दिल्ली-एनसीआर

महिला सुरक्षा पर CM रेखा गुप्ता का संदेश बेटियों की आजादी पर न लगे रोक

Ratna Netam
30 Sept 2026 8:27 PM IST
महिला सुरक्षा पर CM रेखा गुप्ता का संदेश बेटियों की आजादी पर न लगे रोक
x
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को मैत्रेयी कॉलेज में आयोजित ‘युवा मंथन: परंपरा और प्रगति’ कार्यक्रम के दौरान छात्राओं से संवाद करते हुए महिला सुरक्षा, शिक्षा, करियर और आत्मनिर्भरता से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। यह कार्यक्रम कॉलेज की डायमंड जुबली यानी 60वीं वर्षगांठ के समारोहों का हिस्सा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के नाम पर उनकी आजादी पर पाबंदियां लगाना समाधान नहीं है। इसके बजाय ऐसा सुरक्षित वातावरण बनाया जाना चाहिए, जहां लड़कियां बिना डर के पढ़ाई, नौकरी, करियर और अपने सपनों को आगे बढ़ा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल महिलाओं पर नहीं डाली जा सकती। उन्होंने इस बात पर सवाल उठाया कि किसी घटना के बाद परिवारों में सबसे पहले लड़कियों के बाहर निकलने, समय और गतिविधियों पर ही रोक क्यों लगाई जाती है। उनका कहना था कि लड़कों को भी व्यवहार, सम्मान, जिम्मेदारी और सहमति की समझ देना उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसा माहौल होना चाहिए जिसमें महिलाएं किसी गलत व्यवहार या अन्याय की स्थिति में बिना डर अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।
रेखा गुप्ता ने छात्राओं से कहा कि सुरक्षा के नाम पर उन्हें अपनी पढ़ाई, करियर या व्यक्तिगत सपनों से समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने युवा महिलाओं से अपने लक्ष्य तय करने, अपनी पहचान बनाने और खुद के विकास को प्राथमिकता देने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं अक्सर परिवार को प्राथमिकता देते हुए खुद को पीछे रख देती हैं, लेकिन उन्हें अपने भविष्य और आकांक्षाओं के लिए भी जगह बनानी चाहिए।
दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी में सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 50,000 CCTV कैमरे और एक लाख स्ट्रीटलाइट्स लगाने पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर बेहतर रोशनी और निगरानी व्यवस्था से महिलाओं तथा लड़कियों को शहर में अधिक आत्मविश्वास के साथ आवाजाही करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा केवल CCTV कैमरे या स्ट्रीटलाइट लगाने तक सीमित नहीं रह सकती। इसके लिए परिवार, स्कूल-कॉलेज, पुलिस, प्रशासन और पूरे समाज को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी। उनके मुताबिक महिलाओं की शिकायतों को गंभीरता से लेना, तेजी से कार्रवाई करना और उन्हें सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि किसी लड़की को यह महसूस नहीं होना चाहिए कि उसकी सुरक्षा के लिए उसका घर से बाहर निकलना कम करना ही एकमात्र रास्ता है। इसके बजाय सार्वजनिक स्थानों, परिवहन मार्गों, कॉलेजों और कार्यस्थलों को अधिक सुरक्षित बनाया जाना चाहिए।
रेखा गुप्ता ने लड़कों की परवरिश और जेंडर सेंसिटाइजेशन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि लड़कों को बचपन से यह समझाया जाना चाहिए कि दूसरों का सम्मान करना और व्यक्तिगत सीमाओं को समझना आवश्यक है। उन्होंने सहमति का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं को यह स्पष्ट रूप से समझना चाहिए कि किसी व्यक्ति की असहमति का सम्मान किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब दिल्ली विश्वविद्यालय के कई छात्रों ने हाल में महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को लेकर आवाज उठाई है। छात्र संगठनों और विद्यार्थियों ने विभिन्न इलाकों में खराब स्ट्रीटलाइट, असुरक्षित रास्तों और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
मैत्रेयी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्राओं के साथ परंपरा और आधुनिक विकास के बीच संतुलन पर भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ते हुए शिक्षा, तकनीक, नेतृत्व और नए अवसरों की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
कॉलेज इस वर्ष अपनी स्थापना के 60 वर्ष पूरे होने पर डायमंड जुबली कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। मैत्रेयी कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध महिला कॉलेज है और डायमंड जुबली के तहत सालभर विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक और छात्र केंद्रित गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में छात्राओं को आगे बढ़ने और अपने निर्णय खुद लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने के साथ महिलाओं को अपनी पहचान और व्यक्तिगत विकास को भी महत्व देना चाहिए।
उन्होंने कॉलेज में शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए सुविधाओं को और बेहतर बनाने की आवश्यकता का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम के दौरान आधुनिक ऑडिटोरियम जैसी सुविधा विकसित करने का सुझाव भी सामने आया, ताकि विद्यार्थियों को अकादमिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराया जा सके।
रेखा गुप्ता ने कॉलेज की 60वीं वर्षगांठ पर छात्रों, शिक्षकों और प्रबंधन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली और देश के भविष्य में शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उनके मुताबिक युवा महिलाओं को केवल अवसर देने की नहीं बल्कि ऐसे माहौल की जरूरत है जिसमें वे बिना डर और सामाजिक दबाव के उन अवसरों का पूरा लाभ उठा सकें।
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने सरकार, पुलिस और नागरिक एजेंसियों की जिम्मेदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने संकेत दिया कि राजधानी में CCTV, स्ट्रीटलाइट और अन्य सुरक्षा सुविधाओं के विस्तार के साथ सार्वजनिक स्थानों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास जारी रहेगा।
मैत्रेयी कॉलेज के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का मुख्य संदेश यही रहा कि महिलाओं की सुरक्षा और उनकी स्वतंत्रता को एक-दूसरे के विरोध में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लड़कियों को रोकने के बजाय व्यवस्था और समाज को ऐसा बनाना होगा जहां वे सुरक्षित तरीके से अपने सपनों को पूरा कर सकें और शिक्षा, रोजगार तथा सार्वजनिक जीवन में बिना डर अपनी भूमिका निभा सकें।
Next Story