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कोर्ट का फैसला: सागर शर्मा को 30 दिन की जमानत, नियमों का पालन जरूरी

Saba Naaz
21 July 2026 6:51 PM IST
कोर्ट का फैसला: सागर शर्मा को 30 दिन की जमानत, नियमों का पालन जरूरी
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नई दिल्ली। दिसंबर 2023 में संसद की सुरक्षा में हुई बड़ी चूक के मामले के आरोपित सागर शर्मा को पटियाला हाउस कोर्ट ने 30 दिन की अंतरिम जमानत दे दी है। अदालत ने यह राहत मानवीय आधार पर दी है, ताकि वह अपने पिता के निधन के बाद अंतिम संस्कार और उससे जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों को पूरा कर सकें। कोर्ट ने साफ किया है कि यह जमानत मामले की गंभीरता या आरोपों के गुण-दोष को देखते हुए नहीं, बल्कि पारिवारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए दी गई है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित बंसल की अदालत ने सागर शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि उनके पिता का 14 जुलाई को कैंसर की बीमारी के चलते निधन हो गया था। परिवार में सागर शर्मा इकलौते पुरुष सदस्य हैं और हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार के बाद होने वाले कई धार्मिक कर्मकांडों को पूरा करने की जिम्मेदारी उन्हीं पर है। इसी आधार पर अदालत ने उन्हें सीमित अवधि के लिए राहत प्रदान की।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने भी अंतरिम जमानत का विरोध नहीं किया। अदालत ने सभी परिस्थितियों को देखते हुए 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानती के आधार पर सागर शर्मा को 30 दिन की अंतरिम जमानत मंजूर कर ली।

हालांकि, अदालत ने जमानत देते समय कई सख्त शर्तें भी तय की हैं। कोर्ट ने आदेश दिया है कि सागर शर्मा सुनवाई की तारीखों पर वर्चुअली अदालत में उपस्थित होंगे। इसके अलावा वह जमानत अवधि बढ़ाने के लिए कोई नई मांग नहीं करेंगे। उन्हें सप्ताह में तीन दिन संबंधित थाने में जाकर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सागर शर्मा किसी भी तरह से मामले से जुड़े साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे और न ही किसी गवाह को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे। उन्हें भविष्य में किसी अन्य अपराध में शामिल होने से भी प्रतिबंधित किया गया है।

कोर्ट ने मीडिया और सोशल मीडिया को लेकर भी सख्त निर्देश दिए हैं। सागर शर्मा को इस मामले से संबंधित कोई इंटरव्यू देने, प्रेस वार्ता करने या इंटरनेट मीडिया पर घटना से जुड़ी कोई पोस्ट साझा करने से रोक दिया गया है। अदालत ने कहा है कि जमानत की शर्तों का उल्लंघन होने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

गौरतलब है कि संसद सुरक्षा चूक की यह घटना 13 दिसंबर 2023 को हुई थी। उस दिन संसद पर हुए 2001 के आतंकी हमले की बरसी थी। लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा से सागर शर्मा और मनोरंजन डी सदन के अंदर कूद गए थे। दोनों ने पीले रंग का धुआं छोड़ा था और नारेबाजी की थी। इस घटना के बाद संसद की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे।

इस मामले में पुलिस ने सागर शर्मा के अलावा मनोरंजन डी, ललित झा, महेश कुमावत समेत कुल छह लोगों को आरोपित बनाया है। जांच एजेंसियां इस मामले में लगातार साक्ष्य जुटा रही हैं। सुरक्षा चूक से जुड़े इस मामले में आरोपितों पर कड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।

अदालत ने सागर शर्मा को अस्थायी राहत जरूर दी है, लेकिन उनके खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। 30 दिन की अंतरिम जमानत पूरी होने के बाद उन्हें तय प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई का सामना करना होगा। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब सभी की नजरें इस मामले की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं।

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