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रेखा गुप्ता के खिलाफ शिकायत अदालत ने मांगी पुलिस रिपोर्ट
Ratna Netam
3 Oct 2026 6:47 PM IST

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नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ दायर शिकायत के मामले में कश्मीरी गेट पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सितंबर 2025 में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सरकारी अधिकारियों के बारे में कुछ टिप्पणियां की थीं। शिकायतकर्ता ने इन टिप्पणियों को लेकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।यह आदेश 3 अक्टूबर को अश्वनी पंवार की अदालत ने पारित किया। वह ACJM-04, RACC, नई दिल्ली के समक्ष 'राम निवास शर्मा बनाम श्रीमती रेखा गुप्ता' मामले की सुनवाई कर रहे थे। अदालत के सामने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 223 के तहत दायर नई शिकायत और धारा 175(3) के तहत दाखिल आवेदन पर सुनवाई हुई।अदालत ने शिकायतकर्ता की दलीलों को सुनने और रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री देखने के बाद कश्मीरी गेट पुलिस स्टेशन के SHO को मामले की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत के इस निर्देश के बाद अब पुलिस की रिपोर्ट इस मामले में आगे की न्यायिक कार्यवाही के लिए महत्वपूर्ण होगी।
क्या है पूरा मामला
शिकायतकर्ता राम निवास शर्मा की ओर से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ यह शिकायत दाखिल की गई है। शिकायत में सितंबर 2025 में हुए एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की ओर से सरकारी अधिकारियों के संबंध में की गई कथित टिप्पणियों को आधार बनाया गया है।शिकायतकर्ता का कहना है कि कथित टिप्पणियों के संबंध में कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। इसी उद्देश्य से अदालत के समक्ष शिकायत और पुलिस से संबंधित आवेदन पेश किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध रिकॉर्ड पर विचार किया।हालांकि, अदालत ने इस स्तर पर शिकायत में लगाए गए आरोपों को सही ठहराने या गलत घोषित करने संबंधी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। SHO से स्टेटस रिपोर्ट मांगना मामले की प्रक्रिया का हिस्सा है। आगे की कार्रवाई पुलिस की रिपोर्ट और अदालत के समक्ष उपलब्ध होने वाली अन्य सामग्री के आधार पर तय हो सकती है।
BNSS की धारा 223 के तहत सुनवाई
मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 223 का उल्लेख किया गया है। यह प्रावधान शिकायत के आधार पर मजिस्ट्रेट के समक्ष कार्यवाही से संबंधित है। अदालत शिकायतकर्ता की बात सुनने और उपलब्ध रिकॉर्ड पर विचार करने के बाद मामले में आगे की प्रक्रिया तय कर सकती है।इसी मामले में BNSS की धारा 175(3) के तहत आवेदन भी दाखिल किया गया है। शिकायतकर्ता की ओर से पुलिस स्तर पर कार्रवाई की मांग से संबंधित आवेदन पर अदालत के समक्ष सुनवाई हुई। अदालत ने सीधे किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय संबंधित पुलिस थाने के SHO से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।इस रिपोर्ट के जरिए पुलिस को मामले में अब तक हुई कार्रवाई और शिकायत से जुड़े तथ्यों की स्थिति अदालत के सामने रखनी होगी। इसके बाद अदालत तय करेगी कि शिकायत पर आगे किस तरह की कार्रवाई की जानी है।
पुलिस रिपोर्ट पर टिकी आगे की प्रक्रिया
अदालत के आदेश के बाद अब कश्मीरी गेट पुलिस स्टेशन के SHO को मामले की स्थिति से संबंधित रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। रिपोर्ट में शिकायत से जुड़े पहलुओं और पुलिस स्तर पर हुई कार्रवाई की जानकारी अदालत के सामने रखी जा सकती है।यह रिपोर्ट अदालत के लिए इसलिए महत्वपूर्ण होगी क्योंकि इसके आधार पर शिकायत में लगाए गए आरोपों को लेकर आगे की प्रक्रिया तय की जा सकती है। अदालत के समक्ष पुलिस का पक्ष आने के बाद शिकायतकर्ता की दलीलों पर भी आगे सुनवाई हो सकती है।फिलहाल अदालत ने केवल स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। इसलिए इस आदेश को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ किसी अपराध या आरोप की न्यायिक पुष्टि के तौर पर नहीं देखा जा सकता। शिकायत में लगाए गए आरोपों पर अंतिम स्थिति आगे की न्यायिक प्रक्रिया में सामने आएगी।
सार्वजनिक कार्यक्रम की टिप्पणियों को लेकर शिकायत
शिकायत का मूल आधार सितंबर 2025 में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की ओर से सरकारी अधिकारियों के बारे में की गई कथित टिप्पणियां हैं। शिकायतकर्ता ने इन्हीं टिप्पणियों को लेकर अदालत का रुख किया है।सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों के बयानों को लेकर अक्सर कानूनी और राजनीतिक विवाद सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में अदालत के सामने यह देखना होता है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में क्या सामग्री उपलब्ध है और क्या मामले में आगे जांच या अन्य कानूनी प्रक्रिया की आवश्यकता है।इस मामले में भी अदालत ने शिकायतकर्ता की बात सुनने और रिकॉर्ड देखने के बाद पुलिस से स्थिति स्पष्ट करने वाली रिपोर्ट मांगी है। इससे संकेत मिलता है कि फिलहाल मामला प्रारंभिक न्यायिक प्रक्रिया में है और आगे की दिशा पुलिस रिपोर्ट तथा अदालत के अगले आदेश से स्पष्ट होगी।
अभी अंतिम फैसला नहीं
रेखा गुप्ता के खिलाफ दायर इस शिकायत में अदालत की ओर से अभी कोई अंतिम फैसला नहीं दिया गया है। 3 अक्टूबर के आदेश में कश्मीरी गेट थाना प्रभारी से स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई है। इसलिए शिकायत में लगाए गए आरोपों को फिलहाल आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।आने वाले चरण में पुलिस की रिपोर्ट अदालत के सामने पेश की जाएगी। इसके बाद अदालत शिकायत, पुलिस रिपोर्ट और रिकॉर्ड में मौजूद अन्य सामग्री पर विचार कर सकती है। मामले में आगे सुनवाई के दौरान यह तय हो सकता है कि शिकायत पर किस प्रकार की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।फिलहाल इस मामले का प्रमुख घटनाक्रम यही है कि दिल्ली की अदालत ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ दायर शिकायत पर कश्मीरी गेट पुलिस स्टेशन के SHO से स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। अदालत का यह निर्देश मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए अगला महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।
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