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CJP के दिल्ली प्रदर्शन पर ब्रेक: MHA ने राज्यों को दिए निर्देश
Tara Tandi
10 Oct 2026 10:46 AM IST

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नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि वे दिल्ली पुलिस के साथ तालमेल बिठाएं और शनिवार को जंतर-मंतर पर होने वाले 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध प्रदर्शन के लिए प्रदर्शनकारियों को राष्ट्रीय राजधानी की ओर बढ़ने से रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाएं।
यह प्रस्तावित प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के लिए बुलाया गया है, जिन पर मतदाता सूची के 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) में कथित अनियमितताओं का आरोप है।
सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशकों (DGPs) को भेजे गए संदेश में, मंत्रालय ने CJP समर्थकों द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों से बिना अनुमति दिल्ली में घुसने की कथित कोशिशों को देखते हुए तत्काल एहतियाती कार्रवाई की ज़रूरत पर ज़ोर दिया, जिससे सार्वजनिक शांति और व्यवस्था बिगड़ने का खतरा हो सकता है।
मंत्रालय ने किसी भी अनधिकृत जमावड़े को रोकने और कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की खुफिया एजेंसियों, सीमा और पारगमन अधिकारियों तथा दिल्ली पुलिस के बीच लगातार और रियल-टाइम खुफिया जानकारी साझा करने का भी आह्वान किया।
पत्र में, केंद्रीय गृह सचिव ने प्रस्तावित जमावड़े के संभावित नतीजों की ओर ध्यान आकर्षित किया और 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर CJP द्वारा नियोजित जमावड़े को कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक व्यवस्था के लिहाज़ से गंभीर मामला बताया।
संदेश में कहा गया है कि CJP की ओर से विरोध प्रदर्शन करने के लिए दी गई अर्ज़ी को साफ तौर पर खारिज कर दिया गया है और अधिकारियों ने प्रस्तावित जमावड़े पर रोक लगा दी है।
गृह सचिव ने सुप्रीम कोर्ट के 2018 के एक आदेश का भी ज़िक्र किया और इस बात पर ज़ोर दिया कि तय इलाके में जमावड़ों के लिए बने नियमों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए। मंत्रालय ने इस बात को रेखांकित किया कि सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना और कानून का पालन सुनिश्चित करना अधिकारियों की अहम ज़िम्मेदारी है।
पत्र में कहा गया, "मंत्रालय कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने को एक ऐसी संवैधानिक ज़रूरत मानता है जिस पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। कानून के शासन को बनाए रखने के लिए इनका सख्ती और बिना किसी समझौते के पालन किया जाना ज़रूरी है।"
मंत्रालय ने यह भी आरोप लगाया कि CJP और उसके सहयोगी राजनीतिक दलों, संगठनों और व्यक्तियों का पिछले कार्यक्रमों के दौरान कानूनी निर्देशों का पालन न करने का रिकॉर्ड रहा है। इसमें कहा गया है कि पहले भी अलग-अलग राज्यों से दिल्ली आने वाले समर्थकों की वजह से कानून-व्यवस्था बिगड़ी थी और सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। इससे प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान भी ऐसी ही घटनाओं की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई है।
पत्र में कहा गया, "अलग-अलग राज्यों से दिल्ली में उनके पिछले जमावड़े के कारण कानून-व्यवस्था में भारी गड़बड़ी हुई और सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा।"
मंत्रालय के अनुसार, विश्वसनीय खुफिया जानकारी से पता चलता है कि CJP को औपचारिक रूप से रोक के बारे में बताने के बावजूद, संगठन और उसके सहयोगी समूह कानूनी आदेशों का उल्लंघन करने और विभिन्न राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से बिना अनुमति के राष्ट्रीय राजधानी में घुसने की कोशिश कर सकते हैं।
इस सूचना में चेतावनी दी गई है कि ऐसी कोशिशों से दिल्ली में कानून-व्यवस्था की चुनौती पैदा हो सकती है, जिसके चलते केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सार्वजनिक शांति भंग होने से रोकने के लिए मिलकर कदम उठाने का निर्देश दिया है।
मंत्रालय ने कहा, "सार्वजनिक शांति भंग होने से रोकने और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया जाता है कि वे दिल्ली पुलिस के साथ तालमेल बिठाएं और कानून के दायरे में रहते हुए, व्यापक कानूनी और ऑपरेशनल नियमों के तहत तत्काल एहतियाती उपाय लागू करें।"
प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजामों के बीच कई ट्रेनें रद्द कर दी गईं, जिससे शनिवार को अलग-अलग जगहों पर जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
ट्रेनें रद्द होने के कारण रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा और कुछ यात्रियों को तो बहुत कम समय में अपनी यात्रा की योजना बदलनी पड़ी।
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