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कॉकरोच जनता पार्टी को चुनावी मैदान में उतरने पर नहीं मिला बड़ा समर्थन

Ratna Netam
27 Aug 2026 9:03 PM IST
कॉकरोच जनता पार्टी को चुनावी मैदान में उतरने पर नहीं मिला बड़ा समर्थन
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दिल्ली : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर देश की राजनीति में चर्चा लगातार बनी हुई है। सोशल मीडिया और युवाओं के बीच चर्चा में आए इस संगठन को लेकर अब एक सर्वे सामने आया है, जिसमें लोगों से पूछा गया कि अगर कॉकरोच जनता पार्टी चुनाव लड़ती है तो क्या वे उसे वोट देंगे। सर्वे के नतीजों ने CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके को बड़ा झटका दिया है।
सर्वे के मुताबिक, ज्यादातर लोगों ने कॉकरोच जनता पार्टी के चुनाव लड़ने को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी। आंकड़ों में सामने आया कि बड़ी संख्या में लोग चाहते हैं कि CJP चुनावी राजनीति में उतरने के बजाय एक दबाव समूह के रूप में काम करे।
चुनाव लड़ने पर जनता की राय क्या रही
मूड ऑफ द नेशन सर्वे में लोगों से पूछा गया कि अगर कॉकरोच जनता पार्टी चुनाव लड़ती है तो क्या वे उसे वोट देंगे। इस सवाल पर करीब 33 फीसदी लोगों ने हां में जवाब दिया, जबकि 43 फीसदी लोगों ने कहा कि वे वोट नहीं देंगे।
सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि CJP को लेकर लोगों में उत्सुकता जरूर है, लेकिन इसे सीधे राजनीतिक विकल्प के रूप में स्वीकार करने को लेकर अभी समर्थन सीमित है।
प्रेशर ग्रुप बने रहने के पक्ष में ज्यादा लोग
सर्वे में एक और सवाल पूछा गया कि क्या कॉकरोच जनता पार्टी को दबाव समूह के रूप में काम करना चाहिए। इस पर 39 फीसदी लोगों ने कहा कि CJP को प्रेशर ग्रुप के तौर पर ही काम करना चाहिए। वहीं 26 फीसदी लोगों ने कहा कि उसे चुनाव लड़ना चाहिए।
इससे संकेत मिलता है कि कई लोग संगठन को सरकार और व्यवस्था के मुद्दों पर दबाव बनाने वाली आवाज के रूप में देखना चाहते हैं।
अभिजीत दीपके पहले ही दे चुके हैं संकेत
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके पहले भी कह चुके हैं कि उनका मुख्य उद्देश्य चुनाव लड़ना नहीं बल्कि जन मुद्दों को उठाना है। उन्होंने कहा था कि CJP फिलहाल राजनीतिक पार्टी बनने के बजाय एक जन आंदोलन और दबाव समूह की तरह काम करेगी।
दीपके का कहना रहा है कि शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाना संगठन की प्राथमिकता है। उनका मानना है कि हर समस्या का समाधान चुनाव लड़ना नहीं होता, बल्कि जनता की भागीदारी और दबाव से भी बदलाव लाया जा सकता है।
युवाओं के मुद्दों से शुरू हुआ आंदोलन
कॉकरोच जनता पार्टी का नाम अचानक चर्चा में आया, जब संगठन ने शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन शुरू किया। अभिजीत दीपके और उनके साथियों ने छात्रों की समस्याओं को लेकर आवाज उठाई और सरकार से जवाबदेही की मांग की।
धीरे-धीरे यह आंदोलन सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया और बड़ी संख्या में युवाओं ने इससे जुड़ने में रुचि दिखाई।
क्या चुनावी राजनीति में आएगी CJP
फिलहाल अभिजीत दीपके की ओर से चुनाव लड़ने को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है। उन्होंने कई मौकों पर कहा है कि उनका लक्ष्य सत्ता हासिल करना नहीं बल्कि व्यवस्था में सुधार के लिए दबाव बनाना है।
हालांकि राजनीति में किसी भी आंदोलन का भविष्य समय और जनता के समर्थन पर निर्भर करता है। अगर संगठन को लंबे समय तक जनसमर्थन मिलता है तो भविष्य में इसकी भूमिका बदल सकती है।
सर्वे ने दिखाया जनता का मूड
सर्वे के नतीजे बताते हैं कि CJP को लेकर लोगों में रुचि जरूर है, लेकिन चुनावी राजनीति में उतरने के लिए उसे अभी लंबा रास्ता तय करना होगा। जनता का एक बड़ा हिस्सा इसे मुद्दों को उठाने वाले संगठन के रूप में देख रहा है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी नए संगठन के लिए सबसे बड़ी चुनौती आंदोलन को स्थायी संगठन में बदलना होती है। केवल लोकप्रियता के आधार पर चुनाव जीतना आसान नहीं होता।
आगे की राह चुनौतीपूर्ण
कॉकरोच जनता पार्टी के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अपनी पहचान और कार्यशैली को स्पष्ट करने की होगी। अगर यह संगठन केवल आंदोलन तक सीमित रहता है तो इसकी भूमिका दबाव समूह जैसी होगी, लेकिन अगर यह चुनावी राजनीति में उतरता है तो उसे संगठन, उम्मीदवार और जमीनी नेटवर्क तैयार करना होगा।
फिलहाल सर्वे ने यह साफ कर दिया है कि CJP को लेकर जनता में चर्चा तो है, लेकिन चुनावी समर्थन अभी सीमित नजर आ रहा है।
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