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जनगणना नियमों में बदलाव पर कांग्रेस का बड़ा हमला

Ratna Netam
17 Oct 2026 4:36 PM IST
जनगणना नियमों में बदलाव पर कांग्रेस का बड़ा हमला
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नई दिल्ली। देश में वर्ष 2027 में होने वाली जनगणना से पहले केंद्र सरकार द्वारा जनगणना नियमों में किए गए संशोधनों को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने शनिवार, 17 अक्टूबर को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जनगणना के लिए गणनाकर्मियों यानी एन्यूमरेटर्स की नियुक्ति का दायरा बढ़ाकर सरकार अपने राजनीतिक और वैचारिक संगठनों से जुड़े लोगों को लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रही है। रमेश ने इस कदम को RSS और BJP के हजारों कार्यकर्ताओं के लिए रोजगार गारंटी योजना करार दिया। हालांकि, यह कांग्रेस नेता का राजनीतिक आरोप है और संशोधित नियमों में किसी राजनीतिक संगठन के कार्यकर्ताओं के लिए विशेष प्रावधान नहीं किया गया है।
जनगणना नियमों में बदलाव को लेकर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से केंद्र सरकार के फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि वर्ष 1990 के जनगणना नियमों में संशोधन करके गणनाकर्मियों की नियुक्ति के लिए पात्र लोगों का दायरा बढ़ाया गया है।उनका आरोप है कि इस बदलाव का इस्तेमाल राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोगों को जनगणना प्रक्रिया में शामिल करने के लिए किया जा सकता है।रमेश ने कहा कि यह स्पष्ट रूप से RSS और BJP के हजारों कार्यकर्ताओं के लिए एक रोजगार गारंटी योजना जैसी व्यवस्था है।उन्होंने इस फैसले के समय और इसकी आवश्यकता को लेकर भी सवाल उठाए।
बेलगाम में हुई RSS की बैठक से जोड़ा संशोधन
जयराम रमेश ने दावा किया कि जनगणना नियमों में यह बदलाव कर्नाटक के बेलगाम में 10 से 12 जुलाई 2026 के बीच हुई RSS की बैठक के बाद सामने आया है।उन्होंने आरोप लगाया कि बैठक के बाद किए गए संशोधनों से जनगणना जैसी महत्वपूर्ण सरकारी प्रक्रिया में राजनीतिक हस्तक्षेप की आशंका बढ़ सकती है।कांग्रेस नेता ने सरकार से इस बदलाव के उद्देश्य को स्पष्ट करने की मांग उठाई।हालांकि, RSS की बैठक और जनगणना नियमों में संशोधन के बीच सीधे संबंध का स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है। इसलिए इस संबंध में किए गए दावों को राजनीतिक आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
16 अक्टूबर को जारी हुई आधिकारिक अधिसूचना
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत भारत के महापंजीयक कार्यालय ने 16 अक्टूबर 2026 को जनगणना संशोधन नियम, 2026 की अधिसूचना जारी की।यह संशोधन जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत जारी किया गया है। इसमें जनगणना नियम, 1990 के नियम 3 में गणनाकर्मियों की नियुक्ति संबंधी पात्रता का विस्तार किया गया है।संशोधित प्रावधानों के तहत सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों, सरकारी कर्मचारियों, स्थानीय निकायों के अधिकारियों और अन्य पात्र व्यक्तियों को गणनाकर्मी नियुक्त किया जा सकता है।
निजी स्कूलों के शिक्षकों को भी मिलेगा अवसर
नए नियमों के अनुसार, सरकारी शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त निजी स्कूलों के शिक्षकों को भी जनगणना कार्य में लगाया जा सकेगा।इसके अलावा सरकारी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, बैंकों, कंपनियों, संस्थानों, समितियों और ट्रस्टों से जुड़े कर्मचारियों को भी इस कार्य के लिए पात्र बनाया गया है।राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासन को अन्य उपयुक्त व्यक्तियों की नियुक्ति करने का अधिकार भी दिया गया है।इस व्यवस्था का उद्देश्य जनगणना के लिए उपलब्ध कर्मचारियों की संख्या बढ़ाना और व्यापक स्तर पर आंकड़े एकत्र करने की प्रक्रिया को सुचारु बनाना बताया गया है।
जनगणना की निष्पक्षता को लेकर कांग्रेस की चिंता
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि यदि गणनाकर्मियों के चयन में पर्याप्त पारदर्शिता नहीं बरती गई, तो इससे जनगणना के प्रति लोगों के विश्वास पर असर पड़ सकता है।जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण सांख्यिकीय प्रक्रियाओं में शामिल है। इसके माध्यम से जनसंख्या, आवास, शिक्षा और विभिन्न सामाजिक-आर्थिक पहलुओं से संबंधित जानकारी एकत्र की जाती है।इन आंकड़ों का उपयोग सरकारी योजनाओं, संसाधनों के वितरण और विकास संबंधी नीतियों के निर्माण में किया जाता है।ऐसे में गणनाकर्मियों की नियुक्ति और प्रशिक्षण की प्रक्रिया निष्पक्ष तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप होना आवश्यक है।
2027 की जनगणना की तैयारियां तेज
केंद्र सरकार वर्ष 2027 की जनगणना के लिए प्रशासनिक तैयारियां आगे बढ़ा रही है। जनगणना का पहला चरण मकानों की सूची तैयार करने और आवास संबंधी जानकारी जुटाने से संबंधित है, जबकि दूसरे चरण में जनसंख्या की गणना की जाएगी।वर्ष 2021 में प्रस्तावित जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी। इसके बाद अब 2027 की जनगणना को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
कांग्रेस के आरोपों के बाद राजनीतिक विवाद तेज
जयराम रमेश के बयान के बाद जनगणना नियमों में बदलाव का मुद्दा राजनीतिक चर्चा में आ गया हैकांग्रेस का आरोप है कि इस संशोधन के जरिए RSS और BJP से जुड़े लोगों को फायदा पहुंचाया जा सकता है। दूसरी ओर, आधिकारिक अधिसूचना में बदलाव को गणनाकर्मियों की पात्रता बढ़ाने तक सीमित रखा गया है।फिलहाल उपलब्ध जानकारी से यह साबित नहीं होता कि किसी विशेष राजनीतिक संगठन को नियुक्तियों में प्राथमिकता दी जाएगी।अब जनगणना कार्य के लिए नियुक्तियों की वास्तविक प्रक्रिया और सरकार की ओर से अपनाए जाने वाले मानकों पर नजर रहेगी।
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