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Voters' के अधिकारों पर कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी, शशि थरूर का बड़ा बयान
Ratna Netam
27 Oct 2026 3:39 PM IST

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नई दिल्ली : 27 अक्टूबर 2026। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने मतदाताओं के अधिकारों को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान करने का अधिकार है और किसी भी व्यक्ति को इस अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठे विवाद के बीच थरूर ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं रह सकती। पार्टी लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाती रहेगी।थरूर ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक बताते हुए चुनाव आयोग से जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है।
मतदान का अधिकार छीनने का किसी को हक नहीं: थरूर
शशि थरूर ने 21 अक्टूबर को तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि किसी भी सरकार या संस्था को पात्र नागरिकों का मतदान अधिकार छीनने का अधिकार नहीं है।उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के कार्यकाल में विशेष गहन पुनरीक्षण की आड़ में मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हुए हैं।थरूर ने कहा कि कांग्रेस की लड़ाई किसी विशेष राजनीतिक दल को जिताने या हराने के लिए नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए है कि नागरिक अपनी पसंद के उम्मीदवार को स्वतंत्र रूप से वोट दे सकें।उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया को लोकतंत्र की बुनियादी आवश्यकता बताया।
पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची को लेकर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद ने पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की मतदाता सूची से 90 लाख से अधिक नाम हटा दिए गए।थरूर के अनुसार, इनमें से लगभग 82 हजार लोगों की अपीलों पर सुनवाई हुई और करीब 91 प्रतिशत मामलों में नाम हटाने का निर्णय गलत पाया गया।उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इतनी बड़ी संख्या में नाम हटाने की प्रक्रिया गलत साबित होती है, तो विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य क्या रह जाता है?हालांकि ये आंकड़े थरूर द्वारा प्रस्तुत दावे हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
शशि थरूर ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है।कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है। थरूर का कहना है कि मतदाता सूची में सामने आई कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।उन्होंने मतदाता पंजीकरण से संबंधित फॉर्म-6 और फॉर्म-7 की प्रक्रियाओं पर भी सवाल उठाए। इसके साथ ही वर्ष 2002 की मतदाता सूची को आधार बनाए जाने के औचित्य पर स्पष्टीकरण मांगा।
एक नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली की तैयारी
मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने आंदोलन तेज करने की योजना बनाई है।थरूर ने बताया कि पार्टी एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली आयोजित करेगी। उनके अनुसार, इस कार्यक्रम के लिए पुलिस से अनुमति प्राप्त कर ली गई है।रैली का उद्देश्य मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के मुद्दे को उठाना और चुनाव आयोग की जवाबदेही की मांग करना है।कांग्रेस का कहना है कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आवश्यक है।
लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष चुनाव जरूरी
शशि थरूर ने कहा कि चुनावी व्यवस्था पर जनता का भरोसा बनाए रखना बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटने की स्थिति में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी केवल मतदाता सूची को अद्यतन करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि किसी पात्र नागरिक का मतदान अधिकार प्रभावित न हो।विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को सही और अद्यतन बनाना है, लेकिन कांग्रेस ने इसके क्रियान्वयन को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
मतदाता अधिकारों को लेकर जारी रहेगा राजनीतिक विवाद
विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक विवाद जारी है।कांग्रेस जहां मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है, वहीं विवाद का मुख्य विषय पात्र मतदाताओं की पहचान, शिकायतों का निपटारा और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता है।थरूर ने दोहराया कि कांग्रेस मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों से जुड़े सवालों को लगातार उठाएगी। उनके अनुसार, लोकतंत्र तभी मजबूत रह सकता है, जब प्रत्येक पात्र नागरिक बिना किसी बाधा के अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सके।
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