- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- भारत-अमेरिका ट्रेड...
भारत-अमेरिका ट्रेड वार्ता पर कांग्रेस का हमला, जयराम रमेश ने उठाए सवाल

New Delhi नई दिल्ली : अमेरिका के यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) जेमिसन ग्रीर के भारत दौरे के बीच कांग्रेस ने केंद्र सरकार की व्यापार नीति को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। मंगलवार को कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने “अच्छे दोस्त” अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खुश करने की कोशिश बंद करनी चाहिए और देशहित को प्राथमिकता देनी चाहिए।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार को ऐसे किसी भी व्यापार समझौते के लिए दबाव में नहीं आना चाहिए, जो भारत के हितों के खिलाफ हो। उन्होंने कहा कि भारत को किसी “अनुकूल नहीं” समझौते पर हस्ताक्षर करने की आवश्यकता नहीं है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि USTR जेमिसन ग्रीर इस समय नई दिल्ली में मौजूद हैं और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि फरवरी 2026 में जारी संयुक्त बयान भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा था, जो प्रधानमंत्री के अनुरोध पर तैयार किया गया था।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि भारत को अन्य देशों के उदाहरणों से सीखना चाहिए। उन्होंने मलेशिया का हवाला देते हुए कहा कि वहां की सरकार ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को अस्वीकार कर दिया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार अंतरराष्ट्रीय दबाव में व्यापार नीति तय कर रही है और इससे देश की आर्थिक संप्रभुता पर असर पड़ सकता है।
इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में एक बार फिर भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को लेकर बहस तेज हो गई है। जहां सरकार इसे रणनीतिक आर्थिक साझेदारी के रूप में देख रही है, वहीं विपक्ष इसे लेकर सतर्क रुख अपनाने की बात कर रहा है।
फिलहाल USTR जेमिसन ग्रीर और भारतीय वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों के बीच दो दिवसीय बैठक जारी है, जिसमें अंतरिम व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर चर्चा हो रही है।





