दिल्ली-एनसीआर

हिमांशु भाऊ गैंग पर शिकंजा, 2 गुर्गे गिरफ्तार

Kiran
30 Oct 2026 9:34 AM IST
हिमांशु भाऊ गैंग पर शिकंजा, 2 गुर्गे गिरफ्तार
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हिमांशु भाऊ गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि इन पर जबरन वसूली, हत्या, शूटर्स को लॉजिस्टिक सपोर्ट देने और गैंग के फाइनेंस को मैनेज करने का आरोप है। इन गिरफ्तारियों से एक 'टारगेटेड किलिंग' (चुनिंदा हत्या) की साजिश को भी नाकाम कर दिया गया है।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान गाजियाबाद के लोनी निवासी मुर्सलीन उर्फ ​​गुल्लू (25) और हरियाणा के भिवानी निवासी नवीन (29) के रूप में हुई है। ये दोनों सुरक्षित इंटरनेट-आधारित कम्युनिकेशन ऐप्स के जरिए गैंग के सरगनाओं के संपर्क में थे।
पुलिस के अनुसार, ये गिरफ्तारियां संगठित अपराध के खिलाफ चल रही कार्रवाई का हिस्सा हैं। कुछ युवाओं द्वारा गैंग के शूटर्स को लॉजिस्टिक सपोर्ट दिए जाने की खुफिया जानकारी मिलने के बाद, स्पेशल सेल ने उन्हें ट्रैक करने और उनके साथियों के बारे में पता लगाने के लिए एक टीम तैनात की। डीसीपी (स्पेशल सेल, NDR) नरा चैतन्य ने एक बयान में बताया कि टीम ने ऐसे कई सदस्यों की पहचान की, जो शूटर्स को पुलिस की पकड़ से बचने में मदद कर रहे थे।
11 अक्टूबर को टीम ने गुल्लू को गिरफ्तार किया और उसके पास से एक पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि जनवरी 2026 में विशाखापत्तनम में वह गैंग के दो शार्पशूटर्स के संपर्क में आया था। ये शार्पशूटर्स दिल्ली-NCR में अपराध करने के बाद वहां छिपे हुए थे। डीसीपी ने बताया कि इसके बाद वह गैंग में एक 'फील्ड ऑपरेटिव' के तौर पर शामिल हो गया। उसका काम भाऊ की तरफ से शूटर्स तक पैसे पहुंचाना और उनके होटल में रुकने के लिए फर्जी पहचान दस्तावेज (ID) का इंतजाम करना था। अगस्त 2026 में जब गैंग के शार्पशूटर्स गिरफ्तार हो गए, तो भाऊ ने कथित तौर पर गुल्लू को एक शूटर के रूप में तैयार किया और उसे हथियार उपलब्ध कराए। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के समय गुल्लू किसी 'टारगेटेड किलिंग' को अंजाम देने या रेकी (निगरानी) करने के लिए निर्देशों का इंतजार कर रहा था।
गुल्लू से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने भिवानी से नवीन को गिरफ्तार किया। उसे भी उन्हीं शूटर्स ने गैंग में शामिल किया था। शुरुआत में, वह अपना बैंक अकाउंट देकर भाऊ की तरफ से पैसे ट्रांसफर करने में मदद करता था और बाद में गैंग के लिए हथियारों की डिलीवरी (कूरियर) का काम करने लगा। अधिकारी ने बताया कि वह भी सुरक्षित कम्युनिकेशन ऐप्स के जरिए गैंग के सरगना के संपर्क में था। पुलिस ने बताया कि पूछताछ से इस नेटवर्क की संरचना और कामकाज के बारे में अहम जानकारी मिली है। इससे पता चला है कि गिरोह के सरगना किस तरह युवाओं को शूटर और लॉजिस्टिक्स मुहैया कराने वालों के तौर पर भर्ती करते हैं, जबकि विदेशों में बैठे सरगना एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए आपराधिक गतिविधियों का संचालन करते हैं। पुलिस ने आगे कहा कि इस कार्रवाई से गिरोह के वित्तीय और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और उनकी कथित साजिशों को नाकाम कर दिया गया है।
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