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अरुणाचल के तीन जिलों में AFSPA छह महीने बढ़ा केंद्र ने जारी किया आदेश
Ratna Netam
25 Sept 2026 8:02 PM IST

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश के तीन जिलों और नामसाई जिले के कुछ इलाकों में सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम यानी AFSPA को छह महीने के लिए आगे बढ़ा दिया है। नया आदेश 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा और 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगा, हालांकि परिस्थितियों के आधार पर इसे इससे पहले भी वापस लिया जा सकता है।केंद्रीय गृह मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश के तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग जिलों को AFSPA की धारा 3 के तहत ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित किया गया है। इसके अलावा असम की सीमा से लगे नामसाई जिले में नामसाई, महादेवपुर और चौखम पुलिस थानों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले इलाकों में भी यह व्यवस्था लागू रहेगी।
गृह मंत्रालय ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया है। इन क्षेत्रों में AFSPA पहले से लागू है। मार्च 2026 में जारी पिछली अधिसूचना के तहत इन्हीं इलाकों को 1 अप्रैल 2026 से छह महीने के लिए ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित किया गया था। उस अधिसूचना की अवधि 30 सितंबर को पूरी हो रही है। अब नए आदेश के जरिए व्यवस्था को अगले छह महीने के लिए जारी रखा गया है।AFSPA के तहत किसी क्षेत्र को ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित किए जाने के बाद वहां तैनात सशस्त्र बलों को कानून में निर्धारित विशेष अधिकार मिलते हैं। यह कानून सुरक्षा बलों को निर्धारित परिस्थितियों में अभियान चलाने, तलाशी लेने और बिना वारंट गिरफ्तारी करने जैसी शक्तियां देता है। इन शक्तियों के इस्तेमाल को लेकर कानून में शर्तें भी निर्धारित हैं।अरुणाचल प्रदेश के जिन क्षेत्रों में AFSPA लागू रखा गया है, वे राज्य के पूर्वी हिस्से में स्थित हैं। तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग लंबे समय से सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील जिलों में गिने जाते रहे हैं। केंद्र सरकार समय-समय पर इन क्षेत्रों की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा परिस्थितियों की समीक्षा के आधार पर ‘अशांत क्षेत्र’ संबंधी अधिसूचना जारी करती रही है।
मार्च 2026 की आधिकारिक अधिसूचना में भी गृह मंत्रालय ने कहा था कि अरुणाचल प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के बाद तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग के साथ नामसाई जिले के संबंधित पुलिस थाना क्षेत्रों में AFSPA को छह महीने जारी रखने का निर्णय लिया गया है। उस समय यह अवधि 1 अप्रैल से लागू की गई थी।इससे पहले सितंबर 2025 में भी इन्हीं तीन जिलों और नामसाई के नामसाई, महादेवपुर तथा चौखम पुलिस थाना क्षेत्रों को 1 अक्टूबर 2025 से ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित किया गया था। इससे स्पष्ट है कि सरकार इन क्षेत्रों में छह-छह महीने के अंतराल पर स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिसूचना की अवधि तय करती रही है। गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर भी अरुणाचल प्रदेश से संबंधित पिछली AFSPA अधिसूचनाएं दर्ज हैं।
AFSPA की धारा 3 केंद्र या संबंधित प्राधिकरण को किसी क्षेत्र की परिस्थितियों को देखते हुए उसे ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित करने की व्यवस्था देती है। इसके बाद कानून के अन्य प्रावधान उस क्षेत्र में लागू होते हैं। अरुणाचल प्रदेश में यह कानून पूरे राज्य में लागू नहीं है, बल्कि केंद्र द्वारा अधिसूचित चुनिंदा जिलों और पुलिस थाना क्षेत्रों तक सीमित है।ताजा आदेश के बाद भी यही व्यवस्था जारी रहेगी। तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग के पूरे जिले इसके दायरे में रहेंगे, जबकि नामसाई जिले में केवल असम सीमा से लगे तीन पुलिस थाना क्षेत्रों—नामसाई, महादेवपुर और चौखम—को इसके तहत रखा गया है।
AFSPA पूर्वोत्तर भारत में लंबे समय से सार्वजनिक और राजनीतिक बहस का विषय रहा है। सुरक्षा एजेंसियां इसे उग्रवाद प्रभावित या संवेदनशील क्षेत्रों में अभियान चलाने के लिए जरूरी कानूनी ढांचे के रूप में देखती रही हैं। दूसरी ओर नागरिक अधिकार संगठनों और विभिन्न राजनीतिक समूहों की ओर से इसके व्यापक अधिकारों को लेकर समय-समय पर सवाल उठाए जाते रहे हैं।पिछले कुछ वर्षों में पूर्वोत्तर के कई क्षेत्रों से AFSPA का दायरा घटाया भी गया है। इसके बावजूद जिन इलाकों को सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है, वहां समीक्षा के बाद इसे जारी रखा जाता है। अरुणाचल प्रदेश में भी इसका दायरा फिलहाल पूरे राज्य के बजाय चुनिंदा इलाकों तक सीमित है।
तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग जिलों की भौगोलिक स्थिति भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। ये इलाके अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के करीब हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने अतीत में इस क्षेत्र में सक्रिय विभिन्न उग्रवादी संगठनों से संबंधित गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाए हैं। इसी पृष्ठभूमि में केंद्र समय-समय पर क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करता है।गृह मंत्रालय के ताजा फैसले का अर्थ है कि 1 अक्टूबर से अगले छह महीनों तक इन अधिसूचित क्षेत्रों में AFSPA की मौजूदा कानूनी व्यवस्था जारी रहेगी। हालांकि अधिसूचना में यह प्रावधान भी है कि जरूरत पड़ने पर छह महीने की अवधि पूरी होने से पहले ‘अशांत क्षेत्र’ का दर्जा वापस लिया जा सकता है।
सरकार के इस फैसले के बाद अब तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग तथा नामसाई जिले के तीन निर्धारित पुलिस थाना क्षेत्रों में 31 मार्च 2027 तक AFSPA लागू रहने का रास्ता साफ हो गया है। इसके बाद केंद्र सरकार एक बार फिर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा परिस्थितियों की समीक्षा कर आगे का निर्णय ले सकती है।इस तरह केंद्र ने अरुणाचल प्रदेश में AFSPA का दायरा बढ़ाने के बजाय वर्तमान में अधिसूचित क्षेत्रों में इसकी अवधि को छह महीने और जारी रखा है। ताजा फैसला उन्हीं क्षेत्रों पर लागू है जहां पहले से यह कानून प्रभावी था।
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