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चुनाव आयोग विवाद पर कांग्रेस का हमला पीएम मोदी से मांगा जवाब

Ratna Netam
29 Sept 2026 3:01 PM IST
चुनाव आयोग विवाद पर कांग्रेस का हमला पीएम मोदी से मांगा जवाब
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नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर उठे सवालों के बाद प्रधानमंत्री को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक के बाद पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के पास पद पर बने रहने का “कोई नैतिक अधिकार नहीं” है। यह कांग्रेस का राजनीतिक आरोप और मांग है, जबकि निर्वाचन आयोग ने अपने कामकाज को लेकर लगाए गए कई आरोपों का खंडन किया है।
कांग्रेस कार्य समिति की बैठक के बाद पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल और महासचिव संचार जयराम रमेश ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान वेणुगोपाल ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और निर्वाचन आयोग के आंतरिक कामकाज को लेकर सामने आई रिपोर्टों का मुद्दा उठाया। कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर अधिक पारदर्शिता की मांग की है।वेणुगोपाल ने दावा किया कि निर्वाचन आयोग के भीतर हुए घटनाक्रम और दो चुनाव आयुक्तों की ओर से कैबिनेट सचिव को लिखे गए पत्र के कारण यह मामला केंद्र सरकार के शीर्ष स्तर की जानकारी में था। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी बनती है कि वह मामले में हस्तक्षेप करें।
उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग के कुछ फैसले निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि CWC की राय है कि पूरे विवाद की जवाबदेही तय होनी चाहिए और चुनावी प्रक्रिया को लेकर मतदाताओं के मन में पैदा हो रहे सवालों का स्पष्ट जवाब सामने आना चाहिए।हाल के दिनों में निर्वाचन आयोग के आंतरिक कामकाज को लेकर विवाद बढ़ा है। रिपोर्टों के अनुसार चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मतदाता सूची से जुड़े कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। एक रिपोर्ट में दोनों चुनाव आयुक्तों द्वारा कैबिनेट सचिव से संपर्क किए जाने का भी जिक्र किया गया था।
हालांकि निर्वाचन आयोग ने इस विवाद पर अलग पक्ष रखा है। आयोग के मुताबिक विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित आदेश और कार्यक्रम तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से मंजूर किए गए थे। आयोग ने यह भी कहा कि कैबिनेट सचिव को लिखे गए पत्र का संबंध आयोग की नीति से नहीं, बल्कि प्रतिनियुक्ति पर काम कर रहे एक अधिकारी से जुड़े विषय से था।इस बीच कांग्रेस लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयोग के कामकाज पर सवाल उठा रही है। CWC की बैठक में भी मतदाता सूची और SIR का मुद्दा प्रमुख रूप से चर्चा में रहा। कांग्रेस ने मतदाता सूची में किए गए बदलावों की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने समेत कई मांगें रखी हैं।
वेणुगोपाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि कांग्रेस इस मामले को केवल निर्वाचन आयोग तक सीमित नहीं मानती। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार को भी जवाब देना चाहिए कि मतदाता सूची और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर लगातार उठ रहे सवालों पर उसने क्या कार्रवाई की।कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है और मतदाता सूची में किसी भी तरह की त्रुटि या अनियमितता को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। पार्टी ने इस मुद्दे पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की योजना की भी घोषणा की है। कांग्रेस की मांग है कि मतदाता सूची की प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता हो और जिन नामों को हटाया गया है, उनके मामलों की समीक्षा की जाए।
CWC बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी निर्वाचन आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग के साथ कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग भी उठाई है। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े फैसलों और प्रक्रिया पर सामने आए सवालों का स्वतंत्र और पारदर्शी तरीके से समाधान होना चाहिए।दूसरी ओर निर्वाचन आयोग का कहना है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया कानूनी प्रावधानों के तहत की जा रही है। आयोग ने आंतरिक मतभेदों और निर्णय प्रक्रिया से जुड़े आरोपों पर कहा है कि SIR संबंधी प्रमुख निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए। इस कारण कांग्रेस और निर्वाचन आयोग के बीच विवाद अब और तेज हो गया है।
मामला न्यायिक स्तर पर भी पहुंच चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त के कामकाज और SIR प्रक्रिया से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दी है। याचिका में निर्वाचन आयोग के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं।कांग्रेस का कहना है कि वह मतदाता सूची और निर्वाचन आयोग के कामकाज से जुड़े मुद्दे को आगे भी उठाती रहेगी। पार्टी ने इसे चुनावी पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकार से जुड़ा मामला बताया है। वहीं निर्वाचन आयोग अपने निर्णयों और SIR प्रक्रिया का बचाव कर रहा है।CWC की बैठक के बाद केसी वेणुगोपाल का प्रधानमंत्री मोदी को लेकर दिया गया बयान इसी राजनीतिक टकराव की नई कड़ी है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से जवाबदेही की मांग करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है, जबकि यह विपक्षी दल की राजनीतिक मांग है और प्रधानमंत्री या सरकार की ओर से इस विशेष बयान पर प्रतिक्रिया सामने आने पर विवाद का अगला पक्ष और स्पष्ट होगा।
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