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दिल्ली की बेटियों की सुरक्षा पर CM रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान
Ratna Netam
12 Oct 2026 5:55 PM IST

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा और छात्राओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को विभिन्न कॉलेजों की महिला छात्र प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। मुख्यमंत्री जन सेवा सदन में आयोजित इस संवाद कार्यक्रम में महिलाओं की सुरक्षा, कॉलेज परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक परिवहन से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने छात्राओं की चिंताओं को सुना और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनके सुझावों तथा शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर ध्यान दिया जाएगा।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने छात्राओं से बातचीत के दौरान शैक्षणिक संस्थानों के आसपास अंधेरे स्थानों और अपर्याप्त रोशनी की समस्या पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में लगभग एक लाख स्मार्ट स्ट्रीटलाइट लगाने का काम चल रहा है। इन लाइटों को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा, जिससे सार्वजनिक स्थानों पर प्रकाश व्यवस्था की निगरानी को बेहतर बनाया जा सकेगा।
महिला छात्र प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री की बैठक
मुख्यमंत्री जन सेवा सदन में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न कॉलेजों की महिला छात्र प्रतिनिधियों ने हिस्सा लियाइस दौरान छात्राओं ने अपने शिक्षण संस्थानों और आसपास के इलाकों में सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा।बैठक में कॉलेज परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं और शैक्षणिक क्षेत्रों के आसपास प्रकाश व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।मुख्यमंत्री ने छात्राओं की बातों को सुना और उनके सुझावों को प्रशासनिक स्तर पर महत्व देने का आश्वासन दिया।उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है।इस बैठक का उद्देश्य छात्राओं से सीधे संवाद स्थापित करना और उनकी दैनिक समस्याओं को समझना था।
एक लाख स्मार्ट स्ट्रीटलाइट लगाने की योजना
छात्राओं के साथ बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली में स्मार्ट स्ट्रीटलाइट लगाने की योजना की जानकारी दी।उन्होंने बताया कि राजधानी में लगभग एक लाख स्मार्ट स्ट्रीटलाइट लगाने का काम चल रहा है।इस योजना के तहत सार्वजनिक स्थानों पर प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा हैविशेष रूप से शैक्षणिक संस्थानों के आसपास अंधेरे स्थानों और पर्याप्त रोशनी नहीं होने की समस्या को लेकर चर्चा की गई।मुख्यमंत्री ने बताया कि स्मार्ट स्ट्रीटलाइट को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा।हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस परियोजना के पूरा होने की अंतिम तारीख या कुल लागत का उल्लेख नहीं किया गया है।
कंट्रोल सेंटर से जुड़ेंगी स्मार्ट लाइटें
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, दिल्ली में लगाई जा रही स्मार्ट स्ट्रीटलाइट को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा।ऐसी तकनीक आधारित व्यवस्था का उद्देश्य प्रकाश व्यवस्था की निगरानी और उसके प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाना होता है।स्मार्ट स्ट्रीटलाइट प्रणाली में तकनीकी सुविधाओं के आधार पर लाइटों की स्थिति और संचालन की जानकारी केंद्रीय स्तर पर प्राप्त की जा सकती है।हालांकि, दिल्ली की इस विशेष परियोजना में कौन-कौन सी तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, इसका विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है।मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान छात्राओं को बताया कि शहर में स्मार्ट स्ट्रीटलाइट लगाने का कार्य प्रगति पर है।
कॉलेजों के आसपास अंधेरे स्थानों का मुद्दा उठा
महिला छात्र प्रतिनिधियों ने शैक्षणिक संस्थानों के आसपास पर्याप्त रोशनी नहीं होने की समस्या पर चिंता जताई।कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों के आसपास प्रकाश व्यवस्था का विषय छात्राओं की सुरक्षा से सीधे जुड़ा हुआ है।विशेष रूप से सुबह और शाम के समय कॉलेज आने-जाने वाली छात्राओं के लिए सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त रोशनी होना महत्वपूर्ण माना जाता है।बैठक में इसी समस्या को लेकर मुख्यमंत्री के सामने सुझाव रखे गए।मुख्यमंत्री ने छात्राओं को आश्वासन दिया कि उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर प्राथमिकता से ध्यान दिया जाएगा।दिल्ली में लगभग एक लाख स्मार्ट स्ट्रीटलाइट लगाने की योजना को भी इसी व्यापक सुरक्षा चर्चा के दौरान प्रमुखता दी गई।
सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं पर भी हुई चर्चा
महिला छात्र प्रतिनिधियों ने सार्वजनिक परिवहन से संबंधित मुद्दों को भी मुख्यमंत्री के सामने रखा।दिल्ली में बड़ी संख्या में छात्राएं कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचने के लिए सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का उपयोग करती हैं।ऐसे में परिवहन सुविधाओं की उपलब्धता और सुरक्षित यात्रा का विषय छात्राओं के दैनिक जीवन से जुड़ा हुआ है।बैठक में मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक परिवहन से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा की।उन्होंने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों और सुझावों को गंभीरता से लिया जाएगा।हालांकि, उपलब्ध विवरण में किसी विशेष बस मार्ग, नई परिवहन सेवा या अतिरिक्त वाहनों की घोषणा का उल्लेख नहीं है।
कैंपस सिक्योरिटी को लेकर भी रखे सुझाव
मुख्यमंत्री के साथ संवाद के दौरान कॉलेज परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था भी चर्चा का महत्वपूर्ण विषय रही।महिला छात्र प्रतिनिधियों ने कैंपस सिक्योरिटी से जुड़े मुद्दों को सामने रखा।शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षित वातावरण विद्यार्थियों की पढ़ाई और अन्य गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण होता है।छात्राओं ने अपने अनुभवों और चिंताओं के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने से जुड़े विषय उठाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार छात्राओं के सुझावों और शिकायतों को प्राथमिकता देगी।हालांकि, बैठक में कॉलेज परिसरों के लिए किसी नई सुरक्षा नीति या अलग निगरानी व्यवस्था की औपचारिक घोषणा का विवरण उपलब्ध नहीं है।
बेटियों की सुरक्षा और सम्मान सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बैठक के दौरान महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।उन्होंने कहा कि "दिल्ली की बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता" सुनिश्चित करना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।मुख्यमंत्री ने छात्राओं से कहा कि उनके सुझावों और शिकायतों पर ध्यान दिया जाएगा।उनका यह बयान महिला छात्र प्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद के दौरान सामने आया।बैठक में सुरक्षा व्यवस्था के साथ छात्राओं की दैनिक जरूरतों से जुड़े विषयों को भी महत्व दिया गया।इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए सुरक्षित सार्वजनिक वातावरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
छात्राओं के सुझावों पर कार्रवाई का भरोसा
मुख्यमंत्री ने छात्र प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि बैठक में उठाई गई समस्याओं पर प्राथमिकता के आधार पर विचार किया जाएगा।छात्राओं की ओर से दिए गए सुझावों में सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा, कॉलेज परिसरों की व्यवस्था और परिवहन सुविधाओं से जुड़े मुद्दे शामिल थेसरकार के लिए इन सुझावों का महत्व इसलिए भी है, क्योंकि ये सीधे उन छात्राओं की ओर से आए हैं जो प्रतिदिन इन सुविधाओं का उपयोग करती हैं।हालांकि, उपलब्ध जानकारी में सुझावों पर कार्रवाई के लिए किसी विशेष समयसीमा या निगरानी समिति के गठन का उल्लेख नहीं किया गया है।ऐसे में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बैठक में सामने आई समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं।
स्मार्ट स्ट्रीटलाइट परियोजना पर रहेगी नजर
दिल्ली में लगभग एक लाख स्मार्ट स्ट्रीटलाइट लगाने की योजना इस बैठक की प्रमुख घोषणाओं में शामिल रही।मुख्यमंत्री के अनुसार, इन लाइटों को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा।परियोजना के तहत शहर की प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।विशेष रूप से शैक्षणिक संस्थानों के आसपास अंधेरे स्थानों की समस्या को देखते हुए यह विषय महत्वपूर्ण है।हालांकि, योजना की वास्तविक प्रगति, स्थापना वाले क्षेत्रों और पूरा होने की समयसीमा से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छात्राओं को आश्वासन दिया है कि उनकी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी।महिला छात्र प्रतिनिधियों के साथ हुई यह बैठक दिल्ली में छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान और सार्वजनिक सुविधाओं से संबंधित समस्याओं पर सीधे संवाद का अवसर बनी।
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