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दिल्ली मेट्रो में संदिग्ध को दौड़ाकर पकड़ने वाले CISF जवान का सम्मान
Ratna Netam
23 Oct 2026 4:35 PM IST

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नई दिल्ली। दिल्ली के जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर संदिग्ध सामान के साथ भागने की कोशिश कर रहे एक यात्री को पकड़ने वाले केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवान अभिषेक वर्मा को उनकी बहादुरी और सतर्कता के लिए सम्मानित किया गया है। सीआईएसएफ ने अभिषेक वर्मा को महानिदेशक प्रशंसा प्रमाण पत्र (Director General's Commendation Certificate) और 10 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया है। जवान ने 17 अक्टूबर 2026 को मेट्रो स्टेशन पर सुरक्षा जांच के दौरान संदिग्ध गतिविधि देखकर तत्काल कार्रवाई की थी। उनकी फुर्ती और सतर्कता के कारण यात्री को स्टेशन से बाहर निकलने से पहले पकड़ लिया गया।
संदिग्ध बैग देखकर सुरक्षा कर्मियों को हुआ शक
सीआईएसएफ के अनुसार, यह घटना 17 अक्टूबर को दिल्ली मेट्रो के जामा मस्जिद स्टेशन पर हुई थी। यहां यात्रियों के सामान की नियमित सुरक्षा जांच की जा रही थी।इसी दौरान एक यात्री अपना बैग एक्स-रे बैगेज इंस्पेक्शन सिस्टम (XBIS) मशीन में जांच के लिए लेकर पहुंचा। जैसे ही बैग स्कैनर से गुजरा, सुरक्षाकर्मियों को स्क्रीन पर एक घनी और संदिग्ध वस्तु दिखाई दी।इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने यात्री के सामान की अतिरिक्त जांच करने की प्रक्रिया शुरू की। इसी बीच यात्री अचानक वहां से भागने लगा। उसकी इस हरकत से सुरक्षा कर्मियों का संदेह और बढ़ गया।
एस्केलेटर से भागा यात्री, सीढ़ियों से दौड़े जवान
घटना के दौरान अभिषेक वर्मा ने असाधारण फुर्ती दिखाई। संदिग्ध यात्री मेट्रो स्टेशन से बाहर निकलने के लिए एस्केलेटर की ओर भागा।उसे भागता देखकर अभिषेक वर्मा तत्काल हरकत में आए और सीढ़ियों के रास्ते उसका पीछा किया। जवान तेजी से दौड़ते हुए निकास द्वार तक पहुंच गए और संदिग्ध को पकड़ लिया।इसके बाद अन्य सुरक्षाकर्मियों की मदद से यात्री को वापस सुरक्षा जांच क्षेत्र में लाया गया।इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें जवान की तेज प्रतिक्रिया और सतर्कता देखी जा सकती है। वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना।
अंडरगारमेंट में छिपाकर रखा था संदिग्ध पदार्थ
संदिग्ध यात्री को पकड़ने के बाद उसके सामान की विस्तृत जांच की गई। इस दौरान उसके अंडरगारमेंट के सिले हुए हिस्से में एक अज्ञात अर्धठोस पदार्थ छिपा हुआ मिला।सीआईएसएफ के मुताबिक, संबंधित यात्री ने खुद को मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में रहने वाला प्रवासी भारतीय (NRI) बताया था।कुछ रिपोर्टों में उसकी पहचान मोहम्मद शोएब के रूप में की गई है। बताया गया कि वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का रहने वाला है।पकड़े गए यात्री और उसके सामान को आगे की जांच के लिए दिल्ली पुलिस के हवाले कर दिया गया।
अभिषेक वर्मा को मिला सम्मान
जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर दिखाई गई असाधारण सतर्कता के लिए सीआईएसएफ ने जवान अभिषेक वर्मा को सम्मानित करने का निर्णय लिया।उन्हें महानिदेशक प्रशंसा प्रमाण पत्र के साथ 10 हजार रुपये का नकद इनाम दिया गया।सीआईएसएफ ने उनकी कार्रवाई को सुरक्षा ड्यूटी के दौरान सतर्कता, त्वरित निर्णय और जिम्मेदारी निभाने का उदाहरण माना है।
असम के रहने वाले हैं अभिषेक वर्मा
अभिषेक वर्मा मूल रूप से असम के पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले के निवासी हैं। वर्तमान में वे दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ इकाई में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अभिषेक वर्मा 29 मई 2018 को सीधी भर्ती के माध्यम से सीआईएसएफ में शामिल हुए थे। उन्हें बल में सेवा देते हुए आठ साल से अधिक समय हो चुका है।उनके अनुभव और सतर्कता ने जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन की घटना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा में CISF की महत्वपूर्ण भूमिका
दिल्ली मेट्रो में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते हैं। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बड़ी जिम्मेदारी है।सीआईएसएफ के जवान मेट्रो स्टेशनों पर सामान की जांच, यात्रियों की सुरक्षा जांच और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखते हैं।जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन की इस घटना ने दिखाया कि नियमित सुरक्षा जांच के दौरान सतर्कता कितनी आवश्यक है।हालांकि, यात्री के पास मिले पदार्थ की प्रकृति और उससे संबंधित कानूनी पहलुओं को लेकर जांच की जानकारी अलग से महत्वपूर्ण है। केवल संदिग्ध सामग्री मिलने के आधार पर किसी गंभीर अपराध में उसकी संलिप्तता की पुष्टि नहीं की जा सकती।फिलहाल अभिषेक वर्मा की तत्परता को लेकर सीआईएसएफ ने उन्हें सम्मानित किया है। उनकी कार्रवाई मेट्रो सुरक्षा में तैनात जवानों की सतर्कता और जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आई है।
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