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Panchayati राज व्यवस्था को मजबूती, केंद्र का बड़ा वित्तीय कदम

Ratna Netam
3 July 2026 8:12 PM IST
Panchayati  राज व्यवस्था को मजबूती, केंद्र का बड़ा वित्तीय कदम
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New Delhi नई दिल्ली : लखनऊ। देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद माने जाने वाले ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर और मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। इसी क्रम में शुक्रवार को नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय द्वारा 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।इस उच्च स्तरीय कार्यशाला में देशभर के राज्यों के पंचायती राज मंत्रियों और शीर्ष नीति निर्माताओं ने भाग लिया। उत्तर प्रदेश की ओर से पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने भी इसमें हिस्सा लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आयोग की नई सिफारिशों के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन की रूपरेखा तैयार करना रहा।

सरकारी जानकारी के अनुसार, आगामी पांच वर्षों (2026-27 से 2030-31) के लिए ग्रामीण स्थानीय निकायों को कुल 4,35,236 करोड़ रुपये का विशाल अनुदान देने का निर्णय लिया गया है। यह राशि 15वें वित्त आयोग की तुलना में लगभग 84 प्रतिशत अधिक है, जिसे ग्रामीण विकास के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।इस बढ़ी हुई अनुदान राशि का उपयोग गांवों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, सार्वजनिक सेवाओं के स्तर में सुधार लाने और ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए किया जाएगा। इसमें पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता व्यवस्था, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, ग्रामीण सड़कों का विकास, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और शिक्षा सुविधाओं को बेहतर बनाने जैसे कार्य शामिल हैं।

अधिकारियों के अनुसार, इस वित्तीय सहायता से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति तेज होगी और स्थानीय निकायों को अपने स्तर पर योजनाओं को लागू करने में अधिक स्वतंत्रता और क्षमता मिलेगी।कार्यशाला में मौजूद विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने इस बात पर जोर दिया कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए इन निधियों का सही उपयोग किया जाए, ताकि इसका सीधा लाभ ग्रामीण जनता तक पहुंच सके।कुल मिलाकर, केंद्र सरकार की यह पहल ग्रामीण भारत के ढांचे को मजबूत करने और विकास की नई दिशा देने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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