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दिल्ली में छठ पूजा की धूम, बनेंगे 1400 से ज्यादा घाट, सार्वजनिक अवकाश के निर्देश

Rajeshwari Nishad
27 Oct 2026 10:11 PM IST
दिल्ली में छठ पूजा की धूम, बनेंगे 1400 से ज्यादा घाट, सार्वजनिक अवकाश के निर्देश
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस बार छठ महापर्व को लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। दिल्ली सरकार ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पिछले वर्ष की तुलना में अधिक छठ घाट विकसित करने का फैसला किया है। मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष राजधानी में 1,400 से अधिक छठ घाट विकसित किए जाने की संभावना है, जबकि पिछले वर्ष 1,326 घाट बनाए गए थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, बिजली और अन्य सुविधाओं में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी घाटों पर बुनियादी तैयारियां 6 नवंबर तक पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
पिछले साल से ज्यादा बनेंगे छठ घाट
दिल्ली में छठ पूजा करने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार घाटों की संख्या बढ़ाई जा रही है।सरकारी अधिकारियों ने समीक्षा बैठक में जानकारी दी कि वर्ष 2025 में कुल 1,326 छठ घाट विकसित किए गए थे।इस बार 1,400 से अधिक घाट तैयार करने का प्रस्ताव है। यानी पिछले वर्ष की तुलना में कम से कम 74 अतिरिक्त घाट बनाए जाने की संभावना है।घाटों की संख्या बढ़ने से श्रद्धालुओं को अपने घरों के नजदीक पूजा करने की सुविधा मिल सकती है।खासकर उन इलाकों में इसका फायदा होगा, जहां बड़ी संख्या में बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड से आए परिवार रहते हैं।हालांकि, घाटों की अंतिम संख्या निर्माण और संबंधित विभागों की स्वीकृति के बाद ही स्पष्ट होगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की उच्चस्तरीय बैठक
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को छठ महापर्व की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।इस बैठक में दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा, विधायक, छठ पूजा समितियों के प्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।राजस्व विभाग, दिल्ली पुलिस, यातायात पुलिस, दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली नगर निगम, नई दिल्ली नगर पालिका परिषद, लोक निर्माण विभाग और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने तैयारियों की जानकारी दीमुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को केवल कागजी रिपोर्ट पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।उन्हें व्यक्तिगत रूप से घाटों का निरीक्षण कर कमियों को दूर करना होगा।उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के मामले में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
6 नवंबर तक पूरी करनी होगी बुनियादी तैयारी
दिल्ली सरकार ने सभी संबंधित विभागों को छठ घाटों का निर्माण और विकास समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।मुख्यमंत्री के अनुसार, घाटों पर बुनियादी सुविधाओं की तैयारी 6 नवंबर तक पूरी हो जानी चाहिए।इसके बाद आवश्यकतानुसार घाटों में पानी भरने, टेंट लगाने और अंतिम सफाई जैसे कार्य किए जाएंगे।सरकार का उद्देश्य है कि महापर्व शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार रहें।मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को नियमित निरीक्षण करने और कमियों की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा है।इससे अंतिम समय में होने वाली परेशानियों को कम करने की कोशिश की जा रही है।
महिलाओं के लिए बनेंगे चेंजिंग रूम और शौचालय
छठ महापर्व में बड़ी संख्या में महिलाएं कठिन व्रत रखती हैं और घाटों पर सूर्यदेव को अर्घ्य देती हैं।इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुविधा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।सभी प्रमुख घाटों पर पर्याप्त शौचालय और कपड़े बदलने के लिए चेंजिंग रूम की व्यवस्था करने को कहा गया है।इसके अलावा साफ पानी, उचित रोशनी और बैठने की सुविधा भी महत्वपूर्ण होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि छठ पूजा स्वच्छता और पवित्रता से जुड़ा पर्व है। इसलिए घाटों और आसपास के क्षेत्रों की सफाई सुनिश्चित करना जरूरी है।
छठ घाटों पर चौबीसों घंटे होगी सफाई
इस बार दिल्ली सरकार ने घाटों पर विशेष सफाई व्यवस्था तैयार करने का निर्णय लिया है।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि 15 और 16 नवंबर को श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक रहने की संभावना है।इस दौरान सफाई कर्मचारियों की अतिरिक्त टीमें तैनात की जाएंगी।शाम के अर्घ्य से पहले, अर्घ्य समाप्त होने के बाद और अगले दिन सुबह की पूजा के बाद सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं।घाटों पर पर्याप्त संख्या में बड़े कूड़ेदान रखने और नियमित रूप से कचरा हटाने पर भी जोर दिया गया है।इससे पूजा स्थलों को स्वच्छ रखने और श्रद्धालुओं को असुविधा से बचाने में मदद मिलेगी।
