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SIR के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा रुख ज्ञानेश कुमार पर बढ़ाया दबाव

Ratna Netam
29 Sept 2026 10:14 PM IST
SIR के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा रुख ज्ञानेश कुमार पर बढ़ाया दबाव
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New दिल्ली : कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की मंगलवार को नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में हुई बैठक में चुनाव आयोग और मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर तीखी चर्चा हुई। बैठक में कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे, SIR प्रक्रिया को रोकने और पार्टी के मुताबिक मतदाता सूची से हटाए गए 13 लाख से अधिक नामों को दोबारा जोड़ने की मांग की।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी सहित पार्टी के कई शीर्ष नेता मौजूद रहे। CWC ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए और आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। कांग्रेस के ये आरोप राजनीतिक दावे हैं और चुनाव आयोग इन्हें पहले भी खारिज कर चुका है।
कांग्रेस ने अपने प्रस्ताव में कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद छोड़ना चाहिए। पार्टी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से नहीं चल रही और इससे वैध मतदाताओं के नाम हटने का खतरा पैदा हुआ है। कांग्रेस ने SIR को तत्काल निलंबित करने की मांग भी दोहराई।
CWC ने यह भी मांग की कि जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उन्हें दोबारा जोड़ा जाए। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार कांग्रेस ने करीब 13.3 लाख नामों की बहाली की मांग उठाई है। पार्टी का कहना है कि ऐसे मतदाताओं को उचित प्रक्रिया और अपील का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैठक के दौरान केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। पार्टी नेतृत्व का आरोप है कि चुनाव से जुड़ी संस्थाओं की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर भरोसा कमजोर हो रहा है। हालांकि इन आरोपों से BJP और चुनाव आयोग सहमत नहीं हैं। भाजपा नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए SIR जैसी प्रक्रिया जरूरी है।
विवाद के केंद्र में चुनाव आयोग के भीतर SIR से जुड़े कुछ फैसलों को लेकर सामने आई असहमति भी है। हालिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि आयोग के दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले करीब दस महीनों में कुछ फैसलों पर आंतरिक स्तर पर सवाल उठाए थे। विपक्ष ने इन्हीं रिपोर्टों के आधार पर मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली पर निशाना साधा है।
वहीं चुनाव आयोग का पक्ष है कि उसके निर्णय कानून और निर्धारित प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं। आयोग ने मतदाता सूची की समीक्षा को मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाने की कवायद बताया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार हाल ही में यह भी कह चुके हैं कि आयोग का उद्देश्य 18 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना है।
SIR को लेकर देश के अलग-अलग राज्यों में राजनीतिक विवाद चल रहा है। कुछ स्थानों पर मतदाताओं को नोटिस मिलने, दस्तावेज जमा करने और नामों के सत्यापन से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर भ्रम की शिकायतें भी सामने आई हैं। पुणे में कुछ मतदाताओं ने SIR नोटिस और सुनवाई की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए, जिसके बाद चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि सामान्य परिस्थितियों में हर मतदाता को व्यक्तिगत रूप से सुनवाई के लिए उपस्थित होने की जरूरत नहीं है।
दिल्ली में भी SIR के तहत युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। 29 और 30 सितंबर को इन शिविरों के माध्यम से मतदाता पंजीकरण को बढ़ावा देने की योजना है।
कांग्रेस की CWC बैठक का महत्व इसलिए भी बढ़ गया क्योंकि विपक्षी INDIA गठबंधन चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने की तैयारी कर रहा है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने की दिशा में भी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है।
कांग्रेस ने पिछले कुछ दिनों में विभिन्न राज्यों में चुनाव आयोग और SIR के खिलाफ प्रदर्शन भी किए हैं। पार्टी के नेता लगातार आरोप लगा रहे हैं कि वोटर लिस्ट में कथित अनियमितताओं से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। BJP ने इसके जवाब में कहा है कि विपक्ष चुनावी हारों का दोष संवैधानिक संस्थाओं पर डाल रहा है और मतदाता सूची सुधार प्रक्रिया को राजनीतिक विवाद बनाने की कोशिश कर रहा है।
इस बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली और SIR से जुड़े मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका दायर की गई है। शीर्ष अदालत ने इस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दी है। याचिका में चुनाव आयोग के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया और SIR की वैधता से जुड़े सवाल उठाए गए हैं। इन मुद्दों पर अदालत का अंतिम निर्णय अभी आना बाकी है।
कुल मिलाकर मंगलवार की CWC बैठक में कांग्रेस ने चुनाव आयोग से जुड़े विवाद को अपनी प्रमुख राजनीतिक और संगठनात्मक प्राथमिकताओं में रखा। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, SIR रोकने और मतदाता सूची से कथित तौर पर हटाए गए नामों की बहाली की मांग दोहराई है। दूसरी ओर चुनाव आयोग और BJP विपक्ष के आरोपों को खारिज कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद, अदालत और विपक्षी गठबंधन की बैठकों में भी प्रमुखता से उठ सकता है।
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