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तमिलनाडु के छात्रों से मिलीं CM रेखा गुप्ता, युवा संगम में दिया राष्ट्रीय एकता का संदेश

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28 Oct 2026 4:10 PM IST
तमिलनाडु के छात्रों से मिलीं CM रेखा गुप्ता, युवा संगम में दिया राष्ट्रीय एकता का संदेश
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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ पहल के अंतर्गत आयोजित ‘युवा संगम फेज-7’ छात्र विनिमय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तमिलनाडु से आए विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ संवाद किया। बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के अनुभव जाने और देश की सांस्कृतिक विविधता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी विविध भाषाओं, परंपराओं, संस्कृतियों और जीवनशैलियों में निहित है। अलग-अलग राज्यों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति को समझने का अवसर मिलना चाहिए। ऐसे कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सौहार्द और आपसी विश्वास को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित होने और विभिन्न राज्यों की अच्छी परंपराओं से सीखने के लिए प्रेरित किया।

तमिलनाडु से आए विद्यार्थियों का मुख्यमंत्री ने किया स्वागत

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने युवा संगम कार्यक्रम में भाग लेने वाले तमिलनाडु के विद्यार्थियों का स्वागत किया।

इस दौरान उन्होंने छात्रों के साथ बातचीत करते हुए उनकी शैक्षणिक गतिविधियों और दिल्ली भ्रमण से जुड़े अनुभवों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले युवा अपने साथ नई सोच, अनुभव और सांस्कृतिक पहचान लेकर आते हैं।

जब उन्हें दूसरे राज्यों के विद्यार्थियों और नागरिकों से मिलने का अवसर मिलता है, तो उनकी समझ और व्यापक होती है।

उन्होंने सांस्कृतिक आदान-प्रदान को सामाजिक एकता मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बताया।

विभिन्न राज्यों के युवाओं को जोड़ने की पहल

‘युवा संगम’ केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय की ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ पहल के अंतर्गत संचालित छात्र विनिमय कार्यक्रम है।

इसका उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, भाषा, परंपराओं और विकास गतिविधियों से परिचित कराना है।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को दूसरे राज्यों की यात्रा करने और वहां के शैक्षणिक संस्थानों, ऐतिहासिक स्थलों तथा स्थानीय समुदायों से संवाद करने का अवसर मिलता है।

इसके माध्यम से युवाओं में आपसी समझ और राष्ट्रीय एकता की भावना विकसित करने का प्रयास किया जाता है।

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, सातवें चरण में देश के 20 उच्च शिक्षण संस्थानों को आपसी सहयोग के लिए जोड़ा गया है।

दिल्ली और तमिलनाडु के बीच विशेष शैक्षणिक साझेदारी

युवा संगम फेज-7 के अंतर्गत दिल्ली और तमिलनाडु को एक-दूसरे के साथ जोड़ा गया है।

इस कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय और तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय सहभागी संस्थान हैं।

इसके माध्यम से दोनों राज्यों के विद्यार्थी एक-दूसरे की सांस्कृतिक और शैक्षणिक विशेषताओं से परिचित हो रहे हैं।

दिल्ली विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का एक प्रतिनिधिमंडल तमिलनाडु के भ्रमण पर गया है।

वहीं, तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय के विद्यार्थी दिल्ली पहुंचे हैं।

यह व्यवस्था दोनों क्षेत्रों के छात्रों को पारस्परिक सीखने और अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान करती है।

27 अक्टूबर को दिल्ली विश्वविद्यालय पहुंचे थे छात्र

तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार, 27 अक्टूबर को दिल्ली विश्वविद्यालय पहुंचा था।

दिल्ली विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक वाइस रीगल लॉज में विद्यार्थियों के स्वागत के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया।

उन्होंने कहा कि तमिलनाडु ने भारत की संस्कृति और सभ्यता को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

कुलपति ने विद्यार्थियों को दिल्ली के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व से परिचित होने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने कहा कि भाषा और अभिव्यक्ति के तरीके अलग हो सकते हैं, लेकिन देश की एकता सभी नागरिकों को आपस में जोड़ती है।

मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर दिया जोर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में देश के विभिन्न क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक संवाद को महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि भारत में अनेक भाषाएं, वेशभूषाएं, खान-पान की परंपराएं और सांस्कृतिक विशेषताएं मौजूद हैं।

इन सभी विविधताओं के बावजूद देश के नागरिक एक साझा राष्ट्रीय पहचान से जुड़े हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार, छात्र विनिमय कार्यक्रम युवाओं को दूसरे राज्यों की परंपराओं को करीब से समझने का अवसर प्रदान करते हैं।

इससे विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के बीच आपसी सम्मान बढ़ता है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी संस्कृति पर गर्व करने के साथ दूसरे राज्यों की संस्कृति का भी सम्मान करना चाहिए।

