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नई दिल्ली। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवान अब नए रंग-रूप और आधुनिक डिजाइन वाली कॉम्बैट यूनिफॉर्म में नजर आएंगे। बल ने अपने कर्मचारियों के लिए नई डिजिटल ‘लाइटवेट फील्ड कॉम्बैट ड्रेस’ (LFCD) अपनाने का फैसला किया है। इस नई वर्दी को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुरानी यूनिफॉर्म से नई यूनिफॉर्म में पूरी तरह बदलाव के लिए 1 अक्टूबर 2028 तक का समय निर्धारित किया गया है। इस दौरान लगभग दो लाख सक्रिय CISF कर्मियों को मौजूदा वर्दी पहनने की अनुमति रहेगी।
CISF की कॉम्बैट यूनिफॉर्म में लगभग 20 वर्षों के बाद बड़ा बदलाव किया जा रहा है। नई वर्दी आधुनिक डिजिटल कैमोफ्लाज पैटर्न पर आधारित है। इसका उद्देश्य जवानों को बेहतर कार्यसुविधा देना और फील्ड ड्यूटी की आवश्यकताओं के अनुरूप उनकी वर्दी को आधुनिक बनाना है। नई यूनिफॉर्म एयरपोर्ट, मेट्रो और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में तैनात जवानों के लिए लागू की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, CISF की नई डिजिटल कॉम्बैट ड्रेस को हल्के वजन और आरामदायक डिजाइन के साथ तैयार किया गया है। सुरक्षा बल के जवानों को कई बार लगातार लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ती है। ऐसे में वर्दी का आरामदायक होना बेहद जरूरी माना जाता है। नई यूनिफॉर्म के डिजाइन में जवानों की कार्यगत जरूरतों और अलग-अलग परिस्थितियों में होने वाली तैनाती को ध्यान में रखा गया है।
इस बदलाव की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नई यूनिफॉर्म को एक साथ सभी कर्मचारियों पर लागू नहीं किया जाएगा। इसके लिए चरणबद्ध व्यवस्था बनाई गई है। संक्रमण अवधि के दौरान जवान अपनी पुरानी वर्दी पहनकर ड्यूटी कर सकेंगे। इससे कर्मचारियों को नई यूनिफॉर्म प्राप्त करने और उसे अपनाने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, 1 अक्टूबर 2028 तक पुरानी वर्दी से पूरी तरह बदलाव की प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, इस अंतिम समयसीमा की पुष्टि करने वाला सार्वजनिक आधिकारिक आदेश उपलब्ध स्रोतों में नहीं मिला है। नई यूनिफॉर्म अपनाने की प्रक्रिया और 2026 से इसकी शुरुआत के संबंध में रिपोर्ट सामने आई हैं।
बताया जा रहा है कि नई कॉम्बैट वर्दी में डिजिटल पिक्सेल पैटर्न का इस्तेमाल किया गया है। इसमें ऑलिव ग्रीन, खाकी ग्रीन, ब्राउन और हल्के काले रंगों का संयोजन रखा गया है। यह डिजाइन मौजूदा कॉम्बैट वर्दी से अलग दिखाई देगा। नई यूनिफॉर्म में आधुनिक सुरक्षा बलों की वर्दी के अनुरूप रंगों और पैटर्न का इस्तेमाल किया गया है।
नई कॉम्बैट ड्रेस में उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए कई विशेषताएं शामिल की गई हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इसमें दो चेस्ट पॉकेट, कंधों पर रैंक दर्शाने के लिए फ्लैप और कार्गो पैंट में अतिरिक्त जेबें होंगी। इसके अलावा आस्तीन मोड़ने के बाद उन्हें बटन से सुरक्षित रखने की सुविधा भी दी जाएगी। वर्दी के अनुरूप रंग और पैटर्न वाली बेसबॉल कैप भी इसका हिस्सा होगी, जिस पर CISF का प्रतीक चिह्न लगाया जाएगा।
नई यूनिफॉर्म को लेकर गृह मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद इसकी आपूर्ति से जुड़ी प्रक्रियाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं। संबंधित डिजिटल पैटर्न वाले कपड़े की खरीद के लिए निविदाओं की जानकारी भी सामने आई है। इससे संकेत मिलता है कि नई वर्दी के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
