चिह्नित औद्योगिक परिसरों की वास्तविक स्थिति क्या है।निरीक्षण के दौरान प्राप्त तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर यह निर्धारित किया जा सकेगा कि संबंधित इकाइयां नियमों का पालन कर रही हैं या नहीं।इस प्रक्रिया में निष्पक्ष जांच और तथ्यों का सही दस्तावेजीकरण महत्वपूर्ण होगा, ताकि आगे की कार्रवाई कानूनी आधार पर की जा सके।
निरीक्षण के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
एनजीटी के इस निर्देश को पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, ताले तोड़कर निरीक्षण करने की अनुमति मिलने का अर्थ यह नहीं है कि सभी संबंधित इकाइयों का अवैध होना पहले ही साबित हो चुका है।अब नए निरीक्षण में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई निर्धारित होगी। गामरी इलाके की संदिग्ध औद्योगिक इकाइयों की जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि वहां नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।
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