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कॉकरोच वाले बयान पर घिरे CJI सूर्यकांत छात्रों ने कॉन्वोकेशन में बुलाने का किया विरोध

Ratna Netam
9 Aug 2026 3:27 PM IST
कॉकरोच वाले बयान पर घिरे CJI सूर्यकांत छात्रों ने कॉन्वोकेशन में बुलाने का किया विरोध
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दिल्ली : हैदराबाद की नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च (NALSAR) यूनिवर्सिटी में 2026 के कॉन्वोकेशन समारोह को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। यूनिवर्सिटी के कुछ छात्रों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को समारोह की अध्यक्षता के लिए आमंत्रित किए जाने पर आपत्ति जताई है। छात्रों का कहना है कि CJI सूर्यकांत के अतीत में युवाओं और कुछ विरोध प्रदर्शनों से जुड़े कथित बयानों को देखते हुए उन्हें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बुलाने के फैसले पर विश्वविद्यालय प्रशासन को दोबारा विचार करना चाहिए।
2026 बैच के छात्रों के एक समूह ने इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार, फैकल्टी सदस्यों और प्रशासन से जुड़े अन्य अधिकारियों को पत्र लिखा है। पत्र में छात्रों ने कहा कि वे CJI सूर्यकांत को कॉन्वोकेशन में आमंत्रित किए जाने को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखना चाहते हैं। छात्रों के मुताबिक, दीक्षांत समारोह उनके शैक्षणिक जीवन का महत्वपूर्ण अवसर होता है और इस कार्यक्रम में आमंत्रित व्यक्ति की भूमिका छात्रों के लिए विशेष महत्व रखती है।
छात्रों ने अपने पत्र में हाल के कुछ न्यायिक घटनाक्रमों और CJI सूर्यकांत की कथित टिप्पणियों का उल्लेख किया है। इनमें युवाओं को कथित तौर पर 'कॉकरोच' कहे जाने और पुलिस कार्रवाई से जुड़े वीडियो देखने के लिए समय नहीं होने संबंधी कथित बयान का भी जिक्र किया गया है। छात्रों का आरोप है कि इस तरह की टिप्पणियों से युवाओं और छात्रों के प्रति असंवेदनशीलता का संदेश जाता है।
छात्रों ने पत्र में अपनी असहमति जाहिर करते हुए कहा कि जिस व्यक्ति को विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बुलाया जाता है, वह छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक और संस्थागत व्यक्तित्व होता है। ऐसे में छात्रों के अनुसार, वर्तमान परिस्थितियों में CJI को आमंत्रित करना उनके लिए सहज नहीं है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से अनुरोध किया है कि इस निर्णय पर दोबारा विचार किया जाए और छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाए।
हालांकि, जिन बयानों का छात्रों ने अपने पत्र में उल्लेख किया है, उन पर CJI सूर्यकांत की ओर से स्पष्टीकरण भी दिया जा चुका है। उन्होंने कहा था कि मीडिया में उनकी टिप्पणियों को संदर्भ से अलग करके या तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। ऐसे में पूरे विवाद में छात्रों की आपत्ति और CJI की ओर से दी गई सफाई दोनों पक्ष महत्वपूर्ण हैं।
छात्रों ने अपने पत्र में संवैधानिक जवाबदेही और अकादमिक स्वतंत्रता जैसे मुद्दों का भी उल्लेख किया है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने वाली संस्था नहीं है, बल्कि छात्रों को लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक सिद्धांतों और स्वतंत्र विचारों के लिए तैयार करने वाला संस्थान भी है। इसलिए विश्वविद्यालय प्रशासन को ऐसे फैसलों पर विचार करते समय छात्रों की भावनाओं और संस्थागत मूल्यों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
NALSAR प्रशासन की ओर से कार्यक्रम की अंतिम तारीख को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। बताया गया है कि शुरुआत में अगस्त महीने में कॉन्वोकेशन आयोजित करने का सुझाव दिया गया था, लेकिन प्रशासन की ओर से कार्यक्रम की तारीख सार्वजनिक नहीं की गई है। इसके अलावा समारोह की तैयारियां भी अभी शुरुआती चरण में हैं। जूनियर बैच के छात्रों से स्वयंसेवकों की टीम बनाने जैसे काम भी अभी शुरू नहीं किए गए हैं।
कुछ कक्षाओं की परीक्षाएं भी चल रही हैं, जिसके कारण अगस्त में कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना को लेकर भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। ऐसे में आने वाले दिनों में यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से कार्यक्रम की तारीख और CJI सूर्यकांत के निमंत्रण को लेकर कोई फैसला लिया जा सकता है।
NALSAR देश के प्रमुख कानून विश्वविद्यालयों में गिना जाता है और यहां से बड़ी संख्या में छात्र कानूनी क्षेत्र में करियर बनाते हैं। ऐसे संस्थान के दीक्षांत समारोह में देश के मुख्य न्यायाधीश को आमंत्रित किया जाना अपने आप में महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि, छात्रों की आपत्ति के बाद यह मामला अब अकादमिक कार्यक्रम से आगे बढ़कर संवैधानिक मूल्यों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और न्यायपालिका के प्रति छात्रों की धारणा से भी जुड़ गया है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की आपत्ति पर क्या निर्णय लेगा। छात्रों ने उम्मीद जताई है कि उनकी चिंताओं को किसी एक बैच की व्यक्तिगत आपत्ति के रूप में नहीं देखा जाएगा, बल्कि विश्वविद्यालय समुदाय के भीतर उठे एक व्यापक मुद्दे के तौर पर विचार किया जाएगा। अब सभी की नजरें NALSAR प्रशासन के अगले कदम पर हैं।
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