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New Delhi नई दिल्ली : गुरुवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने महासचिवों, प्रभारियों और राज्य इकाई प्रमुखों के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में पार्टी ने साफ़ किया कि उसका कर्तव्य केवल राजनीतिक संघर्ष तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत के संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करना भी कांग्रेस की ज़िम्मेदारी है।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में मौजूदा राजनीतिक हालात का मूल्यांकन किया गया और पार्टी की भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा हुई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, के.सी. वेणुगोपाल, जयराम रमेश, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रभारी, पीसीसी प्रमुख और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
खड़गे ने बैठक के दौरान एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि देश आज महंगाई, बेरोज़गारी, शिक्षा और परीक्षा घोटाले, और सामाजिक असमानता जैसी गंभीर समस्याओं का सामना कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य सिर्फ़ चुनाव जीतना नहीं है, बल्कि आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाना भी है।
बैठक में पार्टी नेताओं ने आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की। नेताओं ने माना कि बढ़ती महंगाई और बेरोज़गारी ने लोगों के जीवन को प्रभावित किया है, और इसके खिलाफ पार्टी को व्यापक स्तर पर अभियान चलाने की जरूरत है। इसके साथ ही शिक्षा क्षेत्र में हो रहे घोटालों और परीक्षा परिणामों में अनियमितताओं को लेकर भी चर्चा हुई।
साथ ही, नेताओं ने डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से जनता तक पार्टी के संदेश को पहुँचाने की रणनीति पर भी विचार किया। बैठक में यह भी तय किया गया कि राज्यों में पार्टी कार्यकर्ताओं को संगठित किया जाएगा और स्थानीय स्तर पर जनसमस्याओं के समाधान के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि पार्टी का ध्यान केवल शहरी केंद्रों तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए सक्रिय रहना आवश्यक है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे जनता के मुद्दों को सीधे सुनें और उनके समाधान के लिए ठोस पहल करें।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पार्टी की नीतियों और रणनीतियों को आम जनता तक प्रभावी रूप से पहुँचाने के लिए राज्य इकाई प्रमुखों और महासचिवों के बीच बेहतर समन्वय किया जाएगा। नेताओं ने चुनावी रणनीति के अलावा सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर जनता को जागरूक करने को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
इस बैठक से यह संकेत मिला कि कांग्रेस न केवल राजनीतिक संघर्ष में सक्रिय है, बल्कि देश के संविधान, लोकतंत्र और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए भी व्यापक रणनीति बना रही है।





