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दिल्ली में अवैध PG पर CM का एक्शन

Kavita2
9 Sept 2026 1:58 PM IST
दिल्ली में अवैध PG पर CM का एक्शन
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नई दिल्ली। दिल्ली में अवैध निर्माणों और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शहरभर में संचालित पेइंग गेस्ट (PG) आवासों का व्यापक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही अधिकारियों को बिल्डिंग रिकॉर्ड की जांच कर यह पता लगाने को कहा गया है कि अवैध निर्माण कब किए गए और इसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अधिकारियों ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सिविक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दिल्ली के सभी क्षेत्रों में PG आवासों की जांच की जाए। निरीक्षण के दौरान खास तौर पर उन इमारतों पर ध्यान दिया जाएगा, जहां बिना अनुमति निर्माण किए गए हैं या भवन नियमों का उल्लंघन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने दिल्ली नगर निगम (MCD) को अवैध निर्माणों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई के तहत नियमों के खिलाफ बनाए गए निर्माणों को गिराने की प्रक्रिया भी शामिल होगी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू की जानी चाहिए।

अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि कार्रवाई के दौरान सभी वरिष्ठ नागरिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहें। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अभियान में किसी भी तरह की लापरवाही न हो और अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए जा सकें।

CMO अधिकारियों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने बिल्डिंग रिकॉर्ड की विस्तृत जांच करने को कहा है। इसके जरिए यह पता लगाया जाएगा कि संबंधित इमारतों में अनधिकृत निर्माण किस वर्ष किए गए, उस समय किस विभाग या एजेंसी के अधिकार क्षेत्र में मामला आता था और इसकी जिम्मेदारी किन अधिकारियों की थी।

मुख्यमंत्री का कहना है कि अवैध निर्माण केवल नियमों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि इससे आम लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। खासकर PG जैसी जगहों पर बड़ी संख्या में लोग रहते हैं, इसलिए भवन सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है।

दिल्ली में बड़ी संख्या में छात्र, नौकरीपेशा लोग और बाहर से आने वाले नागरिक PG आवासों में रहते हैं। कई इलाकों में अवैध तरीके से बने PG और अतिरिक्त निर्माणों को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। प्रशासन अब इन सभी मामलों की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की तैयारी में है।

अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को अभियान के तहत दिल्ली के कई हिस्सों में अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की गई। संबंधित विभागों की टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई शुरू की।

प्रशासन की योजना है कि इस अभियान को केवल एक दिन की कार्रवाई तक सीमित न रखते हुए लगातार चलाया जाए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से निरीक्षण करें और अवैध निर्माणों की जानकारी जुटाकर आवश्यक कदम उठाएं।

इस अभियान के तहत उन मामलों की भी जांच की जाएगी, जहां निर्माण कार्य बिना स्वीकृति या तय नक्शे के विपरीत किए गए हैं। रिकॉर्ड की जांच के बाद यह तय किया जाएगा कि किन मामलों में तत्काल कार्रवाई की जरूरत है और किन मामलों में संबंधित विभागों की जवाबदेही तय की जानी है।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद नगर निगम और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध निर्माणों पर रोक लगाने के लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा।

दिल्ली सरकार का मानना है कि अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से शहर में भवन सुरक्षा और नियोजित विकास को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान होने से भविष्य में ऐसी लापरवाही को रोका जा सकेगा।

फिलहाल दिल्ली के विभिन्न इलाकों में PG आवासों और निर्माणों की जांच शुरू कर दी गई है। आने वाले दिनों में निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर और बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माणों के खिलाफ किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

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