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दिल्ली-एनसीआर
AAP शहर प्रमुख के खिलाफ मानहानि शिकायत पर कोर्ट का बड़ा फैसला
Kiran
11 Oct 2026 8:59 AM IST

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Delhi राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा AAP दिल्ली के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के खिलाफ दायर मानहानि की शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है। कोर्ट का मानना है कि सरकार की आलोचना करने वाले भारद्वाज के ट्वीट और वीडियो मानहानि के दायरे में नहीं आते हैं। अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि SS मोटा सिंह स्कूल के ट्रस्टियों के बारे में भारद्वाज की पोस्ट सरकार की आलोचना करने के मकसद से पूछे गए सवाल थे, न कि किसी की मानहानि करने के लिए।
कोर्ट ने कहा कि ये बयान अमरजीत सिंह बाबू द्वारा सोशल मीडिया पर पहले से पोस्ट की गई जानकारी को दोहराते हैं और इन्हें शिकायतकर्ता की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से दिया गया नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा, "ऊपर की गई चर्चा को देखते हुए, आरोपी बनाए गए व्यक्ति द्वारा पोस्ट किए गए ट्वीट और वीडियो मानहानि का अपराध नहीं माने जा सकते।" इसके साथ ही कोर्ट ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 356 के तहत अपराध का संज्ञान लेने से इनकार कर दिया।
कोर्ट ने यह भी कहा कि शिकायत और उससे जुड़े दस्तावेजों से कोई अन्य अपराध बनता हुआ नहीं दिखता। कोर्ट ने कानूनी राहत मांगते समय वादियों द्वारा महत्वपूर्ण तथ्यों को पूरी तरह और निष्पक्ष रूप से बताने की जिम्मेदारी पर भी टिप्पणी की। कोर्ट ने गौर किया कि वर्मा के अपने अकाउंट से की गई सोशल मीडिया पोस्ट - जिनमें वर्मा के दिवंगत पिता की याद में मेडिकल कैंप आयोजित करने के लिए बाबू को धन्यवाद देना और उनके जन्मदिन पर बधाई देना शामिल है - यह संकेत देती हैं कि दोनों वर्मा के कॉलेज के दिनों से एक-दूसरे को जानते थे।
कोर्ट ने इसे 4 जुलाई, 2026 को हुई पूछताछ के दौरान वर्मा के इस बयान के विपरीत पाया कि उनका बाबू से किसी भी तरह का कोई संबंध नहीं था। कोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया कि किसी सार्वजनिक हस्ती की कई लोगों के साथ तस्वीरें अपने आप में कोई संबंध स्थापित नहीं करतीं; कोर्ट ने कहा कि जन्मदिन की बधाई और कॉलेज के समय से चली आ रही जान-पहचान को इस आधार पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने आगे कहा कि संबंध का मतलब सिर्फ समान हितों वाले समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि आम बोलचाल में इसमें साथी, दोस्त या परिचित व्यक्ति भी शामिल हो सकते हैं। आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए भारद्वाज ने कहा कि कोर्ट ने पाया है कि उनके ट्वीट और वीडियो मानहानि के दायरे में नहीं आते हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक बयान में कहा कि कोर्ट की टिप्पणियों ने बाबू के साथ अपने जुड़ाव के बारे में वर्मा के दावों पर भी सवाल खड़े किए हैं। कोर्ट ने यह निष्कर्ष निकाला कि मानहानि के कथित अपराध का संज्ञान लेने के लिए पर्याप्त आधार नहीं थे और शिकायत पर आगे बढ़ने से इनकार कर दिया।
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