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Delhi दिल्ली : नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में चल रहा छात्रों का प्रदर्शन अब सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में आ गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले छात्रों और युवाओं का आंदोलन बुधवार को भी जारी रहा। प्रदर्शन को देखते हुए केंद्र और राज्य स्तर की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के सभी जिलों से इस प्रदर्शन और उससे जुड़ी गतिविधियों को लेकर गोपनीय रिपोर्ट मांगी गई है। इस रिपोर्ट में केवल सड़क पर हुए विरोध-प्रदर्शन की जानकारी ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर चल रहे अभियानों, पोस्ट और लोगों की सक्रियता का भी विस्तृत विवरण शामिल किया जाएगा। तैयार रिपोर्ट सीधे गृह मंत्रालय को भेजी जानी है।
सुरक्षा एजेंसियों ने प्रदेश में स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) को विशेष रूप से सक्रिय कर दिया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखें। इसमें किसी भी तरह की सभा, प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपने के कार्यक्रम और विरोध से जुड़ी अन्य गतिविधियों की जानकारी जुटाने को कहा गया है।
इसके अलावा इंटरनेट मीडिया पर चल रहे अभियानों की भी निगरानी की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रदर्शन से जुड़े कौन-कौन से सोशल मीडिया अकाउंट सक्रिय हैं और वहां किस तरह की सामग्री साझा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी भी बड़े अभियान या गतिविधि को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों की नजर विशेष रूप से उन सोशल मीडिया अकाउंट्स पर है, जिनके नाम के आगे ‘हिन्दू’ शब्द लिखा हुआ है और जिनसे प्रदर्शन या इससे जुड़े मुद्दों पर बड़ी संख्या में पोस्ट किए गए हैं। एजेंसियां इन खातों की वास्तविकता की जांच कर रही हैं।
अधिकारियों को आशंका है कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट वास्तविक लोगों के हो सकते हैं, जबकि कुछ फर्जी पहचान यानी फेक आईडी के जरिए भी संचालित किए जा सकते हैं। ऐसे सभी खातों की गतिविधियों का विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं और इनका उद्देश्य क्या है।
गृह मंत्रालय को भेजी जाने वाली रिपोर्ट के जरिए देश और प्रदेश में प्रदर्शन की स्थिति का आकलन किया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि कहीं प्रदर्शन के नाम पर किसी तरह की कानून व्यवस्था की स्थिति तो पैदा नहीं हो रही है।
बता दें कि नीट पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर छात्र लगातार आवाज उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग है कि पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई हो और जिम्मेदार लोगों पर जवाबदेही तय की जाए। इसी मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी आंदोलन चल रहा है।
इस प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। जहां विपक्षी दल छात्रों की मांगों का समर्थन कर रहे हैं, वहीं सरकार की ओर से मामले में जांच और उचित कार्रवाई की बात कही जा रही है।
फिलहाल उत्तर प्रदेश में सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जिलों से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से पहले आवश्यक कदम उठाए जा सकें और कानून व्यवस्था बनाए रखी जा सके।





