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विदेशी नेताओं पर टिप्पणी सम्मानजनक हो विदेश मंत्रालय

Ratna Netam
14 Aug 2026 7:24 PM IST
विदेशी नेताओं पर टिप्पणी सम्मानजनक हो विदेश मंत्रालय
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नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर किए गए कटाक्ष और इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के उल्लेख के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। इस मामले पर शुक्रवार को विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया देते हुए सभी लोगों से विदेशी नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों से जुड़ी राजनीतिक टिप्पणियां करते समय संयम और सम्मान बनाए रखने की अपील की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नियमित प्रेस वार्ता के दौरान इस विवाद से जुड़े सवाल का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारत और इटली के बीच मजबूत तथा मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। दोनों देश इन रिश्तों को आगे और मजबूत बनाना चाहते हैं। उन्होंने किसी राजनीतिक दल या नेता का नाम लिए बिना कहा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को विदेशी नेताओं के संदर्भ में टिप्पणी करते समय मर्यादा का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
रणधीर जायसवाल ने कहा कि राजनीतिक मुद्दों को उठाने और उन पर चर्चा करने का अधिकार सभी को है लेकिन ऐसा सम्मानजनक तरीके से किया जाना चाहिए। विदेश नीति और दूसरे देशों के नेतृत्व से जुड़ी टिप्पणियों का प्रभाव द्विपक्षीय संबंधों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में राजनीतिक बहस के दौरान शब्दों का चयन जिम्मेदारी से किया जाना आवश्यक है।
यह विवाद गुरुवार 13 अगस्त को दिल्ली में आयोजित कांग्रेस के एक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री विदेशी नेताओं को गले लगाने को ही विदेश नीति मानते हैं। अपनी बात समझाने के लिए राहुल गांधी ने मंच पर मौजूद कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को अपने पास बुलाया और उन्हें गले लगाकर प्रधानमंत्री की कूटनीतिक शैली पर व्यंग्य किया।
इसी दौरान संदीप दीक्षित ने मजाकिया अंदाज में पूछा कि कहीं उन्हें इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी समझकर तो गले नहीं लगाया गया। इस पर राहुल गांधी ने जवाब दिया कि वह अभी उस स्तर तक नहीं पहुंचे हैं। दोनों नेताओं की बातचीत पर कार्यक्रम में मौजूद लोग हंसने लगे लेकिन इसका वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी और संदीप दीक्षित की टिप्पणी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के प्रति अपमानजनक बताया। भाजपा ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता ने विदेश नीति जैसे गंभीर विषय और एक मित्र देश की निर्वाचित नेता को राजनीतिक मजाक का हिस्सा बनाया। पार्टी के कई नेताओं ने राहुल गांधी से अपने बयान के लिए माफी मांगने की मांग भी की।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी का उद्देश्य किसी विदेशी नेता का अपमान करना नहीं था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और विदेशी नेताओं से मुलाकात के दौरान उनकी शैली पर राजनीतिक व्यंग्य किया था। कांग्रेस ने इसे सरकार की विदेश नीति पर विपक्ष द्वारा की गई राजनीतिक आलोचना बताया है।
भारत और इटली के संबंध पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं। मई 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने की घोषणा की थी। व्यापार रक्षा सुरक्षा स्वच्छ ऊर्जा आधुनिक तकनीक संपर्क व्यवस्था और हिंद प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी थी। दोनों देशों ने 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब यूरो तक पहुंचाने का लक्ष्य भी रखा है।
विदेश मंत्रालय की अपील को भारत इटली संबंधों की संवेदनशीलता और कूटनीतिक मर्यादा से जोड़कर देखा जा रहा है। मंत्रालय ने स्पष्ट संकेत दिया है कि घरेलू राजनीतिक बहस में विदेशी नेताओं का उल्लेख करते समय सावधानी बरतना आवश्यक है। किसी भी राजनीतिक असहमति को ऐसी भाषा में उठाया जाना चाहिए जिससे मित्र देशों और उनके नेतृत्व के सम्मान पर सवाल न उठे।
इस मामले में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी राहुल गांधी की आलोचना कर चुके हैं। अब विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया के बाद विदेश नीति पर शुरू हुई राजनीतिक बहस ने नया मोड़ ले लिया है। कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी जारी है जबकि मंत्रालय ने राजनीतिक टिप्पणियों में संयम और सम्मान को प्राथमिकता देने की अपील की है।
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