घाटों तक जाने वाली सड़कों की होगी मरम्मत
छठ महापर्व के दौरान लाखों श्रद्धालु विभिन्न पूजा स्थलों तक पहुंचते हैं।इसलिए घाटों की व्यवस्था के साथ वहां तक जाने वाले रास्तों को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया है।मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि घाटों तक पहुंचने वाली सड़कों पर गड्ढे, पत्थर या निर्माण सामग्री नहीं होनी चाहिए।जरूरत के अनुसार सड़कों की मरम्मत की जाएगी।इसके अलावा धूल कम करने के लिए पानी का छिड़काव करने और पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने को कहा गया है।विशेष रूप से रात और सुबह के समय श्रद्धालुओं की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए रोशनी की व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सुरक्षा के लिए CCTV और दमकल की व्यवस्था
छठ पूजा के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने की योजना है।मुख्यमंत्री ने प्रमुख और भीड़भाड़ वाले घाटों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।बड़े घाटों के पास अग्निशमन वाहनों की तैनाती सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।इसके अलावा दिल्ली पुलिस और यातायात पुलिस को स्थानीय पूजा समितियों के साथ समन्वय करने की जिम्मेदारी दी गई है।यातायात पुलिस को पार्किंग, सड़क बंद करने और रूट डायवर्जन से संबंधित जानकारी पहले से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल सहायता पहुंचाने की व्यवस्था भी तैयार करने को कहा गया है।
दिल्ली नगर निगम 500 घाटों के विकास में करेगा सहयोग
दिल्ली नगर निगम ने भी छठ पूजा की तैयारियों में सहयोग के लिए विशेष योजना बनाई है।नगर निगम ने राजधानी में 500 घाटों के विकास के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की है।इस योजना के तहत प्रत्येक पार्षद को 40 हजार रुपये का फंड उपलब्ध कराया जाएगा।एक पार्षद इस राशि का उपयोग अपने वार्ड में दो छठ घाटों की व्यवस्था के लिए कर सकेगा।दिल्ली में कुल 250 पार्षद हैं। इस प्रकार निगम की सहायता से 500 घाटों पर सुविधाएं विकसित करने की योजना है।नगर निगम के अनुसार, इस राशि का इस्तेमाल सफाई, खुदाई, टेंट और रोशनी जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए किया जा सकेगा।यह सहायता दिल्ली सरकार की अन्य व्यवस्थाओं से अलग होगी।
13 से 16 नवंबर तक मनाया जाएगा छठ महापर्व
इस वर्ष छठ महापर्व 13 नवंबर से शुरू होकर 16 नवंबर 2026 तक चलेगा।चार दिवसीय इस पर्व की शुरुआत नहाय-खाय के साथ होगी।इसके अगले दिन 14 नवंबर को खरना की परंपरा निभाई जाएगी।15 नवंबर को व्रती डूबते सूर्य को संध्या अर्घ्य अर्पित करेंगे।इसके बाद 16 नवंबर की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ व्रत का समापन होगा।मुख्यमंत्री ने 16 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने के निर्देश भी दिए हैं।रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर भी विशेष इंतजाम
छठ महापर्व के दौरान दिल्ली से बड़ी संख्या में लोग बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड की यात्रा करते हैं।इसी को देखते हुए सरकार ने रेलवे स्टेशनों और अंतरराज्यीय बस अड्डों पर भी यात्रियों की सुविधा बढ़ाने पर जोर दिया है।मुख्यमंत्री ने रेलवे मंत्रालय के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए हैं।इसके अलावा अंतरराज्यीय बस अड्डों पर यात्रियों को जरूरी सूचनाएं उपलब्ध कराने और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था करने को कहा गया है।जरूरत पड़ने पर नागरिक सुरक्षा कर्मियों की भी मदद ली जा सकती है।
मॉडल घाटों पर होगी विशेष सजावट
दिल्ली सरकार ने प्रमुख मॉडल छठ घाटों को विशेष रूप से सजाने की योजना बनाई है।इन घाटों पर स्वागत द्वार और आवश्यकता के अनुसार एलईडी स्क्रीन लगाने के निर्देश दिए गए हैं।एलईडी स्क्रीन पर छठ पूजा से संबंधित जानकारी दिखाई जाएगी।इसके अलावा सरकार इस बार विदेशी राजदूतों और उच्चायुक्तों को भी छठ पूजा समारोह में आमंत्रित करने की योजना बना रही है।इसके लिए भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के साथ समन्वय कर उपयुक्त आयोजन स्थल का चयन किया जाएगा।
पूर्वांचल के लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है छठ पर्व
छठ पूजा बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड का प्रमुख धार्मिक पर्व है।हालांकि, अब इसे दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में भी बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है।दिल्ली में पूर्वांचल मूल के लाखों परिवार रहते हैं, जिनके लिए छठ महापर्व आस्था और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर है।इस पर्व में सूर्यदेव और छठी मईया की आराधना की जाती है।श्रद्धालु परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना करते हैं।
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