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फुकेत-दिल्ली फ्लाइट के कैप्टन के डोप टेस्ट में पॉजिटिव सैंपल का दावा

Kavita2
9 Aug 2026 12:02 PM IST
फुकेत-दिल्ली फ्लाइट के कैप्टन के डोप टेस्ट में पॉजिटिव सैंपल का दावा
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नई दिल्ली। थाईलैंड के फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट के कैप्टन के साइकोएक्टिव सब्सटेंस के लिए किए गए डोप टेस्ट में सैंपल पॉजिटिव पाए जाने का दावा सामने आया है। हालांकि, इस मामले में एयर इंडिया ने अभी टेस्ट के नतीजे की पुष्टि नहीं की है। एयरलाइन का कहना है कि क्रू सदस्यों के टेस्ट किए गए थे, लेकिन टेस्ट रिपोर्ट अभी उसके साथ साझा नहीं की गई है।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब फुकेत-दिल्ली उड़ान में हाल ही में गंभीर टर्बुलेंस की घटना हुई थी। इस दौरान विमान को अचानक तेज झटकों का सामना करना पड़ा था और कुछ यात्रियों तथा क्रू सदस्यों के घायल होने की खबर सामने आई थी। घटना के बाद विमानन सुरक्षा और उड़ान संचालन से जुड़े कई पहलुओं की जांच की जा रही है।

सूत्रों के हवाले से सामने आया दावा

उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली आने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट के दिल्ली पहुंचने के बाद क्रू का अनिवार्य डोप टेस्ट किया गया था। इसी टेस्ट को लेकर सूत्रों ने दावा किया है कि विमान के कैप्टन का सैंपल साइकोएक्टिव पदार्थों की जांच में पॉजिटिव आया।

हालांकि, फिलहाल इस दावे को आधिकारिक तौर पर प्रमाणित नहीं माना जा सकता, क्योंकि एयर इंडिया ने टेस्ट के परिणाम की पुष्टि नहीं की है। एयरलाइन ने कहा है कि नियमित प्रक्रिया के तहत टेस्ट किए गए थे, लेकिन उनके नतीजे एयरलाइन को उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इसलिए जांच पूरी होने और संबंधित रिपोर्ट सामने आने तक कैप्टन के खिलाफ किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

टर्बुलेंस की घटना से भी जुड़ा मामला

फुकेत-दिल्ली उड़ान में 4 अगस्त को टर्बुलेंस की घटना हुई थी। रिपोर्टों के मुताबिक विमान को उड़ान के दौरान अचानक तेज झटकों का सामना करना पड़ा और विमान की ऊंचाई में भी अचानक बदलाव आया। इस घटना में कई क्रू सदस्यों को चोटें आईं और कुछ यात्रियों को भी चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ी।

घटना के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी DGCA ने मामले की जांच शुरू की। रिपोर्टों के अनुसार, जांच के तहत विमान का ब्लैक बॉक्स भी अपने कब्जे में लिया गया है, ताकि उड़ान के दौरान हुई घटनाओं और विमान के संचालन से संबंधित जानकारी का विश्लेषण किया जा सके।

टर्बुलेंस और डोप टेस्ट के दावे के सामने आने के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच सीधे तौर पर कोई संबंध है या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। केवल डोप टेस्ट के दावे के आधार पर टर्बुलेंस की घटना को पायलट के कथित टेस्ट परिणाम से जोड़ना उचित नहीं होगा।

साइकोएक्टिव पदार्थों की जांच क्यों महत्वपूर्ण

विमान चालक दल के लिए साइकोएक्टिव पदार्थों की जांच विमानन सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पायलट और अन्य संबंधित विमानन कर्मियों की मानसिक और शारीरिक फिटनेस सीधे उड़ान सुरक्षा से जुड़ी होती है।

नियमों के तहत कुछ विशेष पदार्थों के इस्तेमाल की जांच की जाती है। यदि किसी विमानन कर्मचारी का टेस्ट पॉजिटिव पाया जाता है, तो नियामकीय प्रक्रिया के तहत आगे की जांच और पुष्टि की जाती है। अंतिम परिणाम आने तक संबंधित कर्मचारी की उड़ान ड्यूटी पर स्थिति भी नियमों के अनुसार तय की जाती है।

ऐसे मामलों में शुरुआती टेस्ट के बाद पुष्टि करने वाला टेस्ट महत्वपूर्ण होता है। किसी शुरुआती स्क्रीनिंग में पॉजिटिव परिणाम आने का अर्थ यह नहीं माना जाता कि व्यक्ति ने निश्चित रूप से प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन किया है। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत पुष्टिकरण जांच और अन्य तथ्यों का परीक्षण किया जाता है।

एयर इंडिया का रुख

एयर इंडिया ने फिलहाल टेस्ट रिपोर्ट के पॉजिटिव होने की पुष्टि नहीं की है। एयरलाइन ने बताया कि वह अपने क्रू सदस्यों की नियमित ड्रग टेस्टिंग करती है और यह प्रक्रिया नागरिक उड्डयन नियमों के अनुरूप होती है। कंपनी के अनुसार, संबंधित टेस्ट किए गए हैं, लेकिन परिणाम अभी एयरलाइन के साथ साझा नहीं किए गए हैं।

इस स्थिति में एयरलाइन की ओर से किसी कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। टेस्ट रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित सैंपल का अंतिम परिणाम क्या है और नियामकीय स्तर पर आगे की प्रक्रिया क्या होगी।

जांच के नतीजे का इंतजार

मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण टेस्ट रिपोर्ट का आधिकारिक रूप से सामने आना है। यदि प्रारंभिक रिपोर्ट में पॉजिटिव परिणाम की पुष्टि होती है, तो संबंधित नियामकीय नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, यदि पुष्टि परीक्षण में परिणाम अलग आता है तो शुरुआती दावे की स्थिति भी बदल सकती है।

विमानन क्षेत्र में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। इसलिए किसी भी क्रू सदस्य के संबंध में स्वास्थ्य या नशीले पदार्थों से जुड़े आरोपों की जांच आधिकारिक रिपोर्ट और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर ही की जाती है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी में कैप्टन के डोप टेस्ट में पॉजिटिव सैंपल मिलने की बात सूत्रों के हवाले से सामने आई है, लेकिन एयर इंडिया ने इसकी पुष्टि नहीं की है। ऐसे में जांच पूरी होने और आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने तक इस दावे को आरोप या रिपोर्ट के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

टर्बुलेंस की घटना, क्रू की सुरक्षा और डोप टेस्ट से जुड़े दावे—इन सभी पहलुओं की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि फुकेत-दिल्ली उड़ान से जुड़े पूरे मामले में वास्तविक स्थिति क्या थी और आगे किस स्तर पर कार्रवाई की आवश्यकता है।

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