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CM रेखा गुप्ता ने मनाया करवाचौथ, जन सेवा सदन में महिलाओं संग की पूजा-अर्चना

Rajeshwari Nishad
29 Oct 2026 10:15 PM IST
CM रेखा गुप्ता ने मनाया करवाचौथ, जन सेवा सदन में महिलाओं संग की पूजा-अर्चना
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नई दिल्ली। देशभर में गुरुवार को करवाचौथ का त्योहार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस खास अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी पारंपरिक अंदाज में त्योहार मनाती नजर आईं। मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक आवास 'मुख्यमंत्री जन सेवा सदन' में परिवार और अन्य महिलाओं के साथ विधि-विधान से करवाचौथ की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने महिलाओं को पर्व की शुभकामनाएं दीं और उनके सुखी वैवाहिक जीवन, सौभाग्य तथा परिवार की समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि करवाचौथ पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक है। इस अवसर पर आयोजित सामूहिक पूजा में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।
गुरुवार को मुख्यमंत्री जन सेवा सदन में करवाचौथ को लेकर उत्सव का माहौल दिखाई दिया। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने एक साथ बैठकर पूजा की और धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी अन्य महिलाओं के बीच बैठकर पूजा में शामिल हुईं। इस दौरान महिलाओं ने पूजा की थालियों के साथ करवाचौथ की परंपरागत रस्में निभाईं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस अवसर पर महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि करवाचौथ का पर्व भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसे त्योहार न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि परिवार और समाज के बीच प्रेम तथा आपसी जुड़ाव को भी बढ़ाते हैं।
उन्होंने कहा कि करवाचौथ महिलाओं के जीवन का एक महत्वपूर्ण पर्व है। जब महिलाएं अपनी सहेलियों और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर इस त्योहार को मनाती हैं, तो इसकी खुशियां और बढ़ जाती हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों से महिलाएं इस सामूहिक आयोजन में शामिल होने पहुंची थीं।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके परिवारों में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने प्रार्थना की कि विवाहित महिलाओं के पति स्वस्थ और दीर्घायु रहें तथा उनका वैवाहिक जीवन खुशियों से भरा रहे।
करवाचौथ के अवसर पर मुख्यमंत्री का पारंपरिक अंदाज भी चर्चा में रहा। पूजा समारोह में वह खूबसूरत साड़ी और पारंपरिक आभूषणों में दिखाई दीं। उनके माथे पर बिंदी, मांग में सिंदूर और हाथों में चूड़ियां नजर आईं। पूजा के दौरान उन्होंने अन्य महिलाओं के साथ धार्मिक रस्मों में भाग लिया। समारोह की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किए गए।
मुख्यमंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर करवाचौथ समारोह की तस्वीरें सामने आईं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि मुख्यमंत्री जन सेवा सदन में परिवार के साथ करवाचौथ की पूजा-अर्चना करने का अवसर मिला। उन्होंने इस पर्व को दांपत्य जीवन में अटूट प्रेम, आपसी विश्वास और समर्पण की भावना का प्रतीक बताया।
रेखा गुप्ता ने कहा कि भारतीय संस्कृति में त्योहारों का विशेष महत्व है। ये पर्व समाज को अपनी परंपराओं से जोड़ने के साथ पारिवारिक संबंधों को मजबूत बनाने का संदेश देते हैं। उन्होंने सभी सुहागिन महिलाओं के जीवन में प्रेम, सौभाग्य और समृद्धि बने रहने की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उन महिलाओं के प्रति भी संवेदनशील संदेश दिया, जिनके पति अब इस दुनिया में नहीं हैं। उन्होंने विधवा महिलाओं और अकेले बच्चों का पालन-पोषण कर रही माताओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि उन्हें भी खुश रहने और जीवन में आगे बढ़ने का पूरा अधिकार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में कठिन परिस्थितियों का सामना करने वाली महिलाओं को निराश नहीं होना चाहिए। उन्होंने ऐसी महिलाओं से अपने बच्चों के बेहतर भविष्य और अच्छी परवरिश पर ध्यान देने की अपील की। साथ ही कहा कि अपने प्रियजनों की यादों को संजोते हुए भी जीवन में खुशियों को स्थान देना चाहिए।
मुख्यमंत्री का यह संदेश करवाचौथ के पारंपरिक उत्सव के बीच विशेष रूप से सामने आया। उन्होंने महिलाओं को अपने जीवन में सकारात्मक सोच बनाए रखने और परिवार के प्रति जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
गौरतलब है कि करवाचौथ का त्योहार विशेष रूप से उत्तर भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों में विवाहित महिलाएं इस दिन अपने पति की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए व्रत रखती हैं।
परंपरा के अनुसार, महिलाएं सुबह सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करती हैं और इसके बाद दिनभर निर्जला व्रत रखती हैं। शाम को भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। इस दौरान महिलाएं करवाचौथ की कथा सुनती हैं और पूजा की थाली के साथ पारंपरिक रस्में निभाती हैं।
चंद्रमा निकलने के बाद महिलाएं उसे अर्घ्य अर्पित करती हैं। कई परिवारों में छलनी से पहले चंद्रमा और फिर पति का चेहरा देखने की परंपरा भी निभाई जाती है। इसके बाद पति अपनी पत्नी को पानी पिलाकर व्रत खुलवाते हैं। हालांकि, अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में इन परंपराओं को निभाने के तरीकों में अंतर हो सकता है।
दिल्ली में इस अवसर पर कई स्थानों पर सामूहिक पूजा कार्यक्रम आयोजित किए गए। करवाचौथ को लेकर बाजारों में भी विशेष रौनक रही। महिलाओं ने पूजा सामग्री, श्रृंगार के सामान, साड़ियों और मिठाइयों की खरीदारी की। त्योहार से पहले मेहंदी लगवाने और पारंपरिक परिधान तैयार करने का सिलसिला भी देखने को मिला।
मुख्यमंत्री जन सेवा सदन में आयोजित कार्यक्रम ने इस पर्व की सामूहिक परंपरा को भी सामने रखा। महिलाएं एक स्थान पर एकत्र हुईं और पूजा के साथ आपसी मेलजोल तथा त्योहार की खुशियां साझा कीं। मुख्यमंत्री की भागीदारी ने आयोजन को विशेष महत्व दिया।
इस वर्ष करवाचौथ 29 अक्टूबर को मनाया गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम में शामिल होकर महिलाओं के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। इस अवसर पर उन्होंने पारिवारिक संबंधों में प्रेम, सहयोग और विश्वास को महत्वपूर्ण बताया।
फिलहाल मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के करवाचौथ समारोह की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। जन सेवा सदन में परिवार और अन्य महिलाओं के साथ पूजा-अर्चना करते हुए मुख्यमंत्री का पारंपरिक अंदाज देखने को मिला। वहीं, कार्यक्रम में महिलाओं को दी गई शुभकामनाओं और अकेली माताओं के प्रति उनके संदेश ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
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