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SIR पर कांग्रेस का हमला आराधना मिश्रा ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब
Ratna Netam
13 Oct 2026 7:53 PM IST

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नई दिल्ली। देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर के नाम पर देशभर में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। कांग्रेस नेता ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए INDIA गठबंधन के विरोध प्रदर्शन को लोकतंत्र की रक्षा के लिए जन-आंदोलन बताया। हालांकि, 13 करोड़ लोगों के मतदान अधिकार स्थायी रूप से समाप्त होने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के दौरान समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में आराधना मिश्रा ने कहा कि मतदान का अधिकार भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। यदि पात्र नागरिकों को इस अधिकार से वंचित किया जाता है, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होगी।उन्होंने कहा कि विपक्ष का आंदोलन केवल राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
13 करोड़ नाम हटाने का दावा
आराधना मिश्रा ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए गए हैं।उन्होंने कहा, "SIR के नाम पर 13 करोड़ से ज्यादा लोगों के नाम हटा दिए गए हैं। यह कोई मामूली बात नहीं है। देश में लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत वोट देने का अधिकार है। अगर लोगों को इससे वंचित किया गया, तो लोकतंत्र नहीं बचेगा।"कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची में किए गए बदलावों को लेकर जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई।देशभर में बड़े पैमाने पर मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने को लेकर विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, प्रारूप मतदाता सूची से नाम हटना और अंतिम सूची से स्थायी रूप से नाम हटना अलग प्रक्रियाएं हैं। चुनाव आयोग ने भी अदालत में स्पष्ट किया है कि प्रारूप सूची में नाम नहीं होने का अर्थ हमेशा अंतिम सूची से नाम हटाया जाना नहीं होता।
INDIA गठबंधन के आंदोलन को बताया जन-आंदोलन
आराधना मिश्रा ने INDIA गठबंधन के विरोध प्रदर्शन को लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से जुड़ा आंदोलन बताया।उन्होंने कहा कि विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे को लेकर एकजुट हैं।कांग्रेस नेता के अनुसार, मतदाता सूची का पुनरीक्षण निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम बिना उचित प्रक्रिया के नहीं हटाया जाना चाहिए।दिल्ली में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर प्रदर्शन किया है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर न्यायिक हस्तक्षेप की भी मांग उठाई है।
उत्तर प्रदेश में भी SIR पर उठाए थे सवाल
आराधना मिश्रा इससे पहले उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर भी सवाल उठा चुकी हैं।उन्होंने राज्य में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने, नए नाम जोड़ने और फॉर्म-7 के जरिए दर्ज आपत्तियों की प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग से जानकारी मांगी थी।कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में 2.96 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने का दावा किया था। इसके अलावा लगभग 16 लाख नए मतदाताओं के पंजीकरण और 85,854 फॉर्म-7 आवेदनों से संबंधित विवरण सार्वजनिक करने की मांग की गई थी।आराधना मिश्रा ने आयोग से कहा था कि नाम हटाए जाने के कारणों की श्रेणीवार जानकारी दी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी पात्र मतदाता का नाम गलत तरीके से सूची से बाहर न हो।
सुप्रीम कोर्ट पहुंचा चुनावी विवाद
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।INDIA गठबंधन के नेताओं ने चुनाव आयोग के फैसलों और मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया की समीक्षा कराने की मांग की है।विपक्ष ने एसआईआर से जुड़े आंकड़ों का स्वतंत्र ऑडिट कराने, नाम हटाए जाने के कारणों को सार्वजनिक करने और प्रभावित मतदाताओं को उचित अवसर देने की मांग विपक्षी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना जरूरी है, लेकिन इस प्रक्रिया में किसी पात्र नागरिक का मतदान अधिकार प्रभावित नहीं होना चाहिए।
चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर विवाद
विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची में मौजूद त्रुटियों, दोहरी प्रविष्टियों और अपात्र नामों की पहचान करना है।चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर मतदाताओं को अपना नाम जांचने, नया पंजीकरण कराने और संबंधित आवेदन प्रस्तुत करने की सुविधा उपलब्ध है।इसके लिए फॉर्म-6 के माध्यम से नया पंजीकरण और फॉर्म-7 के जरिए नाम हटाने संबंधी आवेदन की व्यवस्था है।आराधना मिश्रा ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक का मतदान अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग से पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।फिलहाल एसआईआर और मतदाता सूची से नाम हटाने का मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में प्रमुख विवाद बना हुआ है। विपक्ष इसे मताधिकार की सुरक्षा से जोड़ रहा है, जबकि चुनाव आयोग मतदाता सूचियों की शुद्धता और निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन पर जोर दे रहा है।
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