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चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ शिकायत पर कोर्ट सख्त DCP को नोटिस

Ratna Netam
5 Oct 2026 4:29 PM IST
चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ शिकायत पर कोर्ट सख्त DCP को नोटिस
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नई दिल्ली। नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ एक महिला की ओर से लगाए गए रेप और धोखाधड़ी के आरोपों से जुड़ी शिकायत के मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पुलिस को जांच जल्द पूरी करने का निर्देश दिया है। अदालत ने जांच के लिए और समय देने की दिल्ली पुलिस की मांग स्वीकार नहीं की और संबंधित डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।यह मामला राउज एवेन्यू कोर्ट की एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) नेहा मित्तल की अदालत में विचाराधीन है। दिल्ली की अदालतों के आधिकारिक रिकॉर्ड में राउज एवेन्यू कोर्ट कॉम्प्लेक्स में सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों के लिए विशेष न्यायिक व्यवस्था होने की पुष्टि होती है। आधिकारिक न्यायिक रिकॉर्ड में नेहा मित्तल का नाम भी राउज एवेन्यू कोर्ट में एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के रूप में दर्ज रहा है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अदालत ने संबंधित DCP को नोटिस जारी करते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा है कि शिकायत पर चल रही जांच अगली सुनवाई से पहले पूरी हो। इससे पहले दिल्ली पुलिस की ओर से जांच पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया था, लेकिन अदालत ने और समय देने की मांग को स्वीकार नहीं किया।मामले की शुरुआत शिकायतकर्ता महिला द्वारा दिल्ली पुलिस को दी गई शिकायत से हुई थी। महिला ने इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। महिला का आरोप है कि सांसद चंद्रशेखर आजाद ने शादी का झूठा वादा कर उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया और उसके साथ धोखाधड़ी की। फिलहाल ये महिला द्वारा लगाए गए आरोप हैं और इन पर जांच जारी है। आरोपों की सत्यता को लेकर अदालत की ओर से कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
अदालत का ताजा निर्देश मुख्य रूप से शिकायत की जांच की समयसीमा से संबंधित है। कोर्ट ने पुलिस को अगली तारीख से पहले जांच पूरी करने को कहा है, ताकि मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जा सके। इस आदेश के बाद संबंधित पुलिस अधिकारियों पर जांच को निर्धारित समय में पूरा करने की जिम्मेदारी बढ़ गई है।दिल्ली पुलिस के पास शिकायतों की स्थिति की जांच के लिए आधिकारिक व्यवस्था भी उपलब्ध है और उसका नागरिक पोर्टल शिकायतों के स्टेटस से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराता है।अब इस मामले में 23 अक्टूबर की सुनवाई अहम होगी। उस दिन अदालत के सामने पुलिस की जांच की प्रगति या उससे संबंधित रिपोर्ट रखे जाने की संभावना है। इसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत पर पुलिस की जांच किस नतीजे तक पहुंची है और आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाते हैं।
चूंकि मामला एक मौजूदा सांसद के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों से संबंधित है, इसलिए इसे राउज एवेन्यू कोर्ट में देखा जा रहा है। दिल्ली के न्यायिक रिकॉर्ड बताते हैं कि मौजूदा और पूर्व सांसदों तथा विधायकों से संबंधित आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए राउज एवेन्यू कोर्ट कॉम्प्लेक्स में विशेष अदालतें काम करती हैं।महिला की शिकायत में लगाए गए रेप और धोखाधड़ी के आरोप गंभीर हैं, लेकिन कानूनी दृष्टि से आरोप लगना और उनका साबित होना अलग-अलग बातें हैं। जांच एजेंसी को शिकायत, बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तथ्यों की पड़ताल करनी होगी। इसलिए मामले में किसी भी पक्ष को दोषी या निर्दोष ठहराने से पहले जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होना आवश्यक है।
फिलहाल अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। ताजा घटनाक्रम केवल इतना है कि पुलिस को जांच के लिए अतिरिक्त समय नहीं मिला और संबंधित DCP को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई से पहले जांच पूरी कराने का निर्देश दिया गया है।अब सभी की नजर 23 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई पर रहेगी। उस दिन जांच की स्थिति अदालत के सामने आने के बाद मामले की आगे की दिशा अधिक स्पष्ट हो सकती है।
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