- Home
- /
- दिल्ली-एनसीआर
- /
- फिलहाल टली क्लाउड...
दिल्ली-एनसीआर
फिलहाल टली क्लाउड सीडिंग की प्रक्रिया, IIT कानपुर के निदेशक बोले
SHIDDHANT
29 Oct 2025 9:17 PM IST

x
Delhi दिल्ली। देश की राजधानी में प्रदूषण और सूखे मौसम से राहत दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई क्लाउड सीडिंग प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया गया है। IIT कानपुर के निदेशक प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल ने बुधवार को बताया कि तकनीकी टीम ने बारिश कराने की कोशिश की थी, लेकिन बादलों में नमी बेहद कम—सिर्फ 15 प्रतिशत—होने के कारण प्रयोग सफल नहीं हो सका। प्रोफेसर अग्रवाल ने बताया, “हमने कल क्लाउड सीडिंग का प्रयास किया था, लेकिन दुर्भाग्य से बारिश नहीं हो सकी क्योंकि बादलों में नमी की मात्रा बहुत कम थी। फिर हमने सोचा कि आज फिर कोशिश करेंगे, इस उम्मीद में कि आज नमी बढ़ेगी। लेकिन सुबह पता चला कि आज नमी और भी कम है, इसलिए हमने इसे स्थगित करने का फैसला किया है।”
उन्होंने कहा कि टीम अब ऐसे बादलों का इंतजार करेगी जिनमें नमी की पर्याप्त मात्रा मौजूद हो। “जब हमें उचित नमी वाले बादल मिलेंगे, तभी क्लाउड सीडिंग की प्रक्रिया को अंजाम दिया जाएगा,” उन्होंने जोड़ा। गौरतलब है कि क्लाउड सीडिंग एक वैज्ञानिक तकनीक है जिसके जरिए विमान से रासायनिक पदार्थ (जैसे सिल्वर आयोडाइड या सोडियम क्लोराइड) को बादलों में छोड़ा जाता है, जिससे वर्षा की संभावना बढ़ जाती है। दिल्ली में इस तकनीक का उपयोग वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और सूखे मौसम में नमी बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। IIT कानपुर की यह परियोजना दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय के सहयोग से चलाई जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य है—राजधानी की खराब होती वायु गुणवत्ता में सुधार लाना। वैज्ञानिकों का मानना है कि क्लाउड सीडिंग से अस्थायी रूप से हवा में मौजूद प्रदूषक तत्व नीचे बैठ जाते हैं, जिससे AQI स्तर में सुधार देखने को मिलता है।
प्रोफेसर अग्रवाल ने बताया कि फिलहाल मौसम वैज्ञानिक लगातार बादलों की गतिविधियों और नमी के स्तर की निगरानी कर रहे हैं। “हमारा सिस्टम पूरी तरह तैयार है। जैसे ही बादल उपयुक्त नमी लेकर आएंगे, हम तुरंत सीडिंग प्रक्रिया शुरू करेंगे। हमारा लक्ष्य है कि दिल्ली की जनता को स्वच्छ और ठंडी हवा का अनुभव हो,” उन्होंने कहा। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक दिल्ली-एनसीआर के मौसम में सूखापन बना रहेगा। हालांकि, नवंबर के पहले सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ के असर से कुछ क्षेत्रों में हल्की वर्षा की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि क्लाउड सीडिंग जैसे प्रयास तब ही सफल हो सकते हैं जब वातावरण में नमी कम से कम 60% या उससे अधिक हो। फिलहाल दिल्ली की हवा बेहद सूखी है और औसतन नमी का स्तर 20% से नीचे बना हुआ है, इसलिए प्रयोग को कुछ दिनों के लिए टालना पड़ा है। इस बीच, दिल्ली सरकार ने कहा है कि वह IIT कानपुर की टीम के साथ लगातार संपर्क में है और जैसे ही मौसम अनुकूल होगा, क्लाउड सीडिंग का अगला चरण शुरू किया जाएगा।
Tagsदिल्ली क्लाउड सीडिंगIIT कानपुरप्रोफेसर मनिंद्र अग्रवालनमी स्तरदिल्ली प्रदूषणबारिश प्रयोगपर्यावरण मंत्रालयवायु गुणवत्ताAQI सुधारबादल में नमीसीडिंग प्रक्रियाप्रदूषण नियंत्रणदिल्ली मौसम अपडेटवैज्ञानिक तकनीकएयर पॉल्यूशन नियंत्रणजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारहिंन्दी समाचारजनताJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperjantasamachar newssamacharHindi news
Next Story