पर्यटन से तकनीक तक पांच प्रमुख विषयों पर जोर

युवा संगम कार्यक्रम को पांच प्रमुख विषयों के आधार पर तैयार किया गया है।

इनमें पर्यटन, परंपरा, प्रगति, पारस्परिक संपर्क और प्रौद्योगिकी शामिल हैं।

पर्यटन के माध्यम से विद्यार्थी दूसरे राज्यों के ऐतिहासिक और दर्शनीय स्थलों से परिचित होते हैं।

परंपरा के अंतर्गत स्थानीय संस्कृति, त्योहारों और जीवनशैली की जानकारी प्राप्त करते हैं।

प्रगति के माध्यम से विकास और शासन से जुड़ी गतिविधियों को समझने का अवसर मिलता है।

पारस्परिक संपर्क का उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों के बीच संवाद को प्रोत्साहित करना है।

वहीं, प्रौद्योगिकी के अंतर्गत विद्यार्थियों को तकनीकी विकास और नवाचार से परिचित कराया जाता है।

दिल्ली विश्वविद्यालय से तमिलनाडु गया 56 सदस्यीय दल

युवा संगम फेज-7 के अंतर्गत दिल्ली विश्वविद्यालय ने भी विद्यार्थियों का एक प्रतिनिधिमंडल तमिलनाडु भेजा है।

शनिवार, 24 अक्टूबर को दिल्ली विश्वविद्यालय के गांधी भवन से 56 सदस्यीय दल को रवाना किया गया था।

इस प्रतिनिधिमंडल में 50 विद्यार्थी और छह शिक्षक शामिल हैं।

विद्यार्थियों के लिए तमिलनाडु की संस्कृति, भाषा, खान-पान, ऐतिहासिक स्थलों और शैक्षणिक गतिविधियों को समझने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।

यह शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक यात्रा दो नवंबर तक प्रस्तावित है।

दिल्ली विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार की यात्राएं विद्यार्थियों को कक्षाओं से बाहर जाकर देश की विविधता समझने का अवसर देती हैं।

भाषा और संस्कृति की विविधता को समझेंगे विद्यार्थी

दिल्ली और तमिलनाडु की भाषाई एवं सांस्कृतिक परंपराएं अलग-अलग विशेषताओं से समृद्ध हैं।

तमिलनाडु अपनी प्राचीन तमिल भाषा, साहित्य, मंदिर स्थापत्य, संगीत और नृत्य परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है।

वहीं, दिल्ली देश की राजधानी होने के साथ विभिन्न राज्यों की संस्कृतियों का संगम भी है।

युवा संगम के माध्यम से विद्यार्थियों को इन विशेषताओं को समझने का अवसर मिलता है।

इससे वे यह जान सकते हैं कि अलग-अलग सांस्कृतिक पृष्ठभूमि होने के बावजूद देश के नागरिक अनेक साझा मूल्यों से जुड़े हुए हैं।

ऐसे अनुभव भविष्य में शैक्षणिक, सामाजिक और व्यावसायिक सहयोग बढ़ाने में भी उपयोगी हो सकते हैं।

युवाओं को राष्ट्रीय विकास में भागीदारी के लिए प्रेरित किया

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक परिचय कराना नहीं, बल्कि युवाओं को देश के विकास से जोड़ना भी है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा और अनुभव का उपयोग समाज की प्रगति के लिए करने के लिए प्रोत्साहित किया।

उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी के पास देश के भविष्य को दिशा देने की क्षमता है।

विभिन्न राज्यों के विद्यार्थियों के बीच संवाद से नए विचार सामने आते हैं।

इससे समस्याओं को अलग-अलग दृष्टिकोण से समझने और समाधान खोजने में सहायता मिल सकती है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं को आपसी सहयोग और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों से भी जुड़ा कार्यक्रम

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, युवा संगम कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की व्यापक सोच के अनुरूप विकसित किया गया है।

इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को औपचारिक शिक्षा के साथ व्यावहारिक अनुभव भी उपलब्ध कराना है।

दूसरे राज्यों की यात्रा करने से युवाओं को स्थानीय प्रशासन, उद्योग, शिक्षा और तकनीकी विकास से जुड़े विषयों की जानकारी मिलती है।

साथ ही वे विभिन्न समुदायों की सामाजिक और सांस्कृतिक विशेषताओं को समझ पाते हैं।

इस प्रकार छात्र विनिमय कार्यक्रम शिक्षा को केवल पुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय वास्तविक अनुभवों से जोड़ने का प्रयास करता है।

देश की एकता मजबूत करने का माध्यम बना युवा संगम

दिल्ली में आयोजित युवा संगम फेज-7 कार्यक्रम ने देश के विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं के बीच संवाद और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने का संदेश दिया है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तमिलनाडु से आए विद्यार्थियों के साथ बातचीत करके उनके अनुभवों को जाना और राष्ट्रीय एकता के महत्व पर जोर दिया।

वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय और तमिलनाडु केंद्रीय विश्वविद्यालय के बीच छात्र विनिमय से विद्यार्थियों को नई संस्कृतियों को समझने का अवसर मिल रहा है।

युवा संगम जैसे कार्यक्रम देश की विविधता को समझने, आपसी सम्मान बढ़ाने और नई पीढ़ी के बीच साझा राष्ट्रीय पहचान मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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