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सीपीआई (एम) ने किया घोषणापत्र जारी, येचुरी ने कहा देश की धर्मनिरपेक्ष छवि बचाना सबसे ज्यादा जरूरी

Rani Sahu
4 April 2024 2:08 PM GMT
सीपीआई (एम) ने किया घोषणापत्र जारी, येचुरी ने कहा देश की धर्मनिरपेक्ष छवि बचाना सबसे ज्यादा जरूरी
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नई दिल्ली : देश में 2024 लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक पार्टियां मतदाताओं को लुभाने के लिए मेनिफेस्टो (घोषणापत्र) जारी कर रही हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने भी गुरुवार को अपना घोषणापत्र जारी कर दिया। सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने इस मुद्दे पर आईएएनएस से बातचीत की। येचुरी ने कहा कि सबसे जरूरी बात देश की धर्मनिरपेक्ष छवि को बचाना है, यही हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
सीताराम येचुरी ने आईएएनएस से कहा कि आज हमारे मुल्क का जो कैरेक्टर है, जो एक धर्मनिरपेक्ष जनतंत्र का गणराज्य है, भाजपा और मोदी सरकार उसी कैरेक्टर को खत्म करने पर तुली है। अब इसको रोकना है। देश का जो चरित्र है उसका संरक्षण करना है और जनहित में यह काम करना है, तो यह अनिवार्य है कि भाजपा और मोदी सरकार को सत्ता से दूर रखें। यही है हमारा मुख्य मकसद और उसके लिए किस तरह के कदम उठाने हैं, वो सब घोषणापत्र में हैं।
गंठबंधन के सवाल के जवाब में सीताराम येचुरी ने कहा कि हर राज्य के अंदर गठबंधन अपने राज्य की परिस्थिति के हिसाब हो रहा है और वह बहुत मजबूत है।
उनसे सवाल किया गया कि कांग्रेस पार्टी आपके गठबंधन का हिस्सा है, एक तरफ राहुल गांधी के सामने आपकी पार्टी के नेता चुनाव लड़ रहे हैं। इस सवाल पर उन्होंने कहा कि हर राज्य के अंदर जो गठबंधन बना है वह परिस्थितियों के हिसाब से है। जहां जिस राज्य जिस दल के लिए जैसी परिस्थितियां हैं, उसी के आधार पर यह खाका तय हो चुका है और यह बहुत कामयाब तरीके से चल रहा है।
वहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेता प्रकाश करात ने भी आईएनएस से बात की। उनसे सवाल किया कि चुनाव को लेकर आपने अपने घोषणापत्र में क्या कुछ घोषणाएं की हैं। जवाब में उन्होंने कहा कि हमारे घोषणा पत्र में कुछ मुख्य बातें हैं। एक तो देश में लोकतंत्र को बचाना है, संविधान को बचाना है। उसके लिए जो कुछ कदम उठाए गए हैं, पिछले 10 वर्षों में भाजपा सरकार की ओर से, जो जनतंत्र विरोधी है और जन विरोधी है, उन नीतियों को खत्म कर वैकल्पिक नीतियों को लागू करेंगे। हमने आर्थिक, सामाजिक नीतियों के अलावा जनतंत्र की बहाली के लिए कई तत्व अपने घोषणा पत्र में डाले हैं।
--आईएएनएस
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