CISF देश के प्रमुख केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में शामिल है। यह केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करता है। इसका मुख्य दायित्व देश के महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रतिष्ठानों और संवेदनशील संस्थानों को सुरक्षा प्रदान करना है। समय के साथ इसकी जिम्मेदारियों का विस्तार हुआ है और आज यह विभिन्न प्रकार के महत्वपूर्ण परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहा है।
देश के अनेक हवाई अड्डों, मेट्रो नेटवर्क, औद्योगिक इकाइयों और महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों में CISF के जवान तैनात रहते हैं। इसके अतिरिक्त संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा और विशेष परिस्थितियों में सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियां भी बल को दी जाती हैं।
इन स्थानों पर तैनात कर्मचारियों को कई प्रकार की परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। हवाई अड्डों पर यात्रियों की सुरक्षा और जांच, औद्योगिक प्रतिष्ठानों में निगरानी तथा संवेदनशील परिसरों की सुरक्षा जैसी जिम्मेदारियां अलग-अलग चुनौतियां पेश करती हैं। ऐसे में आधुनिक और सुविधाजनक वर्दी जवानों के दैनिक कार्य में उपयोगी हो सकती है।
विशेष रूप से लंबे समय तक खड़े होकर ड्यूटी करने, लगातार गश्त करने और विभिन्न मौसमों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए वर्दी की बनावट महत्वपूर्ण होती है। हल्के वजन और सुविधाजनक डिजाइन वाली ड्रेस से जवानों को शारीरिक गतिविधियों में आसानी होने की उम्मीद है।
हालांकि, किसी नई वर्दी से वास्तविक आराम और कार्यक्षमता में कितना सुधार होता है, यह उसके इस्तेमाल और कर्मचारियों की प्रतिक्रिया के आधार पर ही स्पष्ट होगा।
CISF की नई यूनिफॉर्म केवल बाहरी रूप में बदलाव नहीं है, बल्कि इसे सुरक्षा बल के आधुनिकीकरण की प्रक्रिया से भी जोड़कर देखा जा रहा है। देश में सुरक्षा संबंधी चुनौतियों और जिम्मेदारियों के विस्तार के साथ सुरक्षा बलों के उपकरणों, प्रशिक्षण और कार्यप्रणाली में लगातार बदलाव किए जाते रहे हैं।
नई डिजिटल कॉम्बैट ड्रेस लागू होने से विभिन्न इकाइयों में तैनात जवानों के बीच वर्दी के डिजाइन में एकरूपता लाने में भी मदद मिल सकती है। बल के अधिकारियों से लेकर जवानों तक कॉम्बैट यूनिफॉर्म में बदलाव की बात सामने आई है।
वर्दी बदलने की प्रक्रिया में कपड़े की उपलब्धता, सिलाई, सही आकार और विभिन्न इकाइयों तक आपूर्ति जैसी व्यवस्थाएं भी महत्वपूर्ण होंगी। लगभग दो लाख कर्मचारियों के लिए नई वर्दी उपलब्ध कराना एक व्यापक प्रशासनिक कार्य है। इसीलिए चरणबद्ध बदलाव की व्यवस्था उपयोगी मानी जा रही है।
त्योहारी अवधि से नई कॉम्बैट वर्दी को अपनाने की प्रक्रिया शुरू होने और 26 जनवरी 2027 तक फील्ड तथा ऑपरेशनल ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों के लिए इसे उपलब्ध कराने की योजना भी मीडिया रिपोर्टों में सामने आई है।
नई यूनिफॉर्म के साथ CISF के जवानों का स्वरूप अधिक आधुनिक दिखाई देगा। महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रतिष्ठानों में तैनात कर्मचारियों की पहचान से जुड़ी वर्दी में यह बदलाव आने वाले समय में व्यापक स्तर पर नजर आने की संभावना है।
फिलहाल बल के लगभग दो लाख कर्मचारियों के लिए नई डिजिटल कॉम्बैट ड्रेस लागू करने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। संक्रमण अवधि में पुरानी यूनिफॉर्म पहनने की अनुमति से जवानों को तत्काल बदलाव की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।





