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दिल्ली में फेक न्यूज पर शिकंजा पुलिस ने हटाए 500 संदिग्ध पोस्ट

Ratna Netam
13 Oct 2026 8:57 PM IST
दिल्ली में फेक न्यूज पर शिकंजा पुलिस ने हटाए 500 संदिग्ध पोस्ट
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया पर कथित फर्जी खबरों और भ्रामक पोस्ट के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस ने लगभग 500 सोशल मीडिया पोस्ट हटवाए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन पोस्ट के जरिए अफवाहें फैलाने और लोगों के बीच अशांति पैदा करने की कोशिश की जा रही थी। दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त आयुक्त संजय भाटिया ने बताया कि पुलिस सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रख रही है और गलत जानकारी, भ्रामक वीडियो तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार संदिग्ध सामग्री के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।दिल्ली पुलिस के मुताबिक, हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी सामग्री सामने आई है, जिसमें घटनाओं से संबंधित गलत जानकारी प्रसारित करने का संदेह है। पुलिस का कहना है कि इस प्रकार की पोस्ट से आम लोगों के बीच भ्रम और तनाव पैदा हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सोशल मीडिया अकाउंट और पोस्ट की जांच की जा रही है।पुलिस ने बताया कि जिन पोस्ट में गलत जानकारी या कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाली सामग्री पाई जा रही है, उनके खिलाफ निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कदम उठाए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया से हटाए गए करीब 500 पोस्ट
दिल्ली पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि मंगलवार तक लगभग 500 सोशल मीडिया पोस्ट हटवाए गए हैं। इन पोस्ट पर अफवाहें फैलाने और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप हैं।इससे पहले सोमवार, 12 अक्टूबर तक पुलिस ने करीब 300 संदिग्ध पोस्ट हटाने की जानकारी दी थी। मंगलवार को सामने आए आंकड़ों के अनुसार, हटवाए गए पोस्ट की कुल संख्या लगभग 500 तक पहुंच गई।पुलिस की कार्रवाई में सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित फर्जी खबरें, पुराने वीडियो और भ्रामक जानकारी वाली पोस्ट शामिल हैं।हालांकि, सभी 500 पोस्ट की सामग्री और उन्हें हटाने के अलग-अलग कारणों का सार्वजनिक विवरण उपलब्ध नहीं है।
AI से बनाए गए वीडियो पर भी नजर
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संजय भाटिया ने बताया कि सोशल मीडिया पर कृत्रिम रूप से तैयार सामग्री की भी निगरानी की जा रही है।उन्होंने कहा कि कई बार पुरानी घटनाओं के वीडियो को वर्तमान घटनाओं से जोड़कर प्रसारित किया जाता है। इसी तरह दूसरे राज्यों के वीडियो और एआई की मदद से तैयार सामग्री को भी भ्रामक तरीके से साझा किया जा सकता है।पुलिस का कहना है कि ऐसी सामग्री से लोगों को गलत जानकारी मिलने और अफवाहें फैलने का खतरा रहता है।दिल्ली पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी है कि किसी भी वीडियो या पोस्ट को आगे साझा करने से पहले उसकी सत्यता जांच लें।
फर्जी पोस्ट के मामले में FIR दर्ज
दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) इकाई ने सोशल मीडिया पर कथित फर्जी सामग्री प्रसारित करने के मामलों में चार से अधिक एफआईआर दर्ज की हैं।पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुछ सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए देश के माहौल को प्रभावित करने वाली गलत जानकारी प्रसारित करने का आरोप है।जांच में पाकिस्तान से संचालित कुछ सोशल मीडिया हैंडल भी सामने आने की जानकारी दी गई है।पुलिस का आरोप है कि इन अकाउंट से भारत के विरोध प्रदर्शनों से संबंधित भ्रामक वीडियो और गलत दावे प्रसारित किए गए।हालांकि, इन खातों की भूमिका और संबंधित आरोपों की जांच अभी जारी है।
विरोध प्रदर्शनों के बीच बढ़ाई निगरानी
दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।इन प्रदर्शनों में विपक्षी दलों के नेताओं के साथ विभिन्न छात्र और नागरिक संगठन भी शामिल हुए हैं।प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। वहीं दिल्ली पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है।इसी दौरान सोशल मीडिया पर प्रदर्शनों से संबंधित वीडियो और पोस्ट भी बड़ी संख्या में साझा किए जा रहे हैं। पुलिस इनकी निगरानी कर रही है।
गलत जानकारी फैलाने पर कानूनी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर ऐसी सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, जो किसी आपराधिक अपराध की श्रेणी में आती हो।अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया की निगरानी और प्राप्त सूचनाओं के आधार पर संदिग्ध पोस्ट की पहचान की जा रही है।हालांकि, हर गलत या विवादित पोस्ट अपने आप आपराधिक अपराध नहीं बन जाती। कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित कानून और उसके आवश्यक तत्वों का लागू होना जरूरी है।पुलिस की इस कार्रवाई के बीच सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और गलत जानकारी रोकने के बीच संतुलन बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।
लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी, पुराने वीडियो या संदिग्ध पोस्ट को बिना जांचे साझा न करें।पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया के जरिए फैलने वाली अफवाहें सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं।फिलहाल दिल्ली पुलिस संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट की जांच और भ्रामक सामग्री के खिलाफ कार्रवाई जारी रखे हुए है। अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय राजधानी में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निगरानी जारी रहेगी।
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