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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एक्टिव हुई CJP, शिक्षा सुधार पर फोकस

Ratna Netam
6 Aug 2026 3:47 PM IST
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एक्टिव हुई CJP, शिक्षा सुधार पर फोकस
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नई दिल्ली : शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अब अपने अगले कदम का ऐलान कर दिया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने गुरुवार को महाराष्ट्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 'क्या बोलती पब्लिक' नाम से एक नए अभियान की शुरुआत की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य देशभर के आम लोगों की समस्याओं को सीधे समझना और उन मुद्दों पर काम करना है। अभियान की शुरुआत शिक्षा क्षेत्र से की जाएगी, क्योंकि वर्तमान समय में बढ़ती फीस और शिक्षा का बढ़ता खर्च लाखों परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है।
अभिजीत दीपके ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी की पूरी टीम इस अभियान के जरिए जनता के बीच जाएगी और उनकी वास्तविक समस्याओं को जानने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि आज देश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा आम परिवारों की पहुंच से दूर होती जा रही है। निजी स्कूलों की फीस लगातार बढ़ रही है और कई संस्थानों में प्रवेश के नाम पर भारी-भरकम डोनेशन भी लिया जाता है। ऐसे हालात में मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवार अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने में असमर्थ हो रहे हैं।
दीपके ने दावा किया कि कई निजी स्कूलों में पहली कक्षा की वार्षिक फीस ही एक से दो लाख रुपये तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा किताबों, यूनिफॉर्म, परिवहन और अन्य शुल्कों के कारण शिक्षा का खर्च और भी बढ़ जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आम नागरिकों की आय सीमित है तो वे इतने महंगे शिक्षा खर्च का बोझ कैसे उठा सकते हैं। उनका कहना था कि शिक्षा किसी भी समाज की बुनियाद होती है और इसे व्यवसाय नहीं बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि स्कूलों के बाद कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों की फीस भी लगातार बढ़ रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले कई संस्थानों की फीस इतनी अधिक है कि कई परिवारों को इसके लिए कर्ज लेना पड़ता है। कॉकरोच जनता पार्टी का मानना है कि शिक्षा का अधिकार केवल आर्थिक रूप से सक्षम लोगों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि हर वर्ग के छात्र को समान अवसर मिलना चाहिए। पार्टी इसी दिशा में काम करने का प्रयास करेगी।
अपने संबोधन में अभिजीत दीपके ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम माना था। उनका मानना था कि हर व्यक्ति को शिक्षा प्राप्त करने का समान अवसर मिलना चाहिए। दीपके ने कहा कि आज शिक्षा धीरे-धीरे एक मुनाफे के कारोबार में बदलती जा रही है, जिससे समाज में असमानता बढ़ रही है। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था में सुधार समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है।
गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत एक व्यंग्यात्मक पहल के रूप में हुई थी, लेकिन समय के साथ यह विभिन्न सामाजिक मुद्दों को लेकर चर्चा में आने लगी। हाल के दिनों में राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा से जुड़े विवादों और छात्रों के आंदोलनों के बीच पार्टी की सक्रियता को लेकर कई सवाल उठ रहे थे। विशेष रूप से झारखंड समेत कई राज्यों में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान यह चर्चा थी कि कॉकरोच जनता पार्टी इन मुद्दों पर क्या रुख अपनाएगी।
अब 'क्या बोलती पब्लिक' अभियान के जरिए पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह केवल प्रतीकात्मक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को प्रमुखता से उठाने की कोशिश करेगी। अभिजीत दीपके ने दोहराया कि उनकी मंशा पारंपरिक राजनीतिक दल बनने की नहीं है। उनका उद्देश्य एक ऐसे "प्रेशर ग्रुप" के रूप में काम करना है, जो स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के जनहित के मुद्दों पर सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह अभियान शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और अन्य सामाजिक मुद्दों पर जनसमर्थन जुटाने में सफल रहता है, तो आने वाले समय में कॉकरोच जनता पार्टी एक प्रभावशाली सामाजिक दबाव समूह के रूप में अपनी अलग पहचान बना सकती है। फिलहाल पार्टी ने शिक्षा को अपनी पहली प्राथमिकता बनाते हुए आम लोगों की आवाज बनने का दावा किया है।
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