- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- कमर्शियल LPG ने बढ़ाया...
दिल्ली-एनसीआर
कमर्शियल LPG ने बढ़ाया कारोबारियों का खर्च, 10 साल में बड़ा उछाल
nidhi
5 Oct 2026 6:39 AM IST

x
जानिए कैसे बढ़ते गए LPG के दाम
नई दिल्ली: होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और कैटरिंग कारोबार में इस्तेमाल होने वाला 19 किलो का कमर्शियल LPG सिलेंडर पिछले 10 वर्षों में काफी महंगा हो गया है। दिल्ली में 17 सितंबर 2016 को इसकी कीमत ₹838 थी, जबकि 1 अक्टूबर 2026 से यही सिलेंडर ₹2,810 में मिल रहा है। यानी इस अवधि में कीमत ₹1,972 बढ़ी है और मौजूदा भाव 2016 के उस स्तर से करीब 3.35 गुना है। इंडियन ऑयल के पुराने मूल्य रिकॉर्ड में सितंबर 2016 का ₹838 का भाव दर्ज है।
अक्टूबर 2026 में भी कमर्शियल LPG उपभोक्ताओं को झटका लगा है। दिल्ली में 19 किलो सिलेंडर की कीमत सितंबर के ₹2,747.50 से ₹62.50 बढ़ाकर ₹2,810 कर दी गई। सितंबर में भी इसके दाम ₹9.50 बढ़ाए गए थे। हालांकि इस बार घरेलू 14.2 किलो LPG सिलेंडर की कीमत में बदलाव नहीं हुआ है।
अब सवाल है कि 10 साल में कमर्शियल LPG इतनी महंगी कैसे हो गई? इसका जवाब केवल एक वजह में नहीं छिपा है। LPG की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस के बेंचमार्क भाव, कच्चे तेल और ऊर्जा बाजार की स्थिति, रुपये और डॉलर की विनिमय दर, परिवहन तथा अन्य लागतों से प्रभावित होती है। कमर्शियल LPG के दाम तेल विपणन कंपनियां समय-समय पर संशोधित करती हैं। इसलिए इसकी कीमत लगातार एक दिशा में नहीं बढ़ती, बल्कि कई बार इसमें कटौती भी होती है।
2016 के आंकड़ों से भी कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव साफ दिखाई देता है। दिल्ली में अप्रैल 2016 में 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर ₹926.50 का था। जुलाई में यह ₹963 तक पहुंचा, लेकिन 17 सितंबर को घटकर ₹838 हो गया। अक्टूबर में फिर ₹895, नवंबर में ₹968 और दिसंबर 2016 में ₹1,054.50 तक पहुंच गया। यानी ₹838 को पूरे साल की स्थिर कीमत मानना सही नहीं होगा; यह सितंबर 2016 में दर्ज एक खास मूल्य स्तर था।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में बदलाव कमर्शियल LPG की कीमतों पर महत्वपूर्ण असर डालते हैं। भारत अपनी LPG जरूरतों का एक हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। ऐसे में वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की कीमत बढ़ने या आपूर्ति में बाधा आने पर भारतीय बाजार में भी लागत बढ़ सकती है। इसी तरह डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी आयात को महंगा कर सकती है।
अलग-अलग शहरों में कमर्शियल LPG की कीमत समान नहीं होती। 1 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में 19 किलो सिलेंडर ₹2,810, मुंबई में ₹2,764, चेन्नई में ₹2,983 और पटना में ₹3,100.50 का हो गया। शहरों के बीच कीमतों का अंतर स्थानीय लागत और अन्य मूल्य घटकों के कारण रहता है।
कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़ने का सीधा असर आम घरों के गैस बिल पर नहीं पड़ता, क्योंकि घरेलू और कमर्शियल LPG की कीमतें अलग होती हैं। लेकिन इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव आम लोगों तक पहुंच सकता है। रेस्टोरेंट, होटल, मिठाई की दुकान, ढाबा, फूड स्टॉल और कैटरिंग जैसे कारोबार बड़ी मात्रा में कमर्शियल LPG इस्तेमाल करते हैं। सिलेंडर महंगा होने से उनकी परिचालन लागत बढ़ती है। व्यवसाय इस अतिरिक्त खर्च को खुद वहन कर सकते हैं या कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डाल सकते हैं।
इस तरह सितंबर 2016 के ₹838 और अक्टूबर 2026 के ₹2,810 के बीच का अंतर कमर्शियल LPG की लंबी अवधि की महंगाई को दिखाता है, लेकिन यह सफर सीधी रेखा में नहीं रहा। इन दस वर्षों में कीमतों में कई बार बढ़ोतरी और कटौती हुई है। मौजूदा बढ़ोतरी के बाद एक बार फिर छोटे होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबार की लागत पर LPG की महंगाई का दबाव बढ़ गया है।
Next Story





