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एनर्जी सिक्योरिटी पर PM के बयान को लेकर कांग्रेस का हमला, सरकार पर सवाल

Kavita2
11 May 2026 10:53 AM IST
एनर्जी सिक्योरिटी पर PM के बयान को लेकर कांग्रेस का हमला, सरकार पर सवाल
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Delhi दिल्ली: कांग्रेस ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने नागरिकों से पेट्रोलियम उत्पादों का समझदारी से उपयोग करने की अपील की थी। कांग्रेस ने इस टिप्पणी को लेकर केंद्र सरकार की ऊर्जा नीति और देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाल में हुए US-ईरान तनाव के लगभग तीन महीने बाद भी सरकार भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए स्पष्ट और प्रभावी रणनीति नहीं बना पाई है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार केवल उपभोक्ताओं से अपील करने तक सीमित है, जबकि वास्तविक नीति सुधार और दीर्घकालिक योजना पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने अपने बयान में लोगों से पेट्रोलियम उत्पादों के उपयोग में सावधानी बरतने और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि ऊर्जा संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग देश की अर्थव्यवस्था और भविष्य के लिए आवश्यक है। हालांकि, इस बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह संदेश यह दर्शाता है कि सरकार के पास बढ़ती वैश्विक ऊर्जा कीमतों और आपूर्ति चुनौतियों से निपटने के लिए कोई ठोस रोडमैप नहीं है। पार्टी के अनुसार, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव हो रहा है, तब सरकार को नीति स्तर पर मजबूत कदम उठाने चाहिए, न कि केवल जनता से संयम की अपील करनी चाहिए।

कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाओं का असर भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर सीधे पड़ता है, और ऐसे समय में देश को मजबूत ऊर्जा सुरक्षा ढांचे की जरूरत है। पार्टी ने सरकार से सवाल किया कि इस दिशा में अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।

वहीं, सरकार की ओर से पहले भी यह कहा जाता रहा है कि भारत ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विविध स्रोतों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी पर काम कर रहा है। इसके साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में भी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले समय में और गरमा सकता है, क्योंकि ऊर्जा कीमतें और आपूर्ति व्यवस्था आम जनता से सीधे जुड़ी हुई है। पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों को लेकर पहले भी राजनीतिक बहस होती रही है, और अब प्रधानमंत्री के बयान के बाद यह मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है।

फिलहाल कांग्रेस और सरकार के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी जारी है, और ऊर्जा नीति को लेकर बहस तेज होती दिख रही है।

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