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सीपी राधाकृष्णन ने श्रृंगेरी शारदा पीठम के नागरिक सम्मान समारोह में आध्यात्मिक प्रवचन दिया
SHIDDHANT
25 Nov 2025 12:20 AM IST

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Delhi दिल्ली। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोमवार को नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दक्षिणाम्नाय श्रृंगेरी शारदा पीठम के जगद्गुरु शंकराचार्य श्री श्री विधुशेखर भारती सन्निधानम के नागरिक सम्मान समारोह को संबोधित किया। उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में इस बात पर प्रकाश डाला कि स्वामीजी जगद्गुरु श्री आदि शंकराचार्य की अखंड आध्यात्मिक परंपरा में उत्तराधिकारी हैं, जो श्रृंगेरी स्थित श्रद्धेय दक्षिणाम्नाय श्री शारदा पीठम से अद्वैत वेदांत की उज्ज्वल परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
उपराष्ट्रपति ने बताया कि कैसे इस पूजनीय दार्शनिक-संत ने पूरे भारत की यात्रा की, सनातन धर्म को पुनर्जीवित किया और विविध दार्शनिक धाराओं को एकीकृत किया तथा श्रृंगेरी में चार आम्नाय पीठों में से प्रथम की स्थापना की। उन्होंने कहा कि बारह शताब्दियों से भी अधिक समय से श्रृंगेरी मठ ने करुणा और निस्वार्थता के मूल्यों को कायम रखा है और हिंदू विचार और व्यवहार को आकार दिया है। उन्होंने आगे कहा कि श्रृंगेरी मठ ने वेदों और शास्त्रों के गहन अध्ययन, संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने, शास्त्रीय कलाओं को संजोने और विद्वानों, आचार्यों और साधकों की पीढ़ियों को प्रशिक्षित करने सहित अमूल्य परंपराओं को संरक्षित किया है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि इन पीठों ने विविध पृष्ठभूमि के लोगों का स्वागत करके, वसुधैव कुटुम्बकम ('विश्व एक परिवार है') के वैदिक आदर्श को मूर्त रूप दिया है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि इंडिया फाउंडेशन द्वारा इस प्रवचन के लिए चुना गया विषय अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सनातन धर्म सिखाता है कि मानवता की सेवा ही ईश्वर की सेवा है, और मठ, मंदिर, आश्रम और पीठ भारतीय संस्कृति की जीवंत प्राणशक्ति हैं, जो धर्म की रक्षा करते हैं, प्राचीन ज्ञान प्रणालियों का पोषण करते हैं, समाज की सेवा करते हैं और सभी धर्मों के बीच सद्भाव को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की परंपराएं और रीति-रिवाज हमेशा संतुलन पर केंद्रित रहे हैं और भारत अपने अद्वितीय सभ्यतागत चरित्र के साथ कई धर्मों का जन्मस्थान रहा है, साथ ही इसने अपनी धरती पर शरण लेने वाली हर परंपरा को अपनाया है। इंडिया फाउंडेशन ने नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में 'हिंदू धार्मिक संस्थाएं: परंपराएं, रीति-रिवाज और अंतर-धार्मिक जुड़ाव' विषय पर दक्षिणाम्नाय श्रृंगेरी शारदा पीठम के जगद्गुरु शंकराचार्य श्री श्री विधुशेखर भारती सन्निधानम के नागरिक सम्मान समारोह और आध्यात्मिक प्रवचन का आयोजन किया था।
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