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नर्सरी छात्रा से दरिंदगी मामले में चार्जशीट दाखिल, CCTV बनेगा अहम सबूत

nidhi
3 Oct 2026 9:29 AM IST
नर्सरी छात्रा से दरिंदगी मामले में चार्जशीट दाखिल, CCTV बनेगा अहम सबूत
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नर्सरी छात्रा मामले में जांच पूरी
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में नर्सरी की छात्रा से दरिंदगी के मामले में पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। मामले में घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग के साथ आरोपी ड्राइवर के मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्य अहम माने जा रहे हैं। इन साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने और आरोपी की गतिविधियों से जुड़े तथ्यों को अदालत के सामने रखा गया है।
मामला छोटी बच्ची से जुड़ा होने के कारण शुरुआत से ही बेहद संवेदनशील रहा है। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पीड़िता और उसके परिवार से जुड़ी जानकारी को गोपनीय रखते हुए घटनास्थल से उपलब्ध साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस की जांच में सीसीटीवी फुटेज को महत्वपूर्ण माना गया है। घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की गई कि घटना के आसपास आरोपी की गतिविधियां क्या थीं। कैमरों में दर्ज समय और आवाजाही से जुड़े रिकॉर्ड को दूसरे साक्ष्यों के साथ मिलाकर देखा गया है।
आरोपी ड्राइवर का मोबाइल फोन भी जांच का अहम हिस्सा बना है। मोबाइल से मिले डिजिटल डेटा के आधार पर घटना के समय उसकी लोकेशन, संपर्क और दूसरी गतिविधियों की पड़ताल की गई। जांच एजेंसियां ऐसे मामलों में कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और अन्य डिजिटल जानकारी को तकनीकी साक्ष्य के रूप में जांचती हैं। चार्जशीट में पुलिस ने जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को शामिल किया है। इसके अलावा मामले से संबंधित लोगों के बयान और मेडिकल जांच से जुड़े रिकॉर्ड भी न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण होंगे। अदालत अब चार्जशीट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की सुनवाई करेगी।
नाबालिग से जुड़े यौन अपराध के मामलों में जांच के दौरान पीड़िता की पहचान सार्वजनिक नहीं की जाती। कानून में बच्चों की पहचान और निजता की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान हैं। इसी कारण मामले में बच्ची या उसके परिवार से जुड़ी ऐसी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए, जिससे उसकी पहचान उजागर हो सके।
इस मामले में सीसीटीवी कैमरे और मोबाइल फोन से मिलने वाले डिजिटल सबूत इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इनसे घटनाक्रम के समय और संबंधित व्यक्तियों की गतिविधियों की पुष्टि करने में मदद मिल सकती है। इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को अन्य साक्ष्यों के साथ जोड़कर पूरे घटनाक्रम को अदालत के सामने प्रस्तुत किया जाता है। चार्जशीट दाखिल होना किसी आपराधिक मामले की जांच के बाद न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण होता है। इसमें जांच एजेंसी आरोपी के खिलाफ जुटाए गए साक्ष्यों और लगाए गए आरोपों का विवरण अदालत को सौंपती है। इसके बाद अदालत कानून के मुताबिक आरोपों और साक्ष्यों पर विचार करते हुए आगे की प्रक्रिया तय करती है।
दिल्ली में सामने आए इस मामले ने स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाई है। स्कूल परिवहन और बच्चों के संपर्क में आने वाले कर्मचारियों की निगरानी तथा सत्यापन जैसे सुरक्षा उपायों को प्रभावी तरीके से लागू करना महत्वपूर्ण माना जाता है। फिलहाल मामले में चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज, आरोपी ड्राइवर के मोबाइल से मिले डिजिटल रिकॉर्ड और जांच के दौरान जुटाए गए अन्य साक्ष्य अब न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा होंगे। आगे अदालत में सुनवाई के दौरान इन साक्ष्यों के आधार पर मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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